आजमगढ़ में नाली में पानी बहाने के विवाद में युवक की मौत, 48 घंटे में तीन नामजद आरोपी गिरफ्तार

151

रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़। पवई थाना क्षेत्र के चकिया बखरिया गांव में नाली में पानी बहाने को लेकर हुए विवाद के बाद करीब 30 वर्षीय युवक की मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, घटना के सामने आने के करीब 48 घंटे के भीतर ही तीनों आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नसोपुर अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों में दो पुरुष और एक महिला अभियुक्ता शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अब तक सामने आए अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नाली में पानी बहाने को लेकर हुआ था विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चकिया बखरिया गांव निवासी वीरेंद्र पाण्डेय ने 4 सितंबर 2026 को पवई थाने में तहरीर देकर घटना की जानकारी दी थी। तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में हुई कहासुनी को लेकर यदुवंश मणि त्रिपाठी, रामलाल शर्मा और एक अन्य अभियुक्ता का उनके परिवार से विवाद चल रहा था।

आरोप है कि नाली में पानी बहाने को लेकर एक बार फिर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपियों ने वीरेंद्र पाण्डेय के करीब 30 वर्षीय पुत्र हरिओम पाण्डेय के साथ घर के दरवाजे पर मारपीट की। शिकायत के मुताबिक, विवाद के दौरान युवक का गला दबाया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिवार के लोगों ने विरोध किया तो आरोपियों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। इसके बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।

मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने शुरू की तलाश

तहरीर के आधार पर पवई थाना पुलिस ने मु0अ0सं0 209/2026 दर्ज किया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 351(3) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण में पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

इसके बाद पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों और आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।

नसोपुर अंडरपास से पकड़े गए तीनों आरोपी

पुलिस की कार्रवाई के दौरान 6 सितंबर 2026 को थानाध्यक्ष मनीष पाल के नेतृत्व में टीम को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पोल संख्या 187.8 स्थित नसोपुर अंडरपास के आसपास कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार, रात करीब 2:52 बजे तीनों नामजद आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यदुवंश मणि त्रिपाठी पुत्र उमाकान्त त्रिपाठी और रामलाल शर्मा पुत्र सहदेव शर्मा के रूप में हुई है। इनके साथ एक महिला अभियुक्ता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

एसपी ग्रामीण ने जांच को लेकर दी जानकारी

अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच अभी जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ-साथ अन्य उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। इसके आधार पर आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले में सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। साथ ही, घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पवई पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं—

1. यदुवंश मणि त्रिपाठी
पुत्र उमाकान्त त्रिपाठी, निवासी चकिया बखरिया, थाना पवई, जनपद आजमगढ़।

2. रामलाल शर्मा
पुत्र सहदेव शर्मा, निवासी चकिया बखरिया, थाना पवई, जनपद आजमगढ़।

3. एक अभियुक्ता
निवासी थाना पवई क्षेत्र, जनपद आजमगढ़।

पुलिस के मुताबिक, तीनों को गिरफ्तार करने के बाद मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

एक आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी यदुवंश मणि त्रिपाठी के विरुद्ध पवई थाने में पूर्व में भी एक मुकदमा दर्ज रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2012 में उसके खिलाफ मु0अ0सं0 0089/2012 दर्ज किया गया था।

इस पुराने मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 149, 323, 395, 452, 504 और 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

वर्तमान मामले में उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

पुलिस टीम ने की गिरफ्तारी

तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी में पवई थाना पुलिस की टीम शामिल रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष मनीष पाल के साथ कांस्टेबल राकेश गोड, कांस्टेबल जमींदार विश्वकर्मा, कांस्टेबल धीरज वर्मा, कांस्टेबल रोहन, कांस्टेबल नितिन मिश्रा और महिला कांस्टेबल ज्योति गुप्ता शामिल रहीं।

पुलिस के मुताबिक, टीम ने लगातार आरोपियों की तलाश और संभावित स्थानों पर निगरानी के बाद उन्हें नसोपुर अंडरपास से गिरफ्तार किया।

You may have missed