आउटसोर्स कर्मियों को बड़ी राहत: सीएम योगी लॉन्च करेंगे सेवा निगम पोर्टल, 2.70 लाख कर्मचारियों को बढ़े मानदेय की उम्मीद,जानिए किसे क्या मिलेगा,,,
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल और लोगो का शुभारंभ करेंगे। इस नई व्यवस्था को प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती, मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत प्रदेश के करीब 2.70 लाख आउटसोर्स कार्मिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की संभावना को लेकर काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठाया जाएगा। उन्हें ESIC और EPF जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने की बात कही गई है।
लोकभवन में होगा पोर्टल और लोगो का लॉन्च
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार सुबह करीब 11 बजे लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के पोर्टल और लोगो का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम का सभी जिलों में सजीव प्रसारण भी किया जाएगा, ताकि प्रदेशभर के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जुड़ सकें।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री पिकप भवन में तैयार किए गए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के कार्यालय का भी लोकार्पण करेंगे। इस कार्यालय के जरिए निगम से संबंधित प्रशासनिक और संचालन संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
नई व्यवस्था के शुरू होने के बाद सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया को एक निर्धारित प्रणाली के तहत संचालित करने की तैयारी है। इससे विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के बीच होने वाली प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।
2.70 लाख कर्मचारियों को बढ़े मानदेय की उम्मीद
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। इनमें कार्यालयों से लेकर विभिन्न विभागीय और मैदानी स्तर की जिम्मेदारियों से जुड़े कार्मिक शामिल हैं। ऐसे में सेवा निगम की स्थापना को आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अहम पहल माना जा रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि करीब 2.70 लाख आउटसोर्स कार्मिकों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, मानदेय की वास्तविक राशि और इसके लागू होने से जुड़ी विस्तृत जानकारी कार्यक्रम के दौरान सामने आ सकती है।
मानदेय में संभावित बढ़ोतरी से लंबे समय से आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही, सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक समान और बेहतर व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण हो सकता है।
ESIC और EPF का मिलेगा लाभ
आउटसोर्स कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा भी लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। नई व्यवस्था में कर्मचारियों को ESIC और EPF से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।
ESIC के माध्यम से कर्मचारियों और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। वहीं, EPF व्यवस्था कर्मचारियों के भविष्य के लिए बचत और सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस तरह आउटसोर्स कर्मियों को केवल रोजगार से जोड़ने के बजाय उन्हें सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, इन सुविधाओं का लाभ किस श्रेणी के कर्मचारियों को किस प्रक्रिया के तहत मिलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी सेवा निगम की नई व्यवस्था और संबंधित दिशा-निर्देशों के बाद स्पष्ट होगी।
भर्ती के लिए शुरू होगा नया पोर्टल
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के तहत विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए नया पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए विभिन्न विभागों की आवश्यकताओं के अनुसार आउटसोर्स मैनपावर की प्रक्रिया को ऑनलाइन और व्यवस्थित किए जाने की तैयारी है।
इसके अलावा मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसियों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू होगी। यानी जो एजेंसियां सरकारी विभागों को आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध कराती हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत निगम के साथ पंजीकरण कराना होगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य आउटसोर्स मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों की प्रक्रिया को एक नियामक ढांचे के तहत लाना है। इससे विभागों को कर्मचारियों की जरूरत के अनुसार अधिक व्यवस्थित तरीके से मैनपावर उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
नई व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना भी माना जा रहा है। वर्तमान में अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया संचालित होती है। ऐसे में एक केंद्रीकृत पोर्टल और सेवा निगम की व्यवस्था से प्रक्रिया को एक समान स्वरूप देने की कोशिश की जाएगी।
इसके साथ ही एजेंसियों के पंजीकरण की व्यवस्था होने से उनके बारे में आवश्यक जानकारी एक निर्धारित प्रणाली में उपलब्ध रह सकती है। इससे विभागों को मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों के चयन और उनके साथ समन्वय में सुविधा होने की उम्मीद है।
हालांकि, नई व्यवस्था के वास्तविक प्रभाव का आकलन इसके लागू होने और विस्तृत नियम सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल सरकार की इस पहल से बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
जिलों में होगा कार्यक्रम का सजीव प्रसारण
लोकभवन में होने वाले मुख्य कार्यक्रम को प्रदेश के सभी जिलों में सजीव प्रसारण के जरिए दिखाया जाएगा। इससे जिला स्तर के अधिकारी, विभागीय कर्मचारी और आउटसोर्स कार्मिक भी कार्यक्रम से सीधे जुड़ सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सेवा निगम के पोर्टल और लोगो की लॉन्चिंग के साथ-साथ नई व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है। ऐसे में आउटसोर्स कर्मचारियों की नजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन और सरकार की ओर से की जाने वाली घोषणाओं पर रहेगी।
पिकप भवन में निगम कार्यालय का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिकप भवन में तैयार किए गए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के कार्यालय का भी लोकार्पण करेंगे। कार्यालय शुरू होने के बाद निगम की प्रशासनिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या काफी अधिक है और विभिन्न सरकारी विभाग अपनी जरूरत के अनुसार आउटसोर्स सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इनके लिए एक संस्थागत व्यवस्था विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल माना जा रहा है।

