पीलीभीत में शारदा नदी का बढ़ा जलस्तर, बनबसा बैराज से 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर अलर्ट
Digital UP News Desk
पीलीभीत: जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पूरनपुर तहसील क्षेत्र में नदी का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। परिगांव के पास शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
बताया गया है कि बनबसा बैराज से शारदा नदी में दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी की आशंका है। इसके मद्देनजर तहसील और जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। वहीं, नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को आवश्यक सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
जिलाधिकारी ने लिया नदी किनारे के क्षेत्रों का जायजा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मंगलवार को शारदा नदी के किनारे स्थित इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नदी के वर्तमान जलस्तर, बैराज से छोड़े जा रहे पानी और संभावित स्थिति के बारे में जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। इसके साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की स्थिति की नियमित जानकारी ली जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरनपुर तहसील में बढ़ी सतर्कता
शारदा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए पूरनपुर तहसील प्रशासन ने नदी तटीय और निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है। बारिश के बीच बनबसा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण इन इलाकों में जलभराव की आशंका बढ़ गई है।
हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को नदी किनारे बसे गांवों की स्थिति पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों को गंभीरता से लें।
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी संभावित स्थिति से पहले लोगों को सुरक्षित रखना है।
नदी और तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों को शारदा नदी के अलावा अन्य नदियों, नालों और जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश नहीं करने को कहा गया है।
जलभराव वाले रास्तों को पार करते समय भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने बच्चों को नदी, नाले और पानी से भरे स्थानों से दूर रखने पर विशेष जोर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी का कारण बन सकती है।
इसी क्रम में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों से कहा गया है कि यदि प्रशासन की ओर से सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए जाते हैं तो वे बिना देरी किए ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
पशुओं को भी सुरक्षित रखने की अपील
प्रशासन ने केवल लोगों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पशुओं को सुरक्षित रखने की भी अपील की है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों से कहा गया है कि वे अपने पशुओं, विशेषकर गौवंश को भी ऐसे स्थानों पर रखें जहां पानी बढ़ने की स्थिति में उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में पशुओं को खुले या निचले स्थानों पर न छोड़ें। साथ ही, जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए पहले से जरूरी तैयारी रखने को कहा गया है।
बिजली के उपकरणों को लेकर भी सावधानी
जलभराव की स्थिति में प्रशासन ने बिजली से जुड़े खतरों को लेकर भी लोगों को सतर्क किया है। ग्रामीणों को विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर और टूटे हुए बिजली के तारों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पानी भरे स्थानों पर बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यदि किसी इलाके में पानी भर जाता है तो लोगों को बिजली संबंधी किसी भी समस्या की जानकारी संबंधित विभाग या स्थानीय प्रशासन को देनी चाहिए।
इसके अलावा, घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने की आवश्यकता पड़ने पर लोगों को जरूरी दस्तावेज, मोबाइल फोन, दवाइयां, पेयजल और आवश्यक खाद्य सामग्री साथ रखने की सलाह दी गई है। इससे आपात स्थिति में परिवारों को शुरुआती समय में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने ग्रामीणों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि शारदा नदी के जलस्तर और बैराज से छोड़े जा रहे पानी से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त करें।
वहीं, किसी भी तरह की जनहानि, पशुहानि, मकान, फसल या अन्य संपत्ति को नुकसान होने की स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना देने को कहा गया है। इससे संबंधित विभाग समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सकेंगे।
लगातार रखी जा रही है निगरानी
प्रशासन के अनुसार शारदा नदी के जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नदी किनारे के गांवों और निचले इलाकों में अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाई गई है। इसके साथ ही संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम और नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बारिश के बीच शारदा नदी का बढ़ता जलस्तर फिलहाल प्रशासन के लिए प्राथमिकता बना हुआ है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों की सतर्कता और प्रशासन के निर्देशों का पालन संभावित जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

