कानपुर के उद्यमी मुरारीलाल अग्रवाल खरीदेंगे अपना हेलीकॉप्टर, जानिए कब और कहां बनवा रहे हेलीपैड

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रिपोर्ट – सुहैल अंसारी 

कानपुर: औद्योगिक नगरी कानपुर के कारोबारी जगत से जुड़ी एक खबर इन दिनों चर्चा में है। एमएलए ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और शहर के उद्यमी सेठ मुरारीलाल अग्रवाल अपना निजी हेलीकॉप्टर खरीदने जा रहे हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने हेलीकॉप्टर की टेस्ट राइड भी पूरी कर ली है और अब उसे कानपुर लाने की तैयारियां की जा रही हैं। इसके लिए उनके फैक्ट्री परिसर और फार्म हाउस में हेलीपैड तैयार कराया जा रहा है।

मुरारीलाल अग्रवाल के अनुसार, उनका प्रस्तावित हेलीकॉप्टर डबल इंजन वाला है। उन्होंने कानपुर से फरीदाबाद तक इसकी टेस्ट राइड लेने के बाद इसे खरीदने का निर्णय लिया। हालांकि, हेलीकॉप्टर के सटीक मॉडल और खरीद मूल्य की जानकारी उन्होंने सार्वजनिक नहीं की है। निजी हेलीकॉप्टर खरीदने का यह फैसला कानपुर के कारोबारी जगत में खासा ध्यान आकर्षित कर रहा है।

टेस्ट राइड के बाद लिया हेलीकॉप्टर खरीदने का फैसला

सेठ मुरारीलाल अग्रवाल ने बताया कि हेलीकॉप्टर की टेस्ट राइड कानपुर से फरीदाबाद तक की गई। इस दौरान उन्होंने हेलीकॉप्टर की उड़ान और संचालन से जुड़े अनुभव को परखा। इसके बाद उन्होंने इसे खरीदने का फैसला किया।

उन्होंने बताया कि यह डबल इंजन वाला हेलीकॉप्टर है। अब इसे कानपुर लाने से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विशेष रूप से हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ के लिए उनके फैक्ट्री परिसर और फार्म हाउस में हेलीपैड तैयार कराया जा रहा है।

इस संबंध में अंतिम रूप से हेलीकॉप्टर कब कानपुर पहुंचेगा, इसकी तारीख अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, हेलीपैड का निर्माण पूरा होने के बाद इसे यहां लाने की योजना बताई गई है।

फैक्ट्री और फार्म हाउस में बन रहा हेलीपैड

निजी हेलीकॉप्टर के संचालन के लिए सबसे जरूरी सुविधाओं में हेलीपैड भी शामिल है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुरारीलाल अग्रवाल के फैक्ट्री परिसर और फार्म हाउस में हेलीपैड तैयार कराया जा रहा है।

इससे उन्हें भविष्य में अपने औद्योगिक परिसरों और अन्य स्थानों के बीच हवाई यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। खासकर कारोबारी गतिविधियों के दौरान समय की बचत के लिहाज से निजी हेलीकॉप्टर उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, हेलीपैड के निर्माण, अनुमति और संचालन से संबंधित सभी नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन किया जाना जरूरी होगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही हेलीकॉप्टर के नियमित संचालन की स्थिति स्पष्ट होगी।

कानपुर के उद्योग जगत में लंबे समय से सक्रिय

मुरारीलाल अग्रवाल कानपुर के कारोबारी और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय नाम हैं। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने केमिकल क्षेत्र में काम शुरू किया और बाद में एमएलए ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज का विस्तार किया। वेबसाइट पर समूह के उत्पादों के कई देशों में निर्यात किए जाने की जानकारी भी दी गई है।

इसके अलावा, वह कानपुर के विभिन्न व्यापारिक और सामाजिक संगठनों से भी जुड़े रहे हैं। उनकी वेबसाइट के अनुसार, वह कानपुर व्यापारी एसोसिएशन सहित कई संस्थाओं में चेयरमैन या वरिष्ठ पदों पर रहे हैं।

हाल ही में कानपुर व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ सदस्यों ने भी उनके प्रतिष्ठान स्थित कार्यालय में उनका स्वागत किया था। इससे शहर के व्यापारिक समुदाय में उनकी सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

25 से 80 करोड़ रुपये तक हो सकती है कीमत

मुरारीलाल अग्रवाल के मुताबिक, इस श्रेणी के हेलीकॉप्टर की कीमत सामान्य तौर पर करीब 25 करोड़ रुपये से 80 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि हेलीकॉप्टर में जितनी अधिक लग्जरी और सुविधाएं होंगी, उसकी कीमत उसी के अनुसार बढ़ती जाएगी।

हालांकि, उनके अपने हेलीकॉप्टर की वास्तविक खरीद कीमत सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं की जा सकती कि उन्होंने हेलीकॉप्टर के लिए कितनी राशि खर्च की है।

डबल इंजन वाले हेलीकॉप्टर आम तौर पर अधिक क्षमता और सुविधाओं के साथ अलग-अलग कॉन्फिगरेशन में उपलब्ध होते हैं। ऐसे में किसी खास हेलीकॉप्टर की कीमत उसके मॉडल, निर्माण वर्ष, उपकरण, इंटीरियर, रखरखाव व्यवस्था और अन्य सुविधाओं पर निर्भर कर सकती है।

निजी हेलीकॉप्टर से समय की होगी बचत

कारोबार के लिहाज से निजी हेलीकॉप्टर का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत माना जाता है। बड़े कारोबारी और औद्योगिक समूह कई शहरों में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के कारण लगातार यात्रा करते हैं। ऐसे में सड़क या नियमित हवाई यात्रा के मुकाबले निजी हेलीकॉप्टर कुछ परिस्थितियों में तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध करा सकता है।

कानपुर जैसे औद्योगिक शहर से दिल्ली-एनसीआर और देश के दूसरे कारोबारी केंद्रों तक नियमित आवाजाही करने वाले उद्यमियों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। मुरारीलाल अग्रवाल ने भी कानपुर से फरीदाबाद तक टेस्ट राइड का अनुभव लेने के बाद हेलीकॉप्टर खरीदने का फैसला किया है।

शहर के कारोबारी जगत में चर्चा

कानपुर में किसी प्रमुख उद्यमी द्वारा निजी हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी की खबर सामने आने के बाद कारोबारी जगत में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। खास तौर पर फैक्ट्री और फार्म हाउस में हेलीपैड बनाए जाने की जानकारी इस पूरे मामले को और खास बनाती है।

फिलहाल हेलीकॉप्टर के कानपुर पहुंचने की तारीख, मॉडल और खरीद मूल्य से संबंधित आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। वहीं, मुरारीलाल अग्रवाल के मुताबिक टेस्ट राइड पूरी हो चुकी है और हेलीपैड निर्माण का काम आगे बढ़ रहा है।

यदि निर्धारित तैयारियां पूरी होती हैं, तो आने वाले समय में कानपुर के इस प्रमुख उद्यमी के पास अपना निजी डबल इंजन हेलीकॉप्टर होगा। इससे न केवल उनके व्यक्तिगत और कारोबारी आवागमन को सुविधा मिलने की उम्मीद है, बल्कि शहर के औद्योगिक क्षेत्र में उनकी नई पहचान भी जुड़ सकती है।

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