फरार वारंटी अभियुक्त को जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने बिहार से किया गिरफ्तार, एनडीपीएस एक्ट में था वांछित

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रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा 

कानपुर: रेल यात्रियों से जुड़ी चोरी की घटनाओं की रोकथाम और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जीआरपी कानपुर सेंट्रल पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी अभियुक्त को बिहार के कटिहार जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान समीर (26) पुत्र सिकन्दर, निवासी कश्यान बायापार सोई, थाना बलरामपुर, जिला कटिहार, बिहार के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, अभियुक्त के खिलाफ थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मुकदमा दर्ज था। इस मामले में न्यायालय एडीजे-16, कानपुर नगर से अभियुक्त के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) तथा सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत कार्रवाई के आदेश प्राप्त हुए थे। इसके बाद से ही जीआरपी पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

रेल अपराधों पर नियंत्रण के लिए चलाया जा रहा अभियान

रेलवे क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में फरार और वांछित अभियुक्तों के साथ-साथ न्यायालय से जारी वारंट वाले आरोपियों की गिरफ्तारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम ने ऐसे अभियुक्तों की जानकारी जुटाकर उनकी गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज किया। इसी दौरान समीर के संबंध में पुलिस टीम को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर टीम ने उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकाने की जानकारी जुटानी शुरू की।

इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और सूचना तंत्र से मिली मदद

जीआरपी पुलिस के मुताबिक, समीर काफी समय से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने ठिकाने पर लगातार मौजूद नहीं रहता था। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी।

हालांकि, पुलिस टीम ने हार नहीं मानी और अभियुक्त तक पहुंचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों और सूचना तंत्र का सहारा लिया। लगातार जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को उसके बिहार स्थित घर के संबंध में सुराग मिला।

जानकारी की पुष्टि करने के बाद जीआरपी की टीम ने बिहार पहुंचकर अभियुक्त की तलाश शुरू की। पुलिस के अनुसार, टीम ने समीर को उसके घर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

लंबे समय से फरार चल रहा था अभियुक्त

पुलिस के अनुसार, समीर संबंधित मामले में काफी समय से फरार चल रहा था। न्यायालय से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के साथ-साथ सीआरपीसी की धारा 82 और 83 के तहत भी कार्रवाई की गई थी।

इसके बावजूद अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। ऐसे में जीआरपी द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान उसकी गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय से जारी वारंटों की तामील और लंबे समय से फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसी के साथ रेलवे क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

जीआरपी कानपुर सेंट्रल की टीम ने की कार्रवाई

अभियुक्त की गिरफ्तारी प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। टीम ने इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से मिली जानकारी और स्थानीय सूचना तंत्र के आधार पर अभियुक्त के बारे में जानकारी एकत्र की।

इसके बाद टीम ने बिहार पहुंचकर अभियुक्त को उसके घर के बाहर से गिरफ्तार किया। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के साथ उपनिरीक्षक शिव बाबू यादव, उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, हेड कांस्टेबल शिव सिंह, वैश खान, कांस्टेबल दीपक यादव और अश्वनी मौर्य शामिल रहे।

टीम के सदस्यों ने समन्वय के साथ कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार किया।

रेलवे में अपराध रोकने पर पुलिस का जोर

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में रेलवे परिसर और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा जीआरपी की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।

यात्रियों के सामान की चोरी, आपराधिक गतिविधियों और अन्य घटनाओं को रोकने के लिए जीआरपी द्वारा नियमित रूप से अभियान चलाए जाते हैं। इसके अलावा पुराने मामलों में फरार चल रहे आरोपियों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीमों को सक्रिय किया जाता है।

दरअसल, ऐसे अभियानों का उद्देश्य केवल पुराने मामलों में वांछित आरोपियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि अपराधियों के बीच कानून का प्रभावी संदेश पहुंचाना भी है। पुलिस का प्रयास है कि रेलवे परिसर में यात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी

पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जीआरपी कानपुर सेंट्रल द्वारा न्यायालय से जारी वारंटों की तामील को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए संबंधित अभियुक्तों की वर्तमान स्थिति और संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी संसाधनों के साथ-साथ स्थानीय सूचना तंत्र का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे ऐसे आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल रही है, जो लंबे समय से अपने मूल ठिकाने से दूर रहकर गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

समीर की गिरफ्तारी भी इसी अभियान का हिस्सा बताई गई है। पुलिस ने उसे न्यायालय से जारी आदेशों के अनुपालन में गिरफ्तार किया है।

आगे की कानूनी कार्रवाई

जीआरपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। संबंधित न्यायालय के आदेशों के अनुसार अभियुक्त को प्रस्तुत किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि अपराध नियंत्रण अभियान के तहत फरार अभियुक्तों और वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।

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