औरैया में बेकाबू ट्रक का कहर, दो बाइक सवारों को मारी टक्कर, शिक्षक की मौत; युवक गंभीर
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया/बिधूना: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। किशनी रोड स्थित सहसपुर मोड़ के पास तेज रफ्तार ट्रक ने दो बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक निजी स्कूल के शिक्षक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
सहसपुर मोड़ के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह सड़क हादसा बिधूना कोतवाली क्षेत्र में किशनी रोड पर सहसपुर मोड़ के पास हुआ। एरवाटीकुर निवासी शरद उर्फ रंजी पोरवाल एक निजी स्कूल में शिक्षक थे। मंगलवार को वह किसी जरूरी काम के सिलसिले में बिधूना आए थे। बताया गया कि उन्होंने बिधूना स्थित सेंट्रल बैंक में अपना काम पूरा किया और इसके बाद बाइक से अपने घर की ओर वापस लौट रहे थे।
इसी दौरान सहसपुर मोड़ के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद शरद गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
दूसरे बाइक सवार को भी ट्रक ने लिया चपेट में
बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे मौजूद दूसरे बाइक सवार युवक की ओर भी चला गया। इस दौरान नवीन तिवारी भी ट्रक की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
नवीन अपने भाई के साथ पहचान पत्र में संशोधन कराने के बाद घर लौट रहे थे। इसी बीच दोनों कुछ समय के लिए सहसपुर मोड़ के पास रुके थे। तभी यह हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल नवीन को इलाज के लिए बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने घायल नवीन तिवारी का प्राथमिक उपचार किया। उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन घायल युवक को आगे के उपचार के लिए लेकर रवाना हुए।
पुलिस के अनुसार, घायल युवक के इलाज की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले शिक्षक के परिवार को भी घटना की सूचना दी गई।
शिक्षक की मौत से परिवार में मातम
शरद उर्फ रंजी पोरवाल की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार और परिचितों को मिली, वहां शोक का माहौल हो गया। बताया जा रहा है कि शरद अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। ऐसे में उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
शरद निजी स्कूल में शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह अपने काम से बैंक गए थे और वहां से वापस अपने घर लौट रहे थे। लेकिन रास्ते में हुए सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद बड़ी संख्या में परिचित और स्थानीय लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस ने शिक्षक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं, हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ-साथ हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस कर रही हादसे की जांच
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना किस परिस्थितियों में हुई। प्रारंभिक जानकारी में ट्रक की तेज रफ्तार को हादसे की प्रमुख वजह बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इसके अलावा पुलिस फरार ट्रक चालक की पहचान और उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। हादसे में शामिल ट्रक को कब्जे में लिया गया है, जिससे मामले की जांच में मदद मिल सकती है।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
बिधूना में हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में अक्सर मुख्य मार्गों पर तेज गति से भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में बाइक और अन्य छोटे वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन चालकों को सड़क पर निर्धारित गति सीमा का पालन करना चाहिए। साथ ही, मोड़ और आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। दूसरी ओर, पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से भी ऐसे स्थानों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा वाहन चालकों को जागरूक करने की जरूरत है।

