बस्ती में परिजन की डांट से नाराज होकर घर से निकलीं तीन युवतियां कानपुर सेंट्रल से बरामद, जीआरपी ने परिजनों को सौंपा
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। परिजनों की डांट से नाराज होकर घर से बिना बताए निकलीं बस्ती की तीन युवतियों को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से जीआरपी पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया। तीनों युवतियों के बस्ती से दिल्ली की ओर जाने की आशंका जताई गई थी। सूचना मिलने के बाद कानपुर सेंट्रल जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए रेलवे स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में सघन खोजबीन शुरू की और करीब आधे घंटे के प्रयास के बाद तीनों युवतियों को प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर बने बेंच से बरामद कर लिया।
जीआरपी की इस त्वरित कार्रवाई से तीनों युवतियों के परिजनों को बड़ी राहत मिली। बाद में आवश्यक पहचान और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद युवतियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों ने कानपुर सेंट्रल जीआरपी की कार्यशैली की सराहना करते हुए पुलिस टीम का आभार जताया।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ऑपरेशन मुस्कान और भूले-भटके व्यक्तियों एवं गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। पुलिस महानिदेशक रेलवे श्री प्रकाश डी. के मार्गदर्शन तथा पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन. कोलान्ची के निर्देशन में रेलवे स्टेशनों पर गुमशुदा लोगों की तलाश और उनकी सुरक्षित बरामदगी के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग प्रयागराज प्रशांत वर्मा की निगरानी और पुलिस उपाधीक्षक कानपुर शेषमणि उपाध्याय के निकट पर्यवेक्षण में कानपुर सेंट्रल जीआरपी टीम लगातार चेकिंग अभियान चला रही थी।
हरैया पुलिस से मिली महत्वपूर्ण सूचना
6 सितंबर 2026 को कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी टीम प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया, टिकट घर और यात्री प्रतीक्षालय समेत अन्य स्थानों पर भ्रमण एवं चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान थाना हरैया, जनपद बस्ती के प्रभारी निरीक्षक की ओर से जीआरपी कानपुर सेंट्रल को महत्वपूर्ण सूचना दी गई।
सूचना के अनुसार ग्राम जमुनहा कला, थाना हरैया, जनपद बस्ती निवासी तीन युवतियां—रानी (काल्पनिक नाम), उम्र करीब 18 वर्ष, तारा (काल्पनिक नाम), उम्र करीब 20 वर्ष और पिंकी (काल्पनिक नाम), उम्र करीब 19 वर्ष—परिजनों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकल गई थीं।
पुलिस को आशंका थी कि तीनों युवतियां बस्ती से दिल्ली की तरफ जाने वाली ट्रेन पकड़ सकती हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए कानपुर सेंट्रल जीआरपी ने तत्काल रेलवे स्टेशन पर उनकी तलाश शुरू कर दी।
प्लेटफार्म से लेकर टिकट घर तक हुई तलाश
प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह ने सूचना मिलते ही टीम को सक्रिय किया। उपनिरीक्षक मुकुंद लाल यादव, क्यूआरटी टीम और प्लेटफार्म ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को युवतियों की तलाश में लगाया गया।
इसके बाद टीम ने रेलवे स्टेशन के सभी प्रमुख स्थानों पर खोजबीन शुरू की। पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया, फुट ओवरब्रिज, टिकट घर, यात्री प्रतीक्षालय और ट्रेनों में युवतियों की तलाश की।
तलाश के दौरान पुलिस टीम के पास उपलब्ध युवतियों के फोटो और हुलिए को आधार बनाया गया। इस वजह से टीम को संदिग्ध यात्रियों के बीच उनकी पहचान करने में मदद मिली। पुलिसकर्मियों ने स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और विभिन्न स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए रखी।
करीब आधे घंटे में मिलीं तीनों युवतियां
जीआरपी की सक्रियता का परिणाम जल्द ही सामने आया। करीब आधे घंटे की लगातार खोजबीन के बाद तीनों युवतियां कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर बने एक बेंच पर बैठी हुई मिलीं।
पुलिस टीम ने उपलब्ध फोटो और हुलिए के आधार पर तीनों की पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से जीआरपी थाना कार्यालय लाया गया। यहां महिला हेल्पडेस्क पर उन्हें बैठाया गया और पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाया-बुझाया।
इसके बाद थाना हरैया, जनपद बस्ती के प्रभारी निरीक्षक तथा युवतियों के परिजनों को फोन के माध्यम से उनकी बरामदगी की जानकारी दी गई।
परिजनों के साथ पुलिस टीम पहुंची कानपुर
सूचना मिलने के बाद थाना हरैया से उपनिरीक्षक राम प्रकाश यादव, हेड कांस्टेबल अजय राना और महिला कांस्टेबल आरती यादव कानपुर सेंट्रल जीआरपी थाने पहुंचे। उनके साथ युवतियों के परिजन राम प्रकाश और कुबेश राना भी मौजूद रहे।
थाना कार्यालय में आवश्यक प्रक्रिया के तहत तीनों युवतियों की पहचान उनके परिजनों से कराई गई। पहचान की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार तीनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
तीनों युवतियों के सुरक्षित मिलने की सूचना से परिजनों ने राहत की सांस ली। उन्होंने कानपुर सेंट्रल जीआरपी की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की सराहना की। साथ ही पुलिस टीम को धन्यवाद देते हुए उसके कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
रेलवे स्टेशनों पर लगातार चलाया जा रहा अभियान
कानपुर सेंट्रल जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री पहुंचते और यहां से विभिन्न दिशाओं के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में गुमशुदा लोगों की तलाश पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। हालांकि, फोटो, हुलिया और सूचना के आधार पर जीआरपी टीम द्वारा तत्काल कार्रवाई किए जाने से इस मामले में सफलता मिली।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद विभिन्न जिलों की पुलिस और रेलवे पुलिस के बीच समन्वय कितना महत्वपूर्ण है। बस्ती पुलिस से मिली सूचना को कानपुर सेंट्रल जीआरपी ने गंभीरता से लिया और संभावित मार्ग के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर तत्काल तलाश शुरू कर दी।
जीआरपी टीम की तत्परता से मिली सफलता
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में जीआरपी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उपनिरीक्षक मुकुंद लाल यादव, उपनिरीक्षक मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल शिव सिंह, हेड कांस्टेबल वैश खान, हेड कांस्टेबल राज कमल, कांस्टेबल शिवेंद्र कुमार, कांस्टेबल दीपक यादव, कांस्टेबल अश्वनी कुमार और कांस्टेबल बृजेश यादव शामिल रहे।
पुलिस टीम ने स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में व्यवस्थित तरीके से तलाश की और सूचना मिलने के कुछ ही समय में तीनों युवतियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
कानपुर सेंट्रल जीआरपी की यह कार्रवाई रेलवे स्टेशनों पर गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियानों की उपयोगिता को भी दर्शाती है। समय पर सूचना मिलने और पुलिस द्वारा तेजी से कदम उठाए जाने से तीनों युवतियों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा सका।

