अखिलेश यादव का CO अशोक सिंह के वायरल वीडियो पर तंज, छात्रों को समाजवादी विचारधारा से जोड़ने का अभियान

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Digital UP News Desk

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मैनपुरी के सीओ सिटी अशोक सिंह के वायरल वीडियो को लेकर तंज कसा है। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब अखिलेश यादव से इस वीडियो को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा, “उसकी मूंछें छोटी थीं।”

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मैनपुरी के सीओ सिटी अशोक सिंह कथित तौर पर मूंछ पर ताव देते हुए अखिलेश यादव को अपनी पहचान बताने की बात कहते नजर आए थे। वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद सीओ अशोक सिंह ने अपनी सफाई देते हुए कहा था कि उनके मूल वीडियो को क्रॉप करके प्रसारित किया गया है। उनका कहना था कि वीडियो के एक हिस्से को अलग करके दिखाया गया, जिससे उसके संदर्भ को लेकर अलग धारणा बनी।

अखिलेश यादव से जब इस मामले में सवाल किया गया तो उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए सीओ की मूंछों को लेकर तंज किया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई।

छात्रों को पार्टी से जोड़ने की तैयारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने केवल वायरल वीडियो के मुद्दे पर ही बात नहीं की, बल्कि समाजवादी पार्टी की छात्र राजनीति को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने नई पीढ़ी और छात्रों को समाजवादी विचारधारा से जोड़ने के लिए समाजवादी छात्र सभा के छात्र जागरूकता अभियान का ऐलान किया।

अखिलेश यादव के मुताबिक, समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता विश्वविद्यालयों और अलग-अलग कैंपस में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। इस दौरान युवाओं से उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। इसके साथ ही छात्रों को समाजवादी विचारधारा के बारे में जानकारी देने और उन्हें संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की सोच अलग और नई होती है। इसलिए युवाओं तक पहुंचने के लिए नई सोच और नए विचारों के साथ संवाद करना जरूरी है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि कैंपस में छात्रों से मिलने वाले सुझावों को भविष्य में समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा।

इस तरह पार्टी की कोशिश केवल छात्रों को संगठन से जोड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके विचारों और सुझावों को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने की भी होगी।

PDA को सामाजिक न्याय से जोड़ने की कोशिश

अखिलेश यादव ने इस दौरान समाजवादी पार्टी के PDA को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने PDA को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी लगातार ऐसे लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रही है, जो खुद को पीड़ित, दुखी या अपमानित महसूस करते हैं।

उन्होंने कहा कि PDA का अर्थ केवल राजनीतिक समीकरण नहीं है। इसके साथ प्रेम, दया और अपनापन भी जुड़ा हुआ है। उनके मुताबिक, अलग-अलग वर्गों के लोगों को साथ लेकर सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ना समाजवादी पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है।

अखिलेश यादव ने कहा कि PDA के लोगों को जोड़कर सामाजिक न्याय का राज स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में किसी के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने नकारात्मक राजनीति से दूर रहकर लोगों को जोड़ने पर जोर दिया।

उनके बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी आने वाले समय में PDA की राजनीतिक अवधारणा को सामाजिक जुड़ाव और युवा भागीदारी से जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ना चाहती है।

नई पीढ़ी और Gen-Z पर पार्टी का फोकस

अखिलेश यादव ने खास तौर पर Gen-Z और नई पीढ़ी का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के विचार और उनकी प्राथमिकताएं बदल रही हैं। ऐसे में छात्र सभा को भी नए विचारों के साथ युवाओं के बीच जाना होगा।

उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में नफरत फैलाना चाहते हैं, उनके सामने समाजवादी छात्र सभा का संदेश बंधु राष्ट्र बनाने का होगा। उनका कहना था कि युवाओं को जोड़ने के लिए संवाद, अपनापन और सकारात्मक सोच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इसके अलावा, अखिलेश यादव ने छात्र राजनीति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद छात्र संघों के समूह बनाकर छात्रों को भविष्य में विदेशों में भेजने का प्रयास किया जाएगा।

इसके साथ ही दुनिया के अलग-अलग देशों में स्टूडेंट यूनियन किस तरह काम करते हैं और उनका स्वरूप कैसा है, इसे समझने की दिशा में भी काम करने की बात कही गई। इससे छात्रों को वैश्विक स्तर पर छात्र राजनीति और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिल सकता है।

नीला रंग विचारधारा और एकजुटता का प्रतीक

समाजवादी छात्र सभा के अभियान में नीले रंग के इस्तेमाल को लेकर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ब्लू कलर विचारधारा का रंग है और नीला रंग लोगों को जोड़ने का प्रतीक है।

उन्होंने जीन्स को भी अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले पहनावे के तौर पर बताया। उनके बयान में छात्र आंदोलन, युवा सोच और सामाजिक जुड़ाव के संदर्भ को प्रमुखता दी गई।

अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी को जोड़ने के लिए केवल पारंपरिक राजनीतिक तौर-तरीकों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। इसके बजाय युवाओं की भाषा, उनके विचार और उनके मुद्दों को समझना जरूरी है।

भाजपा पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने इस दौरान भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग अक्सर रंगों से डरते हैं। हालांकि, उनके इस बयान के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।

उन्होंने कुछ लोगों पर भगवान के नाम पर चढ़ावा और चंदा चोरी करने का आरोप लगाते हुए ऐसे लोगों को ‘बहरूपिया’ बताया। इस बयान के जरिए अखिलेश यादव ने भाजपा और उससे जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर भी हमला बोला।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है। ऐसे में राजनीतिक आरोपों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसमें वे लगाए गए हैं।

छात्र राजनीति को मजबूत करने की रणनीति

कुल मिलाकर अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो प्रमुख मुद्दे सामने आए। पहला, मैनपुरी के सीओ सिटी अशोक सिंह के वायरल वीडियो को लेकर उनका तंज और दूसरा, समाजवादी छात्र सभा के जरिए युवाओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति।

समाजवादी पार्टी का छात्र जागरूकता अभियान आने वाले समय में विश्वविद्यालयों और कॉलेज परिसरों में राजनीतिक संवाद को बढ़ा सकता है। वहीं, छात्रों से मिलने वाले सुझावों को पार्टी के घोषणापत्र से जोड़ने का ऐलान यह संकेत देता है कि पार्टी युवा वर्ग की भागीदारी को केवल संगठनात्मक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखना चाहती।

इसके अलावा, Gen-Z को ध्यान में रखकर नए तरीके से संवाद करने, सामाजिक न्याय के मुद्दे को PDA से जोड़ने और छात्रों को वैश्विक छात्र राजनीति से परिचित कराने की बात भी अखिलेश यादव की रणनीति का हिस्सा दिखाई देती है।

ऐसे में आने वाले दिनों में समाजवादी छात्र सभा का यह अभियान किस तरह आकार लेता है और विश्वविद्यालय परिसरों में इसे छात्रों की कैसी प्रतिक्रिया मिलती है, यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।

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