Big Breaking – कानपुर में कच्चा मकान गिरने से बड़ा हादसा, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत; काजल का इलाज जारी

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रिपोर्ट – शुभम साहू 

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय मकान के अंदर एक ही परिवार के पांच सदस्य मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव का काम शुरू किया। बाद में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। बचाव अभियान के दौरान सभी पांच लोगों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि काजल का उपचार जारी है।

हिरनी गांव में अचानक ढह गया कच्चा मकान

जानकारी के अनुसार, यह हादसा कानपुर के पतारा क्षेत्र के हिरनी गांव में हुआ। मुकेश कुमार अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहते थे। रविवार को अचानक मकान भरभराकर गिर गया। मकान के गिरते ही परिवार के पांच सदस्य मलबे के नीचे दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने तत्काल मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।

इसके बाद साढ़ थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और बचाव दल ने संयुक्त रूप से मलबा हटाकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी को उपचार के लिए पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया।

पिता और तीन बेटियों की मौत

हादसे में 45 वर्षीय मुकेश, उनकी बेटियां माया, नीतू और पल्लवी की मौत की पुष्टि हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मलबे से बाहर निकालने के बाद सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। इस घटना में परिवार के मुखिया मुकेश के साथ उनकी तीन बेटियों की भी जान चली गई।

मलबे में दबे पांचवें सदस्य के रूप में काजल को बाहर निकाला गया। उनकी हालत गंभीर बताई गई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। एक रिपोर्ट में काजल की उम्र 19 वर्ष बताई गई है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में उनकी उम्र 20 वर्ष दर्ज है। इसलिए उनकी उम्र को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है।

बचाव दल ने पांचों को मलबे से निकाला

मकान गिरने की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने अभियान को आगे बढ़ाया। बचाव दल ने मलबे में फंसे पांचों लोगों को बाहर निकाला और उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया।

बताया गया है कि बचाव कार्य में ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। घटना की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए थे। ऐसे में स्थानीय लोगों और बचाव टीम की मदद से मलबे को हटाने का काम किया गया। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार लोगों की मृत्यु की पुष्टि की।

हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल

एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर सामने आने के बाद हिरनी गांव में शोक का माहौल है। परिवार ने एक ही हादसे में पिता और तीन बेटियों को खो दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के आसपास जुट गए।

ऐसे हादसे ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े करते हैं। खासकर बारिश के मौसम में लगातार नमी के कारण कमजोर दीवारों और पुराने कच्चे मकानों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, हिरनी गांव में मकान गिरने की घटना के सटीक कारणों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

प्रशासन की कार्रवाई और राहत पर नजर

घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। वहीं, राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद मामले से संबंधित कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को आवश्यक प्रक्रिया के लिए पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित आवास की आवश्यकता को सामने ला दिया है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए समय-समय पर भवन की स्थिति का आकलन और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस मामले में किसी सरकारी योजना या सहायता के संबंध में अभी आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

काजल के इलाज पर टिकी नजर

हादसे में परिवार की काजल को गंभीर स्थिति में बचा लिया गया। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया है। ऐसे में अब परिवार और ग्रामीणों की नजर उनके उपचार और स्वास्थ्य स्थिति पर बनी हुई है।

कानपुर के हिरनी गांव की यह घटना बेहद दुखद है। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से गांव में शोक की स्थिति है। वहीं, बचाव अभियान के बाद प्रशासन का ध्यान अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर है। घटना के कारणों और प्रशासन की ओर से संभावित राहत के संबंध में आगे मिलने वाली आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

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