जन्माष्टमी बाद जन्मभूमि क्षेत्र में चला स्वच्छता अभियान, 150 से अधिक युवाओं ने किया श्रमदान
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। जन्माष्टमी पर्व के बाद मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया गया। ‘ब्रज वैभव अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस अभियान में 150 से अधिक युवाओं और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान किया। अभियान का उद्देश्य जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बाद क्षेत्र में जमा हुए कचरे और प्लास्टिक को हटाकर आसपास के प्रमुख स्थलों को स्वच्छ बनाना रहा।
यह विशेष स्वच्छता अभियान हार्टफुलनेस, जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। अभियान में मथुरा के साथ-साथ आगरा, अलीगढ़, भरतपुर और मेरठ समेत कई अन्य शहरों से आए स्वयंसेवकों ने भी भाग लिया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों से पहुंचे युवाओं ने भी स्वच्छता अभियान में अपना योगदान दिया।
जन्माष्टमी के बाद स्वच्छता पर विशेष जोर
जन्माष्टमी का पर्व मथुरा-वृंदावन समेत पूरे ब्रज क्षेत्र में बड़े धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंचते हैं। मंदिरों, बाजारों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण सार्वजनिक स्थानों पर कचरा भी बढ़ जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए जन्माष्टमी पर्व के बाद जन्मभूमि क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर सड़क, सार्वजनिक स्थल और आसपास के क्षेत्रों में फैले कचरे को एकत्र किया। साथ ही प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट को अलग-अलग एकत्र कर स्वच्छता व्यवस्था को व्यवस्थित करने में सहयोग किया।
अभियान के दौरान युवाओं ने केवल सफाई ही नहीं की, बल्कि लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया। स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से अपील की कि वे धार्मिक स्थलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं और कूड़े को निर्धारित स्थान पर ही डालें।
150 से अधिक युवाओं ने किया श्रमदान
इस अभियान की सबसे खास बात युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। 150 से अधिक युवाओं और स्वयंसेवकों ने अपने समय और श्रम का योगदान देकर स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में भूमिका निभाई। मथुरा के अलावा आसपास के शहरों से आए स्वयंसेवकों ने भी अभियान में सक्रियता से हिस्सा लिया।
आगरा, अलीगढ़, भरतपुर और मेरठ सहित विभिन्न शहरों से पहुंचे युवाओं ने जन्मभूमि क्षेत्र में सफाई की। वहीं, दूसरे राज्यों से आए स्वयंसेवकों ने भी ब्रज की स्वच्छता के लिए श्रमदान किया। इससे यह संदेश गया कि ब्रज की स्वच्छता केवल स्थानीय लोगों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
स्वयंसेवकों ने अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों से कचरा और प्लास्टिक एकत्र किया। इसके बाद उसे उचित तरीके से निस्तारण के लिए व्यवस्थित किया गया। अभियान में शामिल युवाओं के उत्साह से क्षेत्र में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक वातावरण भी देखने को मिला।
‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’
स्वच्छता अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने “हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है” का संदेश दिया। इसके माध्यम से लोगों को ब्रज क्षेत्र की स्वच्छता के लिए सामूहिक रूप से आगे आने का आह्वान किया गया।
इसके साथ ही स्वयंसेवकों ने ब्रज को प्लास्टिक मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प भी लिया। अभियान में शामिल लोगों ने कहा कि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण और सार्वजनिक स्वच्छता दोनों के लिए चुनौती है। इसलिए लोगों को प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और उसके स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना जरूरी है।
स्वयंसेवकों ने लोगों से यह भी अपील की कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु अपने साथ स्वच्छता की जिम्मेदारी का भाव लेकर आएं। पूजा-पाठ और दर्शन के साथ-साथ आसपास के वातावरण को साफ रखना भी सामाजिक दायित्व है।
प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त पहल
इस अभियान में प्रशासनिक संस्थाओं के साथ सामाजिक संगठन और स्वयंसेवक भी एक मंच पर नजर आए। हार्टफुलनेस, जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद और नगर निगम की संयुक्त पहल के जरिए स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया।
अभियान की अगुवाई हार्टफुलनेस के उत्तर प्रदेश समन्वयक अनुपम अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा कि ब्रज की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां देश-दुनिया से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा सकता है।
धार्मिक पर्यटन के लिए स्वच्छता जरूरी
मथुरा और ब्रज क्षेत्र देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। यहां वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन रहता है। जन्माष्टमी, होली, दीपावली और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है।
ऐसे में धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई और बेहतर कचरा प्रबंधन का महत्व भी बढ़ जाता है। स्वच्छ वातावरण श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर पर्यटन को भी सकारात्मक दिशा देता है।
इसीलिए पर्वों के बाद चलाए जाने वाले विशेष सफाई अभियान महत्वपूर्ण माने जा सकते हैं। इन अभियानों के जरिए जहां तत्काल सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता है, वहीं लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का अवसर भी मिलता है।
प्लास्टिक मुक्त ब्रज का संकल्प
अभियान में प्लास्टिक मुक्त ब्रज का संकल्प प्रमुख रूप से सामने आया। स्वयंसेवकों ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।
यदि श्रद्धालु और स्थानीय लोग कचरा निर्धारित स्थान पर डालें, प्लास्टिक का उपयोग कम करें और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने में सहयोग करें, तो ब्रज क्षेत्र को और स्वच्छ बनाया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता अभियानों को लगातार चलाने की जरूरत है।
युवाओं की भागीदारी से मिला सकारात्मक संदेश
इस स्वच्छता अभियान में युवाओं की भागीदारी ने सामाजिक जिम्मेदारी का मजबूत संदेश दिया। युवाओं ने श्रमदान के माध्यम से यह दिखाया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की जिम्मेदारी है।
विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों के बाद युवाओं और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी से स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, ऐसे अभियान नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूक करने का माध्यम भी बनते हैं।

