मथुरा में JE पर कार चढ़ाने की कोशिश, मुख्य आरोपी दीपक शर्मा गिरफ्तार; फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, जानिए क्या था मामला,,

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रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज 

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बिजली विभाग के अवर अभियंता (JE) विक्रांत भारती पर कार चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश के मामले में गोविंद नगर पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त को सरकारी ड्यूटी के दौरान जेई पर कथित तौर पर कार चढ़ाने की कोशिश की गई थी। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की थीं। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण में वैज्ञानिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाकर जल्द से जल्द न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।

31 अगस्त को सरकारी ड्यूटी के दौरान हुआ था मामला

पुलिस के अनुसार, घटना 31 अगस्त की है। थाना गोविंद नगर क्षेत्र में बिजली विभाग में तैनात अवर अभियंता विक्रांत भारती अपने सरकारी कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान उनके साथ कथित रूप से कार से टक्कर मारने की कोशिश की गई।

बताया गया है कि इस घटना के पीछे पुरानी रंजिश और कथित अवैध वसूली से जुड़े विवाद को कारण बताया जा रहा है। हालांकि, मामले की वास्तविक परिस्थितियों और घटना के पीछे के कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

घटना के बाद जेई विक्रांत भारती को चोटें आईं। उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। कर्मचारियों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।

BNS की धारा 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज

मामले में पीड़ित की तहरीर के आधार पर थाना गोविंद नगर में आरोपी दीपक शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने इसे गंभीर आपराधिक मामला मानते हुए जांच को प्राथमिकता दी।

अपर पुलिस अधीक्षक नगर राजीव कुमार सिंह के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी थी। आरोपी की तलाश के लिए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसके साथ ही सर्विलांस और स्थानीय स्तर पर प्राप्त सूचनाओं की मदद से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया गया।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को भी एकत्र किया गया। इसके बाद मुख्य अभियुक्त दीपक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।

सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से गिरफ्तारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी में सर्विलांस सिस्टम और मुखबिर तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीमों ने संभावित स्थानों पर तलाश के साथ-साथ तकनीकी सूचनाओं का भी विश्लेषण किया।

लगातार प्रयास के बाद पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए दीपक शर्मा को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी हासिल की जा सके।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे वास्तव में क्या विवाद था और आरोपी की भूमिका किन परिस्थितियों में सामने आई। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

न्यायालय में पेश कर रिमांड की कार्रवाई

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस पूछताछ और आगे की जांच के लिए नियमानुसार रिमांड की कार्रवाई भी की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके अलावा, घटना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पुलिस के लिए इस मामले में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और न्यायालय में मजबूत पैरवी के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए जाएंगे।

सरकारी कर्मचारी पर हमला गंभीर मामला

अपर पुलिस अधीक्षक नगर राजीव कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी ड्यूटी कर रहे कर्मचारी के साथ इस प्रकार की घटना को गंभीरता से लिया गया है। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य के दौरान किसी कर्मचारी के साथ कथित तौर पर मारपीट या हमला करने की घटना को लेकर पुलिस प्रभावी कानूनी कार्रवाई करेगी। इसी क्रम में इस मामले में भी जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।

हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।

फास्ट-ट्रैक पैरवी की तैयारी

पुलिस ने इस मामले को निगरानी से जुड़े मामलों की सूची में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य मामले की विवेचना और न्यायालय में पैरवी की प्रगति पर लगातार नजर रखना है।

अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद जल्द से जल्द आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के बयान को विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा।

पुलिस का लक्ष्य है कि मामले की कानूनी प्रक्रिया प्रभावी ढंग से आगे बढ़े और न्यायालय के समक्ष सभी आवश्यक तथ्य प्रस्तुत किए जा सकें। फास्ट-ट्रैक पैरवी के माध्यम से मुकदमे की प्रगति की निगरानी की जाएगी।

बिजली कर्मचारियों में भी बनी थी चिंता

घटना के बाद बिजली विभाग से जुड़े कर्मचारियों में चिंता का माहौल रहा। कर्मचारियों की ओर से आरोपी की गिरफ्तारी और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कर्मचारियों ने राहत की उम्मीद जताई है।

हालांकि, मामले की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और न्यायालय की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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