FBI की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी जालंधर से गिरफ्तार – जानिए कौन है बेदी
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नई दिल्ली/जालंधर: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को पंजाब पुलिस ने जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है। बेदी पर अमेरिका की Supplemental Nutrition Assistance Program (SNAP) योजना से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में कम से कम 6 लाख डॉलर की हेराफेरी का आरोप है। FBI के अनुसार, यह रकम अमेरिकी सरकार को हुए नुकसान से जुड़ी है।
मंजीत सिंह बेदी को FBI ने 3 सितंबर 2026 को अपनी Most Wanted Fraudsters सूची में शामिल किया था। इसके कुछ ही समय बाद पंजाब पुलिस ने उसे जालंधर में गिरफ्तार कर लिया। FBI ने उसकी गिरफ्तारी और दोषसिद्धि की दिशा में उपयोगी सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए 1.5 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा भी की थी।
जालंधर में पुलिस के हत्थे चढ़ा बेदी
पंजाब पुलिस के मुताबिक, जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने मंजीत सिंह बेदी को शहर के परागपुर इलाके से गिरफ्तार किया। वह जालंधर का रहने वाला बताया गया है। स्थानीय पुलिस ने उसे एक अलग मामले में दर्ज मुकदमे के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, उसके खिलाफ जालंधर में मई 2026 में मामला दर्ज किया गया था।
मंजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी एजेंसियां उसे तलाश रही थीं। FBI के अनुसार, वह भारत में रह रहा था और अमेरिका में उसके खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका था।
अमेरिका में SNAP फ्रॉड का आरोप
FBI के अनुसार, बेदी ने अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के टाकोमा में एक छोटी किराना दुकान संचालित की थी। एजेंसी का आरोप है कि दुकान के माध्यम से SNAP लाभार्थियों के Electronic Benefit Transfer (EBT) कार्ड का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया।
FBI के मुताबिक, आरोप है कि लाभार्थियों के कार्ड से खाद्य सामग्री की खरीद के बजाय लेनदेन कर उन्हें नकद राशि दी जाती थी और उसका एक हिस्सा बेदी अपने पास रखता था। एजेंसी का कहना है कि इस कथित योजना के कारण मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर का नुकसान हुआ।
यह मामला अमेरिकी सरकार की खाद्य सहायता योजना से जुड़ा होने के कारण गंभीर माना जा रहा है। SNAP कार्यक्रम का उद्देश्य पात्र लोगों को खाद्य सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे में इस योजना से जुड़े फर्जी लेनदेन को अमेरिकी एजेंसियां गंभीर वित्तीय अपराध के रूप में देख रही हैं।
आरोप लगने के बाद अमेरिका से भागने का आरोप
FBI के अनुसार, मंजीत सिंह बेदी के खिलाफ वायर फ्रॉड और SNAP लाभ धोखाधड़ी से जुड़े आरोप लगाए गए थे। उसे अदालत में पेश होने की अनुमति मिली थी और उसे अपना पासपोर्ट जमा करने तथा वॉशिंगटन राज्य में रहने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, FBI का कहना है कि इसके बाद बेदी कनाडा की सीमा पार कर गया और फिर भारत चला आया। अमेरिकी एजेंसी के मुताबिक, वह अप्रैल 2026 में कनाडा के रास्ते भारत पहुंचा था। इसके बाद वह अमेरिकी अधिकारियों की पकड़ से बाहर रहा।
इसके बाद 21 मई 2026 को वॉशिंगटन के पश्चिमी जिले की अमेरिकी जिला अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। यह वारंट निगरानी की शर्तों के उल्लंघन से जुड़े आरोपों के बाद जारी किया गया था।
FBI की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में शामिल किया गया
FBI ने 3 सितंबर को मंजीत सिंह बेदी को अपनी नई Most Wanted Fraudsters सूची में शामिल किया। एजेंसी ने उसकी तलाश में आम लोगों से भी जानकारी देने की अपील की थी। इसके लिए 1.5 लाख डॉलर तक के इनाम की घोषणा की गई थी। FBI के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बेदी भारत में जन्मा व्यक्ति और अमेरिकी नागरिक है। एजेंसी ने उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से जानकारी जारी की थी। हालांकि, किसी भी आरोपी के संबंध में अंतिम दोषसिद्धि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होती है।
भारत-अमेरिका जांच सहयोग की दिशा में अहम कार्रवाई
मंजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी भारत और अमेरिका के बीच कानून प्रवर्तन सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अमेरिकी एजेंसियों द्वारा वांछित व्यक्ति का भारत में पकड़ा जाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय अपराधों से जुड़े मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियों के समन्वय को दर्शाता है।
पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अमेरिका की ओर से बेदी को वापस ले जाने की प्रक्रिया को लेकर भी आगे कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, प्रत्यर्पण या अन्य कानूनी प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों और अदालतों के निर्णय के अनुसार आगे बढ़ेगी।
किराना स्टोर से कथित फ्रॉड नेटवर्क तक पहुंचा मामला
FBI के आरोपों के अनुसार, टाकोमा स्थित किराना स्टोर का इस्तेमाल कथित तौर पर SNAP लाभों से जुड़े अवैध लेनदेन के लिए किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि लाभार्थियों को खाद्य सामग्री देने के बजाय उनके EBT कार्ड से राशि निकाली जाती थी और बदले में नकद दिया जाता था।
इस कथित व्यवस्था से सरकारी सहायता राशि का दुरुपयोग होने का आरोप है। FBI ने इसी मामले में बेदी को अपनी Most Wanted Fraudsters सूची में शामिल किया था।
फिलहाल मंजीत सिंह बेदी पंजाब पुलिस की गिरफ्त में है और उसके खिलाफ भारत में दर्ज मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं, अमेरिका में उसके खिलाफ चल रहे आरोपों और वारंट के संदर्भ में भी संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है। इस पूरे मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि बेदी को अमेरिका वापस भेजने की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।

