अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में पढ़िए नया अपडेट, इन 8 आरोपियों ने दाखिल की जमानत अर्जी

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Digital UP News

अयोध्या: अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामले में अब सभी आठ आरोपियों की जमानत अर्जियों पर अदालत के रुख को लेकर नजरें टिकी हैं। जेल में बंद आरोपियों की ओर से जमानत के लिए अदालत में आवेदन दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। अब इन अर्जियों पर सुनवाई के बाद अदालत का फैसला इस मामले में अगली महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया तय करेगा।

इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम यानी SIT पहले से ही जांच कर रही है। जांच के दौरान चढ़ावे की राशि से जुड़े लेनदेन, नकदी की गिनती, उसे सुरक्षित रखने और संबंधित प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। इससे पहले SIT की प्रारंभिक जांच के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और सभी को गिरफ्तार किया गया था।

आठों आरोपियों ने मांगी जमानत

मामले में जेल में बंद सभी आठ आरोपियों ने अब अदालत के समक्ष जमानत अर्जी दाखिल की है। आरोपियों की ओर से अदालत से उन्हें जमानत पर रिहा करने की मांग की गई है। हालांकि, जमानत मिलना या नहीं मिलना पूरी तरह अदालत के निर्णय पर निर्भर करेगा।

जमानत अर्जियों पर सुनवाई के दौरान अदालत जांच की स्थिति, आरोपों की प्रकृति और अभियोजन की ओर से रखे जाने वाले पक्ष सहित अन्य कानूनी पहलुओं पर विचार कर सकती है। ऐसे में आने वाली सुनवाई इस मामले के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कथित गबन मामले में हुई थी गिरफ्तारी

अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए जाने वाले चढ़ावे और उससे जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में जून 2026 में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

आरोपियों के नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रामशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडे बताए गए हैं। पुलिस की एफआईआर में चोरी, आपराधिक न्यासभंग, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं लगाई गई थीं।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि आरोपों की जांच अभी जारी है और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। इसलिए सभी संबंधित व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपी के रूप में ही देखा जाएगा।

SIT कर रही मामले की विस्तृत जांच

इस पूरे मामले की जांच के लिए गठित SIT ने चढ़ावा संग्रह और नकदी से संबंधित प्रक्रिया के कई पहलुओं को खंगाला है। जांच में दान राशि के संग्रह, उसकी गिनती, नकदी के रखरखाव और निगरानी से संबंधित रिकॉर्ड की भी पड़ताल की गई है। इसके अलावा जांच टीम ने मंदिर से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों से भी पूछताछ की है।

SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ही पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और अदालत की अनुमति से कुछ आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया भी हुई। जुलाई में अदालत ने मामले में तीन आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड को मंजूरी दी थी।

इससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसी मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की तस्वीर सामने लाने की कोशिश कर रही है।

न्यायिक हिरासत भी बढ़ाई गई थी

मामले में गिरफ्तार आठों आरोपियों की न्यायिक हिरासत अलग-अलग मौकों पर बढ़ाई गई है। जुलाई में अदालत ने सभी आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए बढ़ाया था। उस दौरान आरोपियों को जिला जेल से अदालत के समक्ष पेश किया गया था।

जांच आगे बढ़ने के साथ अब आरोपियों की ओर से जमानत के लिए अदालत का रुख किया गया है। ऐसे में अदालत में होने वाली सुनवाई पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।

अदालत के फैसले पर टिकी नजर

जमानत अर्जियां दाखिल होने के बाद अब अगला महत्वपूर्ण चरण अदालत में सुनवाई का है। अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत का विरोध किया जा सकता है, जबकि आरोपियों के अधिवक्ता उनकी ओर से कानूनी दलीलें रखेंगे। इसके बाद अदालत उपलब्ध रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर निर्णय लेगी।

फिलहाल, जमानत को लेकर किसी भी तरह का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आठों आरोपियों को राहत मिलती है या उन्हें जांच पूरी होने तक जेल में रहना होगा।

जांच के साथ बढ़ी कानूनी प्रक्रिया

राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जांच और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया समानांतर रूप से आगे बढ़ रही है। एक ओर जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को खंगाल रही है, वहीं दूसरी ओर आरोपी अपने कानूनी अधिकारों के तहत जमानत के लिए अदालत पहुंचे हैं।

ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और SIT की जांच दोनों ही इस मामले के अगले चरण को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल सभी की नजरें जमानत अर्जियों पर होने वाली सुनवाई और अदालत के आदेश पर टिकी हैं।

कुल मिलाकर, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में आठ आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी दाखिल किए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया एक नए चरण में पहुंच गई है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है। इसलिए आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही तय होगी।

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