कानपुर के 11,484 शिक्षक व शिक्षा कार्मिकों को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज, CM योजना हुई लागू
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा कार्मिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ के साथ अब कानपुर नगर के 11,484 शिक्षक एवं शिक्षा कार्मिक तथा उनके आश्रित परिवारों को 5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी या उपचार के समय आर्थिक चिंता से मुक्त कर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
बुधवार को मर्चेंट चेंबर हॉल, कानपुर में आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने पात्र शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। कार्यक्रम के दौरान वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। इसके साथ ही बिल्हौर, घाटमपुर और नरवल तहसीलों में भी समांतर कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों को कार्ड वितरित किए गए।
11,484 शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों को मिलेगा लाभ
जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत कानपुर नगर के कुल 11,484 शिक्षक एवं शिक्षा कार्मिक लाभान्वित होंगे। इनमें विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं—
- 5,936 शिक्षक
- 1,968 शिक्षामित्र
- 122 अनुदेशक
- 20 विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन)
- 3,438 रसोइये
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके पात्र आश्रित परिवारों को भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। इससे हजारों परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। अर्थात यदि किसी शिक्षक या उनके आश्रित को गंभीर बीमारी अथवा बड़े उपचार की आवश्यकता होती है, तो निर्धारित सीमा तक उपचार का खर्च सीधे योजना के माध्यम से वहन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए यह योजना शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच साबित हो सकती है। इससे इलाज में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
राकेश सचान बोले— सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षकों की समस्याओं और आवश्यकताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षक संगठनों द्वारा कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग की जा रही थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के बाद अब शिक्षकों और शिक्षा कार्मिकों के परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 12 लाख से अधिक शिक्षक एवं शिक्षा कार्मिक इस योजना से लाभान्वित होंगे तथा इसके संचालन पर राज्य सरकार लगभग ₹450 करोड़ खर्च करेगी।
डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई सहायता राशि
कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने हेतु प्रति छात्र 1,200 की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से जारी की गई है।
इसके लिए राज्य सरकार ने 1,300 करोड़ से अधिक की धनराशि विद्यार्थियों और अभिभावकों के खातों में हस्तांतरित की है।
राकेश सचान ने अभिभावकों से अपील की कि इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं पर ही किया जाए, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हो सकें।
स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने का आह्वान
अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री ने शिक्षकों से स्कूल चलो अभियान को और प्रभावी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिक्षक यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक होगा जब प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे। इसलिए विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
शिक्षकों को मिलेगा 80 लाख तक का बीमा सुरक्षा कवर
कार्यक्रम के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच हुए एमओयू के तहत शिक्षकों को 30 लाख से 80 लाख तक का बीमा सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
इस सुविधा के लिए शिक्षकों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यदि किसी शिक्षक के साथ दुर्घटना जैसी अप्रत्याशित घटना होती है, तो उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा बच्चों की शिक्षा तथा पुत्री के विवाह जैसी आवश्यकताओं में भी सहायता का प्रावधान किया गया है।
ऐसे मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों को सरकार द्वारा विकसित विशेष पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही उन्हें अपने आश्रित परिवार के सदस्यों का विवरण भी ऑनलाइन दर्ज करना होगा।
इसके बाद संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के स्तर पर आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी का कैशलेस चिकित्सा कार्ड जनरेट कर दिया जाएगा, जिसके माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार कराया जा सकेगा।
जनप्रतिनिधियों ने वितरित किए कार्ड
कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक महेश त्रिवेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, सुरेंद्र अवस्थी, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह तथा मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए।
इस अवसर पर एडी बेसिक शिवेंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस प्रवीण कुमार तिवारी, एडीआईओएस प्रशांत कुमार द्विवेदी, बीएसए हरिओम सिंह सहित शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे शिक्षकों और शिक्षा कार्मिकों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी। साथ ही उनके आश्रित परिवारों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो यह न केवल शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगी बल्कि शिक्षा व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ाएगी।
कानपुर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ हजारों शिक्षक एवं शिक्षा कार्मिक परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। 5 लाख तक कैशलेस इलाज, आश्रित परिवारों को भी कवरेज, बीमा सुरक्षा और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से यह योजना शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी। आने वाले समय में इसके सफल क्रियान्वयन से हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

