हरदोई में आठवीं की छात्रा की मौत, शिक्षक और सहपाठी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस

16

रिपोर्ट- गुलफाम खान 

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में एक संविलियन विद्यालय की कक्षा आठ की 13 वर्षीय छात्रा की इलाज के दौरान मौत के मामले ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भरखनी विकासखंड के संविलियन विद्यालय साहुआपुर में पढ़ने वाली छात्रा क्षमा दीक्षित की 30 अगस्त को फर्रुखाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने विद्यालय के सहायक अध्यापक राजेंद्र कुमार गंगवार और एक सहपाठी छात्रा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

घटना के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी सहायक अध्यापक राजेंद्र कुमार गंगवार और विद्यालय के इंचार्ज शिक्षक अक्षत को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं पुलिस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

स्कूल में पेपर देने गई थी छात्रा

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को 13 वर्षीय क्षमा दीक्षित विद्यालय में परीक्षा का पेपर देने गई थी। इसी दौरान उसका एक सहपाठी छात्रा के साथ विवाद होने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि विवाद के बाद जब छात्रा ने शिक्षक से शिकायत की, तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई।

परिजनों के मुताबिक, इस घटना में छात्रा के हाथ में गंभीर चोट आई थी और फ्रैक्चर हो गया था। घटना के बाद परिवार ने उसका इलाज कराया। हालांकि, कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए फर्रुखाबाद लेकर गए।

मामले में छात्रा के पिता उमेश दीक्षित ने 23 अगस्त को पचदेवरा थाने में प्रार्थना पत्र देकर घटना की शिकायत की थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।

इलाज के दौरान 30 अगस्त को हुई मौत

परिवार के अनुसार, 24 अगस्त को छात्रा को उपचार के लिए फर्रुखाबाद ले जाया गया था। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। लेकिन 30 अगस्त को उपचार के दौरान छात्रा की मौत हो गई।

छात्रा की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई। फर्रुखाबाद में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई गई। इसके बाद छात्रा के पिता की तहरीर के आधार पर पचदेवरा थाना पुलिस ने गैर इरादतन हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा को चोट कैसे लगी, घटना के दौरान विद्यालय में वास्तव में क्या हुआ और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। इन सभी बिंदुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

छात्रा का वीडियो भी आया सामने

इसी बीच घटना से जुड़ा छात्रा का एक वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि वीडियो में छात्रा कथित तौर पर अपने साथ हुई घटना और मारपीट के बारे में जानकारी देती दिखाई दे रही है।

हालांकि, पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है और उसके आधार पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों का परीक्षण किया जाएगा।

इसके अलावा, छात्रा के मेडिकल दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षक और इंचार्ज शिक्षक निलंबित

मामले की जानकारी सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने भी कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संविलियन विद्यालय साहुआपुर के सहायक अध्यापक राजेंद्र कुमार गंगवार को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही विद्यालय के इंचार्ज शिक्षक अक्षत को भी निलंबित किया गया है।

विभाग की ओर से मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जांच में विद्यालय में घटना के समय मौजूद परिस्थितियों, शिक्षकों की भूमिका और विद्यालय स्तर पर अपनाई गई प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है।

विभागीय कार्रवाई और पुलिस जांच अलग-अलग स्तर पर चल रही है। ऐसे में फिलहाल किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस जांच में जुटाए जा रहे सभी साक्ष्य

अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), हरदोई सुबोध गौतम के अनुसार, मामले में पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।

जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। इसके साथ ही विद्यालय से संबंधित जानकारी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सामने आए वीडियो की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि छात्रा को लगी चोट और बाद में हुई मौत के बीच चिकित्सकीय रूप से क्या संबंध रहा।

पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।

मामले ने विद्यालयों में छात्र सुरक्षा पर उठाए सवाल

हरदोई की इस घटना के बाद विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्कूलों में बच्चों के बीच होने वाले विवादों को समय रहते सुलझाना और किसी भी शिकायत को संवेदनशीलता के साथ सुनना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि किसी छात्र या छात्रा की ओर से शिकायत की जाती है तो विद्यालय स्तर पर उसकी उचित जांच और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि, हरदोई के इस मामले में वास्तविक घटनाक्रम क्या था और छात्रा की मौत के लिए किन परिस्थितियों की भूमिका रही, यह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

You may have missed