सूरत में ‘संडे ऑन साइकिल’ का 89वां संस्करण, 50 लाख से अधिक लोगों ने दिया नशा मुक्त भारत का संदेश

162
Digital UP News Desk

नई दिल्ली/सूरत। फिट इंडिया अभियान के तहत देशभर में चलाए जा रहे ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ के 89वें संस्करण का आयोजन रविवार को सूरत समेत देश के हजारों स्थानों पर किया गया। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ रही। अभियान के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।

सूरत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने प्रतिभागियों के साथ साइकिल चलाई और नशा मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत किया। कार्यक्रम में एथलीटों, छात्रों, युवाओं, फिटनेस प्रेमियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

सूरत में 89वें संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम की शुरुआत मंगध चौक स्थित सरदार पटेल प्रतिमा से हुई। यहां प्रतिभागियों ने साइकिल यात्रा से पहले विभिन्न फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लिया। योग, जुम्बा और अन्य फिटनेस चुनौतियों के जरिए लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया गया।इसके बाद प्रतिभागी साइकिलों के साथ सारथाना चिड़ियाघर की ओर रवाना हुए। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य केवल साइकिलिंग को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ना भी रहा।कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने प्रतिभागियों को नशा मुक्त प्रतिज्ञा भी दिलाई। इस दौरान लोगों ने मादक पदार्थों से दूर रहने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया साइकिलिंग का महत्व

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ अभियान ने देशभर में फिटनेस को जन आंदोलन का रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी क्रम में ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ आबादी किसी भी विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव होती है। साइकिलिंग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, क्योंकि यह व्यायाम के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, साइकिल चलाने से व्यक्ति शारीरिक रूप से सक्रिय रहता है। साथ ही, छोटी दूरी के लिए साइकिल का इस्तेमाल करने से ईंधन की खपत कम होती है और प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसलिए साइकिलिंग को केवल रविवार की गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि घर और कार्यस्थल के बीच की दूरी कम है तो आने-जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे फिटनेस के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

25 हजार से अधिक स्थानों पर 50 लाख से ज्यादा प्रतिभागी

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के 89वें संस्करण का आयोजन देशभर में बड़े स्तर पर किया गया। जानकारी के अनुसार, 25,000 से अधिक स्थानों पर 50 लाख से ज्यादा युवाओं और नागरिकों ने इस अभियान में हिस्सा लिया।

इस व्यापक भागीदारी ने अभियान को देशव्यापी जन आंदोलन का रूप दिया। विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी से यह संदेश मजबूत हुआ कि फिटनेस और नशा मुक्ति दोनों को समाज के स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

इसके अलावा, देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए लोगों को नियमित साइकिलिंग, योग और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कई नामी एथलीटों ने भी लिया हिस्सा

नशा मुक्त संकल्प अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कई प्रतिष्ठित खिलाड़ियों और एथलीटों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनमें पद्म श्री और मेजर ध्यानचंद खेल रत्न तथा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित अचंता शरथ कमल शामिल रहे।

इसके अलावा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित और पूर्व विश्व नंबर एक पहलवान सरिता मोर, अर्जुन पुरस्कार विजेता एवं राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता हरमीत देसाई, अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता शिवानी पवार तथा राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप और विश्व कैडेट चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता राहुल मान ने भी अभियान में भागीदारी की।

इन खिलाड़ियों की मौजूदगी ने युवाओं को खेल और फिटनेस के प्रति प्रेरित किया। साथ ही, खेल जगत से जुड़े प्रमुख चेहरों ने स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के संदेश को और प्रभावी बनाया।

कार्यक्रम में फिटनेस से जुड़े कई चर्चित चेहरे और प्रभावशाली व्यक्तित्व भी शामिल हुए। इनमें विस्पी खराड़ी, राकेश सैनी, उर्वी परवानी, पंकज पासी और भीष्म मदानी प्रमुख रहे।

नई दिल्ली में शिक्षक दिवस की विशेष थीम

इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में भी फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 89वां संस्करण विशेष अंदाज में आयोजित किया गया। यहां मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में कार्यक्रम की थीम शिक्षक दिवस पर केंद्रित रही।

कार्यक्रम के माध्यम से उन शिक्षकों और प्रशिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया गया, जो युवाओं के जीवन, व्यक्तित्व और करियर को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नई दिल्ली के कार्यक्रम में लगभग एक हजार छात्रों, युवाओं और फिटनेस प्रेमियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने साइकिलिंग और अन्य फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में फिट इंडिया चैंपियन मोनिका भोला, योग प्रशिक्षक एवं फिट इंडिया एंबेसडर मोनिका शर्मा और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच हवलदार संजय सिंह भी मौजूद रहे।

फिटनेस और नशा मुक्ति को जोड़ने की पहल

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का उद्देश्य लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियों से जोड़ना है। हालांकि, इस अभियान को अब फिटनेस के साथ सामाजिक जागरूकता से भी जोड़ा जा रहा है। 89वें संस्करण की ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ थीम इसी व्यापक उद्देश्य को दर्शाती है।

दरअसल, युवाओं को खेल, व्यायाम और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना उन्हें स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित कर सकता है। इसी वजह से साइकिलिंग जैसे सरल और सुलभ माध्यम को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

देशभर में लगातार जारी है साइकिलिंग अभियान

फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, राहगिरी फाउंडेशन और माय भारत के सहयोग से किया जाता है।

यह अभियान देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित होता है। इसके तहत भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (NCOE), SAI प्रशिक्षण केंद्र (STC), खेलो इंडिया राज्य उत्कृष्टता केंद्र (KISCE) और खेलो इंडिया केंद्र (KIC) भी भाग लेते हैं।

इसके अलावा, देशभर में 6,000 से अधिक नमो फिट इंडिया क्लब प्रत्येक सप्ताह साइकिलिंग से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन करते हैं।

इस प्रकार, ‘संडे ऑन साइकिल’ केवल एक साप्ताहिक फिटनेस कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण, खेल संस्कृति और नशा मुक्ति के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाने वाला अभियान बनता जा रहा है। 89वें संस्करण में हुई व्यापक भागीदारी ने भी इस अभियान की पहुंच और जनस्वीकार्यता को रेखांकित किया।

You may have missed