राम मंदिर दान प्रबंधन में बड़ा बदलाव: बैंक संचालन में 3 हस्ताक्षर अनिवार्य, सुरक्षा व्यवस्था भी हुई मजबूत

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Digital UP News Desk 

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में दान प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर से जुड़े बैंक खातों के संचालन में एकल हस्ताक्षर की बजाय तीन अधिकृत पदाधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। इसके साथ ही दान की गणना प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ किया गया है।

ट्रस्ट की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, जवाबदेही सुनिश्चित करना और दान प्रबंधन को अधिक सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान की सुरक्षा और उसके व्यवस्थित संचालन के लिए कई अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।

दो सहयोगियों की हुई नियुक्ति

नई व्यवस्था के तहत कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन के साथ दो सहयोगियों की नियुक्ति की गई है। अब बैंक खातों के संचालन में कृष्ण मोहन, जगदीश और चंदन राय संयुक्त रूप से अधिकृत होंगे।

इसके अनुसार बैंक से संबंधित किसी भी प्रकार के वित्तीय लेनदेन अथवा अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रिया के लिए इन तीनों के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। इससे बैंक संचालन में सामूहिक जवाबदेही सुनिश्चित होगी और वित्तीय प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेगी।

पहले कैसी थी व्यवस्था

अब तक राम मंदिर से जुड़े बैंक खातों के संचालन की व्यवस्था अलग थी। पूर्व व्यवस्था के अनुसार बैंकिंग संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से अनिल मिश्रा के पास थी और अधिकांश बैंक दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर ही मान्य होते थे।

वहीं, डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग गोविंद गिरी द्वारा किया जाता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब वित्तीय निर्णयों में एक से अधिक अधिकृत पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की बहु-हस्ताक्षर प्रणाली से पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होती हैं।

तीन हस्ताक्षरों के बाद ही होगा बैंक ट्रांजैक्शन

नई व्यवस्था के अनुसार अब बैंक खाते से जुड़े किसी भी प्रकार के लेनदेन, भुगतान अथवा अन्य वित्तीय प्रक्रिया के लिए कृष्ण मोहन, जगदीश और चंदन राय तीनों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।

इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक वित्तीय निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाए और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी हों।

दान गणना स्थल पर बढ़ाई गई निगरानी

ट्रस्ट ने दान गणना प्रक्रिया को भी अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। अब दान गणना स्थल पर कुल 43 अधिकृत लोग मौजूद रहेंगे, जो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दान की गणना और उससे जुड़े कार्यों को पूरा करेंगे।

इस व्यवस्था से कार्यों का बेहतर विभाजन होगा और पूरी प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न की जा सकेगी।

13 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ट्रस्ट ने 13 नए सीसीटीवी कैमरे भी स्थापित किए हैं। जिन स्थानों पर पहले कैमरों की कमी थी या निगरानी अपेक्षाकृत कम थी, वहां अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं।

इससे दान पेटी से लेकर गणना स्थल तक की गतिविधियों पर पहले की तुलना में अधिक प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। साथ ही किसी भी परिस्थिति में आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा।

दान पेटी से गणना स्थल तक रहेगी कड़ी सुरक्षा

दान पेटी से गणना स्थल तक दान सामग्री को सुरक्षित पहुंचाने के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत इस पूरे मार्ग पर 27 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये सभी सुरक्षाकर्मी एसआईएस (SIS) से संबंधित होंगे और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।

इसके अतिरिक्त स्थानीय पुलिस की भी अलग से ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बहुस्तरीय बनी रहे।

पुलिस की अतिरिक्त तैनाती

ट्रस्ट और प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कुछ विशेष स्थानों की पहचान भी की है। दान पेटी और गणना स्थल के बीच विभिन्न पिलरों के पास पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

विशेष रूप से पिलर नंबर 34 के पास अतिरिक्त तीन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इस स्थान को इसलिए महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि यहां गुप्त दान पेटी रखी गई है।

अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य दान प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर

राम मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और दान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में दान प्रबंधन की पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

नई व्यवस्था के तहत बैंक संचालन में सामूहिक हस्ताक्षर, अतिरिक्त निगरानी, अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती तथा सीसीटीवी नेटवर्क का विस्तार इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बहु-स्तरीय निगरानी और संयुक्त निर्णय प्रणाली से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनती हैं।

श्रद्धालुओं के विश्वास को मिलेगा बल

धार्मिक संस्थानों में पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी उद्देश्य से ट्रस्ट ने दान प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर नई व्यवस्थाएं लागू की हैं।

इसके अलावा आधुनिक तकनीक और डिजिटल निगरानी व्यवस्था का विस्तार भविष्य में भी दान प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक होगा।

राम मंदिर में दान प्रबंधन व्यवस्था में किए गए नए बदलाव प्रशासनिक पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। अब बैंक खातों के संचालन में तीन हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे, दान गणना प्रक्रिया में अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं तथा सुरक्षा व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत किया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य दान प्रबंधन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

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