यमुना का जलस्तर बढ़ा, अपर जिलाधिकारी ने चपरघट्टा क्षेत्र का किया निरीक्षण; ग्रामीणों को किया जागरूक
रिपोर्ट- विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। यमुना नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यन्त कुमार मौर्य ने उप जिलाधिकारी भोगनीपुर के साथ तहसील क्षेत्र के चपरघट्टा इलाके का भ्रमण कर बाढ़ की संभावित स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद परिस्थितियों की जानकारी ली और ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया।
प्रशासन की ओर से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में किसी भी तरह की परेशानी से समय रहते निपटा जा सके। अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यमुना के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर
यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तहसील भोगनीपुर के नदी किनारे और बाढ़ संभावित इलाकों में प्रशासन की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इसी के तहत अपर जिलाधिकारी दुष्यन्त कुमार मौर्य ने चपरघट्टा क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति को देखा और संबंधित अधिकारियों से जलस्तर समेत अन्य परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी के जलस्तर और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर होने वाले किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पहले से पर्याप्त तैयारियां रखना है।
ग्रामीणों से किया संवाद, सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र की स्थिति और नदी के जलस्तर को लेकर जानकारी ली। साथ ही उन्हें संभावित बाढ़ की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के आसपास के क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। विशेष रूप से जलभराव वाले स्थानों और नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी समझाया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल प्रशासन को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से राहत और बचाव कार्यों को तेजी से संचालित किया जा सकता है।
राहत और बचाव की व्यवस्थाएं सक्रिय रखने के निर्देश
अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं। उन्होंने ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसके अलावा, किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को लगातार अपडेट रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा यमुना नदी के जलस्तर और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों की आवश्यकता पड़े, तो उसके लिए जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएंगी।
इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित जलभराव वाले स्थानों की जानकारी भी ली, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्र में प्रशासनिक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ग्रामीणों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासनिक एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही ग्रामीणों से भी प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों में स्थानीय लोगों की सतर्कता और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है।
ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे नदी या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बच्चों तथा बुजुर्गों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों से दूर रखें। वहीं, यदि किसी क्षेत्र में पानी का स्तर तेजी से बढ़ता दिखाई दे या आवागमन में परेशानी उत्पन्न होती है, तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जाए।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
जिला प्रशासन ने आमजन की सहायता के लिए आपदा संबंधी त्वरित सहायता और सुरक्षा-बचाव के लिए जनपद स्तरीय संपर्क नंबर सक्रिय किए हैं। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर प्रशासन से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1077
मोबाइल नंबर: 9044070030
मोबाइल नंबर: 9454416429
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन नंबरों को सुरक्षित रखें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना दें। इससे प्रशासन को संबंधित स्थान पर समय रहते सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी।
जलस्तर बढ़ने पर सतर्क रहने की अपील
यमुना नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है। हालांकि वर्तमान स्थिति पर प्रशासन की लगातार निगरानी बनी हुई है, लेकिन संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लोगों को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के निकट अनावश्यक आवागमन न किया जाए। साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देकर केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा किया जाए।
इसके अलावा, ग्रामीण अपने आसपास की स्थिति पर भी नजर रखें और जलस्तर में असामान्य वृद्धि दिखाई देने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें। इस तरह स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से किसी भी संभावित चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

