बहराइच में तेंदुए का आतंक, नल पर पानी लेने गए 9 साल के राजवीर पर हमला; मौके पर मौत
रिपोर्ट- महेशचन्द्र गुप्ता
बहराइच: कतर्नियाघाट क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी और उसके हमलों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। बहराइच के सुजौली थाना क्षेत्र के बड़खड़िया आनंद गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां नल पर पानी लेने गए 9 वर्षीय बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हमले में बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है।
मृतक बच्चे की पहचान राजवीर, उम्र 9 वर्ष, निवासी बड़खड़िया ग्राम क्षेत्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बच्चा पानी लेने के लिए नल की ओर गया था। इसी दौरान तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चे को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
हालांकि, PHC सुजौली के चिकित्सकों ने राजवीर को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, ग्रामीणों में तेंदुए को लेकर भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।
नल पर पानी लेने गया था बच्चा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बड़खड़िया आनंद गांव निवासी 9 वर्षीय राजवीर रोजमर्रा के काम के सिलसिले में नल पर पानी लेने गया था। इसी दौरान वहां तेंदुए के हमले की घटना सामने आई। अचानक हुए इस हमले से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए। इसके बाद बच्चे को सुजौली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और प्रशासन को भी दी गई। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। फिलहाल ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
कतर्नियाघाट क्षेत्र में बढ़ रही चिंता
बहराइच का कतर्नियाघाट क्षेत्र वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है। जंगल से सटे गांवों में अक्सर ग्रामीणों और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की स्थिति बन जाती है। ऐसे में तेंदुए की गतिविधियों से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।
बड़खड़िया आनंद गांव में हुई घटना के बाद ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर पहले से ही आशंका बनी हुई थी। अब बच्चे की मौत की घटना सामने आने के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग की टीम इलाके में निगरानी बढ़ाए और तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इसके अलावा गांव के आसपास नियमित गश्त और निगरानी की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठ रही है।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
घटना के बाद गांव के लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीण विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में शाम और सुबह के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं, ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए। इसके साथ ही ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, जंगल से सटे क्षेत्रों में लोगों को अकेले जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त समूह में रहना और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है।
प्रशासन और वन विभाग के सामने चुनौती
कतर्नियाघाट क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना प्रशासन और वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। एक तरफ जंगल और वन्यजीवों का संरक्षण जरूरी है, वहीं दूसरी ओर जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी अहम है।
ऐसी घटनाओं के बाद वन विभाग आमतौर पर प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, वन्यजीव की गतिविधियों का पता लगाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देने जैसे कदम उठाता है। स्थानीय स्तर पर भी ग्रामीणों से अपील की जाती है कि वे वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे पकड़ने की कोशिश न करें।
बहराइच के सुजौली थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय राजवीर की मौत की घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बच्चे की मौत से परिवार में मातम
राजवीर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों के लिए यह घटना बेहद दुखद है। गांव के लोग भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग और प्रशासन को मिलकर प्रभावी रणनीति बनानी चाहिए। खास तौर पर उन स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, जहां ग्रामीण रोजमर्रा के काम के लिए आते-जाते हैं।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बताया जा सकता है कि तेंदुए या किसी अन्य वन्यजीव की मौजूदगी का पता चलने पर क्या सावधानी बरतनी चाहिए।
आगे क्या होगा?
बड़खड़िया आनंद गांव में हुई इस घटना के बाद अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाना और ग्रामीणों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। वन्यजीवों की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

