बाढ़ के पानी में उतरे लखीमपुर खीरी के डीएम, ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सुनी समस्याएं

156

रिपोर्ट- शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन के ग्राम ग्रंट नंबर-12 के मजरा रण्डौहा में रविवार को प्रशासनिक संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण देखने को मिला। बाढ़ प्रभावित गांव का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने ग्रामीणों की समस्याएं करीब से जानने के लिए खुद पानी में उतरकर उनसे संवाद किया। डीएम पहले ट्रैक्टर से गांव तक पहुंचे और इसके बाद रास्ते में भरे पानी को पार करते हुए ग्रामीणों के बीच पहुंचे।

डीएम का इस तरह सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचना क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा। उन्होंने प्रभावित परिवारों से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से राहत और सहायता उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ट्रैक्टर से पहुंचे बाढ़ प्रभावित गांव

रण्डौहा गांव बाढ़ की स्थिति से प्रभावित है। ऐसे में गांव तक पहुंचने के लिए सामान्य आवागमन के साधनों की जगह डीएम अंजनी कुमार सिंह ट्रैक्टर से पहुंचे। गांव के आसपास और रास्ते में पानी भरा होने के कारण आगे पैदल जाना जरूरी था। इसलिए डीएम ने पैंट ऊपर चढ़ाई और पानी में उतरकर ग्रामीणों तक पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। उन्होंने लोगों से उनके घरों की स्थिति, आवागमन की परेशानी और बाढ़ के कारण सामने आ रही अन्य दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने यह भी जाना कि राहत सामग्री और सरकारी सहायता जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच रही है या नहीं।

इसके अलावा उन्होंने बच्चों से भी बातचीत की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। डीएम को अपने बीच देखकर ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं खुलकर बताईं। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को नोट किया और जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। जिन परिवारों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है, उन्हें नियमानुसार उपलब्ध सुविधाएं समय पर दी जाएं।

उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि परिस्थितियों के अनुसार जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सहायता तत्काल पहुंचाई जाए।

दरअसल, बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रभावित लोगों के सामने आवागमन, घरों की सुरक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी कई चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराना है।

तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान पर जोर

जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने केवल तत्काल राहत तक सीमित रहने के बजाय प्रभावित परिवारों की समस्या के स्थायी समाधान पर भी जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों के लिए किसी सुरक्षित स्थान पर भूमि की तलाश की जाए।

डीएम ने कहा कि उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के बाद वहां आवास निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाए। इससे बाढ़ की समस्या से बार-बार प्रभावित होने वाले परिवारों के लिए भविष्य में सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि चिह्नित करने और प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाए। प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिलने के साथ-साथ लंबे समय में भी बेहतर और सुरक्षित जीवन का अवसर मिल सके।

पात्र परिवारों को हरसंभव सहायता देने के निर्देश

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र बाढ़ प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जिन लोगों को जिस सहायता की पात्रता है, उसे उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने की बात कही। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

डीएम ने अधिकारियों से यह भी कहा कि राहत कार्यों के दौरान पात्रता और जरूरत का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि वास्तविक रूप से प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता पहुंच सके। प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।

‘सरकार और प्रशासन आपके साथ खड़ा है’

ग्रामीणों से बातचीत के दौरान जिलाधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि शासन और प्रशासन बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

डीएम ने ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करना है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि किसी भी जरूरी समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि जरूरत के अनुसार समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

बच्चों की पढ़ाई पर भी विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों की शिक्षा को लेकर भी अभिभावकों से विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

डीएम ने अभिभावकों से कहा कि वे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि शिक्षा उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। बाढ़ जैसी परिस्थितियां अस्थायी होती हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा उनके जीवन पर लंबे समय तक प्रभाव डालती है। इसलिए परिवारों को परिस्थितियों के बीच भी बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रयास करना चाहिए।

इस दौरान डीएम ने बच्चों से बातचीत करके उनकी जरूरतों और स्थिति को भी समझने का प्रयास किया। इससे निरीक्षण के दौरान राहत एवं पुनर्वास के साथ शिक्षा को लेकर प्रशासन की प्राथमिकता भी सामने आई।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

जिलाधिकारी के इस निरीक्षण के दौरान प्रशासन और तहसील स्तर के कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें एसडीएम यदुवीर सिंह, तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी, बीडीओ जयेश कुमार सिंह, पूर्ति निरीक्षक और राजस्व विभाग के कार्मिक शामिल रहे।

अधिकारियों की मौजूदगी में जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों की समस्याओं को समझा। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और सहायता से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय बनाए रखते हुए काम किया जाए।

प्रशासन की सक्रियता से ग्रामीणों में भरोसा

रण्डौहा में जिलाधिकारी का पानी में उतरकर ग्रामीणों तक पहुंचना प्रशासन और जनता के बीच सीधे संवाद की तस्वीर पेश करता है। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं और डीएम ने उन्हें गंभीरता से सुना।

वहीं, प्रशासन की ओर से तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान के लिए सुरक्षित भूमि की तलाश और आवास निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जाना प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

You may have missed