श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में 24 घंटे चला महासफाई अभियान, 430 सफाई कर्मियों ने संभाली व्यवस्था

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रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज 

मथुरा/वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए नगर निगम की ओर से विशेष महासफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम मथुरा-वृंदावन ने प्रमुख मार्गों, मंदिरों के आसपास के क्षेत्रों और भंडारा स्थलों पर लगातार 24 घंटे स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की। इस दौरान सफाई व्यवस्था को तीन पालियों में संचालित किया गया, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुगम वातावरण मिल सके।

नगर आयुक्त श्री ओजस्वी राज के निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत नगर निगम की कार्यदायी संस्था किंग सिक्योरिटी गार्ड एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के 430 सफाई कर्मियों को स्वच्छता कार्य में लगाया गया। सफाई कर्मियों ने अलग-अलग पालियों में जिम्मेदारी संभालते हुए प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार सफाई की। इसके साथ ही ऐसे स्थानों पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहां जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही।

प्रमुख मार्गों पर लगातार होती रही सफाई

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई थी। इसे देखते हुए नगर निगम ने इन क्षेत्रों में विशेष सफाई व्यवस्था लागू की। डीग गेट चौराहा से मसानी रोड, मसानी चौराहा, भूतेश्वर तिराहा से एसबीआई चौराहा और श्रीकृष्ण जन्मभूमि गेट से जुड़े प्रमुख मार्गों तथा आसपास के क्षेत्रों में लगातार सफाई कराई गई।

इसके अलावा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सफाई कर्मियों की टीमों को सक्रिय रखा गया। उद्देश्य यह था कि श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा न हो। सफाई कर्मियों द्वारा नियमित अंतराल पर कचरा उठाया गया और आवश्यकतानुसार संबंधित क्षेत्रों की दोबारा सफाई भी की गई।

नगर निगम की इस व्यवस्था से पर्व के दौरान प्रमुख मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिली। वहीं, मंदिरों और धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले रास्तों पर भी साफ-सफाई को प्राथमिकता दी गई।

भंडारा स्थलों पर विशेष स्वच्छता व्यवस्था

जन्माष्टमी महापर्व के दौरान मथुरा-वृंदावन के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का आयोजन किया गया। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण कूड़ा और अन्य अवशिष्ट पदार्थ उत्पन्न होने की संभावना रहती है। ऐसे में नगर निगम ने भंडारा स्थलों के आसपास भी 24 घंटे विशेष स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की।

भंडारों से निकलने वाले दोना-पत्तल, पानी के पाउच और अन्य अवशिष्ट पदार्थों को सफाई कर्मियों द्वारा तत्काल हटाया गया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों की भी सफाई की जाती रही। इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजन के दौरान स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना रहा।

दरअसल, किसी बड़े धार्मिक आयोजन में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और स्थानीय निकाय के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखने की रणनीति अपनाई।

तीन पालियों में 430 सफाई कर्मियों ने संभाली जिम्मेदारी

विशेष महासफाई अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि सफाई व्यवस्था को तीन पालियों में लगातार 24 घंटे संचालित किया गया। इसके लिए 430 सफाई कर्मियों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया।

सफाई कर्मियों ने निर्धारित क्षेत्रों में पहुंचकर नियमित रूप से सफाई की और जमा होने वाले कचरे को तत्काल हटाया। इससे पर्व के दौरान सफाई व्यवस्था को निरंतर बनाए रखने में मदद मिली। वहीं, भीड़ बढ़ने वाले क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार सफाई कर्मियों को सक्रिय रखा गया।

नगर निगम की कार्यदायी संस्था किंग सिक्योरिटी गार्ड एंड सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी भी पूरे अभियान के दौरान फील्ड में मौजूद रहे। संस्था के CEO श्री शैलेंद्र जोशी, ऑपरेशन हेड श्री आशु वर्मा और मैनेजर श्री दीपक गौतम ने मौके पर रहकर स्वच्छता व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की। अधिकारियों ने सफाई कर्मियों के साथ समन्वय करते हुए अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित कराने पर जोर दिया।

श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक

विशेष महासफाई अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।

श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा-कचरा न फैलाएं और कचरे को निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। इसके अलावा पॉलीथिन और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया गया।

नगर निगम और कार्यदायी संस्था की ओर से लोगों को यह संदेश दिया गया कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आमजन की भागीदारी भी जरूरी है। इसलिए श्रद्धालुओं से पर्व के दौरान स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई।

‘हम सबने ये ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ का दिया संदेश

जन्माष्टमी महापर्व के दौरान जनजागरूकता अभियान के तहत “हम सबने ये ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है” संदेश को प्रमुखता से अपनाया गया। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ब्रज क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

नगर निगम का प्रयास रहा कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ स्वच्छता का संदेश भी लोगों तक पहुंचे। विशेष रूप से मंदिरों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए जागरूक किया गया।

इसके परिणामस्वरूप स्वच्छता अभियान में प्रशासनिक व्यवस्था के साथ जनसहभागिता को भी जोड़ने का प्रयास किया गया। धार्मिक पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में स्वच्छता के प्रति लोगों की जागरूकता शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मथुरा-वृंदावन के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु ब्रज क्षेत्र पहुंचते हैं। इसलिए नगर निगम की प्राथमिकताओं में यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के साथ स्वच्छता भी महत्वपूर्ण रही।

24 घंटे के विशेष महासफाई अभियान के माध्यम से नगर निगम ने प्रमुख मार्गों, मंदिरों के आसपास के क्षेत्रों और भंडारा स्थलों पर सफाई व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा। वहीं, 430 सफाई कर्मियों की तीन पालियों में तैनाती से सफाई कार्य को निरंतर बनाए रखने का प्रयास किया गया।

नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं से भी अपील की गई कि वे मथुरा-वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करें। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास कूड़ा न फैलाने और निर्धारित स्थान पर कचरा डालने की जिम्मेदारी निभाए, तो ब्रज की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।

इस प्रकार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महापर्व के दौरान नगर निगम मथुरा-वृंदावन का विशेष महासफाई अभियान धार्मिक आयोजन के साथ स्वच्छता और जनभागीदारी का संदेश देने वाला प्रयास रहा। नगर निगम ने जहां लगातार 24 घंटे सफाई व्यवस्था को संचालित किया, वहीं श्रद्धालुओं को भी स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।

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