मथुरा में लगने वाला है मुड़िया पूनो मेला 2026: गोवर्धन में 9 सुपर जोन में बंटेगा क्षेत्र, इन पर रहेगा विशेष फोकस
रिपोर्ट – योगेश भरतद्वाज
मथुरा/गोवर्धन: ब्रज क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल मुड़िया पूनो मेला 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
आगामी 23 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।
इसी क्रम में बुधवार को मथुरा में आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) एस. के. भगत की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप, डीआईजी शैलेश पांडेय, जिलाधिकारी सी.पी. सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन. सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त मंदिर प्रबंधन समितियों, सेवायतों तथा संत समाज के प्रतिनिधियों ने भी भाग लेकर अपने सुझाव प्रशासन के सामने रखे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 9 सुपर जोन में होगा मेला क्षेत्र का विभाजन
बैठक के दौरान एडीजी एस. के. भगत ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन तथा कई सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा बलों की त्वरित तैनाती, बेहतर निगरानी और किसी भी आपात स्थिति में शीघ्र प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
प्रत्येक सुपर जोन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं सेक्टर स्तर पर पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों की संयुक्त निगरानी रहेगी।
इससे भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभालने में सहायता मिलेगी।
अस्थायी पुलिस चौकियां और अतिरिक्त पुलिस बूथ होंगे स्थापित
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर अस्थायी पुलिस चौकियां और नए पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए जाएंगे।
इन बूथों पर पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे अलग-अलग पारियों में तैनात रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके साथ ही भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, प्रमुख मंदिरों, परिक्रमा मार्ग, पार्किंग स्थलों और मुख्य प्रवेश मार्गों पर विशेष पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित न हो।
संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार होगी पेट्रोलिंग
समीक्षा बैठक में यह भी तय किया गया कि मेले के दौरान संवेदनशील और अत्यधिक भीड़ वाले इलाकों में लगातार पुलिस पेट्रोलिंग कराई जाएगी।
इसके लिए विशेष गश्ती दल गठित किए जाएंगे, जो दिन-रात सक्रिय रहेंगे।
यदि कहीं भी भीड़ का दबाव बढ़ता है या किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो संबंधित टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करेगी।
इसके अलावा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पूरे मेले की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर तैयार हुई नई रणनीति
बैठक में मंदिर प्रबंधकों, सेवायतों और संत समाज के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव साझा किए।
उन्होंने पिछले वर्षों में सामने आई चुनौतियों और व्यवस्थाओं से जुड़े अनुभव प्रशासन के साथ साझा किए।
इन सुझावों के आधार पर इस वर्ष कई व्यवस्थाओं में सुधार करने का निर्णय लिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पहले कमियां सामने आई थीं, उन्हें इस बार प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।
यातायात प्रबंधन रहेगा प्रशासन की प्राथमिकता
मुड़िया पूनो मेले के दौरान गोवर्धन और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। इसे देखते हुए पुलिस और यातायात विभाग विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार कर रहे हैं।
मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कराया जाएगा।
पार्किंग स्थलों की व्यवस्था भी पहले से अधिक सुव्यवस्थित की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया जाएगा, जिसकी जानकारी पहले से सार्वजनिक की जाएगी।
स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं पर भी रहेगा विशेष ध्यान
सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।
मेले के दौरान साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक उपचार केंद्रों और एम्बुलेंस सेवाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी ताकि आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।
अतिरिक्त पुलिस बल की मांग पूरी
एडीजी एस. के. भगत ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और डीआईजी द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल की जो मांग की गई थी, उसे जोन स्तर से स्वीकृत कर दिया गया है। इससे मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी रहेगी।
उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सहज वातावरण उपलब्ध कराना भी है।
इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
एडीजी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र का नियमित निरीक्षण भी करेगा।
धार्मिक आस्था और प्रशासनिक तैयारी का समन्वय
मुड़िया पूनो मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ब्रज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा कर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। ऐसे में प्रशासन का प्रयास है कि धार्मिक गरिमा बनाए रखते हुए आधुनिक सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था भी प्रभावी रूप से लागू की जाए।
इसी उद्देश्य से पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय, विकास प्राधिकरण, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं।
23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले मुड़िया पूनो मेला 2026 को लेकर प्रशासन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं।
9 सुपर जोन में मेला क्षेत्र का विभाजन, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, अस्थायी पुलिस चौकियां, निरंतर पेट्रोलिंग, बेहतर यातायात प्रबंधन और श्रद्धालु सुविधाओं पर विशेष ध्यान इस बार की तैयारियों की प्रमुख विशेषताएं हैं।
प्रशासन को उम्मीद है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों और व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के चलते इस वर्ष का मुड़िया पूनो मेला शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न होगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद धार्मिक अनुभव प्राप्त होगा।

