फर्रुखाबाद में बंदूक से गोलियों की बौछार करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार, जब्त की गई रिवाल्वर और अन्य सामान

9209d72f-df76-4d36-b395-0d013c80f0ce

रिपोर्ट – हर्ष वर्मा

फर्रुखाबाद: जिले के मोहम्मदाबाद क्षेत्र में जमीन संबंधी विवाद के बाद हुई फायरिंग और मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी .32 बोर रिवाल्वर, जिंदा कारतूस, खाली खोखे तथा अन्य सामान बरामद किया है।

बरामदगी के आधार पर मुख्य आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) गिरीश कुमार ने मामले की जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि घटना छह जुलाई को मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुडगांव में हुई थी, जहां दो पक्षों के बीच जमीन और वर्चस्व को लेकर पुराना विवाद सामने आया।

विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट और फायरिंग की घटना हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए।

जमीन विवाद के बाद बढ़ा तनाव

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों पक्षों के बीच भूमि से जुड़ा विवाद पहले से चला आ रहा था।

घटना वाले दिन विवाद ने अचानक उग्र रूप ले लिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और अन्य वस्तुओं से हमला किए जाने के आरोप हैं।

इसी दौरान फायरिंग की भी सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी।

कई लोग हुए घायल

घटना में ग्राम प्रधान के पति सतेन्द्र सिंह घायल हो गए। इसके अलावा उनके पुत्र अभय तथा राहुल नामक युवक भी घायल हुए। वहीं मनोज सहित अन्य लोगों को भी चोटें आईं।

घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी तथ्यों की पुष्टि विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। चिकित्सा रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।

शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मुकदमा

घटना के बाद वादिनी की तहरीर के आधार पर मोहम्मदाबाद कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की और साक्ष्य एकत्र किए।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।

इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रामनारायण, मनीष, अजीत, रामनरेश और शिवनरेश, सभी ग्राम मुडगांव निवासी हैं।

पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी रामनारायण ने पुलिस को बताया कि उसका सतेन्द्र सिंह के साथ जमीन और स्थानीय वर्चस्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान प्राप्त जानकारी का सत्यापन अन्य साक्ष्यों के साथ किया जा रहा है।

लाइसेंसी रिवाल्वर सहित अन्य सामान बरामद

पुलिस ने मुख्य आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बताई जा रही लाइसेंसी .32 बोर रिवाल्वर बरामद की है।

इसके अलावा चार जिंदा कारतूस, चार खाली खोखे, तीन लकड़ी के डंडे और एक लोहे का पाइप भी बरामद किया गया है।

बरामद सामान को पुलिस ने जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक एवं अन्य आवश्यक जांच प्रक्रियाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है।

पुलिस का कहना है कि बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों को केस डायरी में शामिल किया जा रहा है।

अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह पुष्टि होने पर कि घटना में लाइसेंसी हथियार का उपयोग किया गया था, मुख्य आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके अनुरूप भी कदम उठाए जाएंगे।

निष्पक्ष जांच पर पुलिस का जोर

एएसपी गिरीश कुमार ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों का वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से परीक्षण कराया जा रहा है।

यदि विवेचना के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस और प्रशासन से संपर्क करें।

समय रहते सूचना देने से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है और विवादों का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है।

कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी रहे।

साथ ही, पुलिस ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत विवादों का समाधान बातचीत, राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।

किसी भी प्रकार का हिंसक या अवैध कदम कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

मोहम्मदाबाद में जमीन विवाद से जुड़े इस मामले में पुलिस द्वारा पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना से संबंधित सामान की बरामदगी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार के विवाद में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी विवाद की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है|

You may have missed