सौंख में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की रजत संकल्प शिला का किया गया पूजन, पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर तैयार कराई गई रजत संकल्प शिला मंगलवार को मथुरा के सौंख नगर पहुंची। संकल्प शिला के पहुंचने पर स्थानीय श्रद्धालुओं और लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान पूरा नगर धार्मिक उत्साह से सराबोर नजर आया। भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। इसके साथ ही अग्रसेन भवन में अग्रवाल सभा के अध्यक्ष महेश अग्रवाल के नेतृत्व में रजत संकल्प शिला का विधि-विधान से पूजन और आरती की गई।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण में हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज विशेष रथ के माध्यम से संकल्प शिला को लेकर सौंख पहुंचे। उनके नगर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शिला का स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और भगवान योगेश्वर श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए।

विशेष रथ से सौंख पहुंची रजत संकल्प शिला

आयोजकों के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के प्रतीक के रूप में रजत शिला तैयार कराई गई है। अयोध्या में पूजन के बाद इसे ब्रज क्षेत्र में लाया गया और इसके बाद विभिन्न धार्मिक स्थलों तथा नगरों में पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले वृंदावन में भी संतों की मौजूदगी में रजत संकल्प शिला का पूजन किया गया था।

सौंख में पहुंचने पर शिला को विशेष रथ से नगर के प्रमुख स्थानों से ले जाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक नारों के साथ स्वागत किया। वातावरण में भक्ति और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। आयोजकों का कहना है कि संकल्प शिला यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों को इस अभियान से जोड़ना है।

अग्रसेन भवन में हुआ विधि-विधान से पूजन

सौंख के अग्रसेन भवन में आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल सभा के अध्यक्ष महेश अग्रवाल के नेतृत्व में रजत संकल्प शिला का पूजन और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने शिला के दर्शन किए और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण की कामना की।

महेश अग्रवाल ने कहा कि संकल्प शिला के पूजन और आरती में शामिल होकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की कामना है कि जिस प्रकार अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बना है, उसी प्रकार मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हो।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा विवाद न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। इसलिए मंदिर निर्माण को लेकर आयोजकों की ओर से व्यक्त की जा रही अपेक्षाओं को उनके धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

अयोध्या में हुआ था पहला पूजन

आयोजकों के मुताबिक, रजत संकल्प शिला का पहला पूजन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने अयोध्या में किया था। इसके बाद शिला को ब्रज क्षेत्र में लाया गया। अयोध्या में रजत शिला के पूजन की जानकारी अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी सामने आई थी।

इसके बाद वृंदावन में भी संतों की मौजूदगी में इसका पूजन हुआ। अब सौंख में कार्यक्रम आयोजित होने के बाद इसे आगे अन्य स्थानों पर ले जाने की योजना बताई गई है।

मंदिर निर्माण के संकल्प का प्रतीक है शिला

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से जुड़े आयोजकों का कहना है कि यह रजत शिला केवल पूजन की वस्तु नहीं, बल्कि मंदिर निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। उनके अनुसार, न्यायालय का निर्णय आने के बाद यदि मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता है तो इसी संकल्पित रजत शिला को मंदिर निर्माण में प्रथम रजत शिला के रूप में उपयोग करने की इच्छा है।

हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय भविष्य की न्यायिक प्रक्रिया और उससे जुड़े कानूनी घटनाक्रम पर निर्भर करेगा। फिलहाल रजत शिला को धार्मिक जनजागरण कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर ले जाकर पूजन कराया जा रहा है।

एक लाख पवित्र स्थानों पर पूजन का दावा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद प्रकरण के हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि संकल्पित रजत शिला के पूजन का कार्यक्रम देशभर में आयोजित किया जाएगा। उनके अनुसार, करीब एक लाख पवित्र स्थानों पर रजत शिला के पूजन की योजना है।

कार्यक्रम प्रभारी एवं संयोजक पंडित राजेश पाठक ने बताया कि संतों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं के माध्यम से संकल्प शिला का पूजन कराया जा रहा है। उनके अनुसार, इसके जरिए अधिक से अधिक लोगों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय से जोड़ा जा रहा है।

इससे पहले भी ब्रज क्षेत्र में रजत संकल्प शिला के पूजन को लेकर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मथुरा में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों ने भी संकल्प शिला का पूजन किया है।

सौंख में उमड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह

सौंख नगर में संकल्प शिला के पहुंचने पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा के साथ शिला का स्वागत किया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के जयकारे लगाए गए।

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता जयराम शर्मा, हरिदास महाराज, विष्णु अग्रवाल, पवन सिंघल, साकेत अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, विशेष कुमार, जुगल किशोर, शालू चौधरी, अभिषेक बजाज, मोनू, संतोष कुमार और अनिल कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।

मथुरा और ब्रज क्षेत्र की धार्मिक पहचान को देखते हुए श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े कार्यक्रमों में स्थानीय श्रद्धालुओं की विशेष भागीदारी रहती है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी मथुरा की संस्कृति में धार्मिक परंपराओं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित करती है।

आगे भी जारी रहेंगे पूजन कार्यक्रम

आयोजकों के अनुसार, रजत संकल्प शिला को आगे भी विभिन्न धार्मिक स्थलों और प्रमुख स्थानों पर ले जाकर पूजन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था को कार्यक्रम से जोड़ना और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लोगों तक पहुंचाना बताया गया है।

फिलहाल सौंख में हुए इस कार्यक्रम के बाद एक बार फिर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण का विषय स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। वहीं, इस पूरे प्रकरण का कानूनी पक्ष अदालत में चल रही प्रक्रिया से जुड़ा है। ऐसे में आगे होने वाले न्यायिक निर्णय और उसके बाद की परिस्थितियां ही इस विवाद की दिशा तय करेंगी।

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