श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले जन्मभूमि की सुरक्षा पर कसा शिकंजा, अधिकारियों ने परखी व्यवस्थाएं

14

रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर मथुरा में प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्व के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक सुवेंद्र कुमार भगत, मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप, पुलिस उपमहानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास के प्रमुख क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया और जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने दिए जरूरी निर्देश

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा का प्रमुख धार्मिक स्थल है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ को व्यवस्थित रखने की बड़ी जिम्मेदारी रहती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया। संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसलिए सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का समय से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही निगरानी व्यवस्था को भी परखा गया। अधिकारियों ने महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे कैमरों की स्थिति और निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही निर्देश दिया गया कि जन्माष्टमी के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि भीड़ के बीच किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को प्रभावी और लगातार सक्रिय रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को भी सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में आपसी तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे एक ओर जहां श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था को भी मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी।

भीड़ प्रबंधन के लिए बनाई जा रही विशेष रणनीति

जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के अलावा शहर के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होता है।

इसी को देखते हुए अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के आवागमन और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के साथ-साथ ऐसे इंतजाम किए जाएं, जिससे किसी स्थान पर अनावश्यक भीड़ एकत्र न हो।

इसके साथ ही सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और उनकी जिम्मेदारियों को भी प्रभावी ढंग से निर्धारित करने पर जोर दिया गया। प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान कम से कम असुविधा हो और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।

यातायात व्यवस्था पर भी अधिकारियों की नजर

जन्माष्टमी के दौरान मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में वाहनों का दबाव भी बढ़ने की संभावना रहती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के निजी वाहनों, बसों और अन्य साधनों से पहुंचने के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है।

इसी वजह से निरीक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वाहनों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं।

इसके अलावा भीड़ वाले क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती और आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देने को कहा गया। प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने और वापस लौटने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस के साथ-साथ संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने कहा कि जन्माष्टमी के दौरान अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच सूचना का आदान-प्रदान लगातार बना रहना चाहिए। किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने और आवश्यक कदम उठाने के लिए समन्वय व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है।

इसके साथ ही सुरक्षा ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा भी रहेगी प्राथमिकता

प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा को भी प्राथमिकता देने की बात कही है। जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण उन्हें आवागमन, दर्शन और भीड़ के बीच सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है।

अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार रखा जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा भीड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्थाओं में बदलाव करने पर भी जोर दिया गया।

जन्माष्टमी से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर धार्मिक उत्साह के साथ प्रशासनिक तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मंदिर परिसर की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों का निरीक्षण इसी तैयारियों का हिस्सा है।

प्रशासन और पुलिस का प्रयास है कि पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे और श्रद्धालु शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर सकें। इसके लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी जरूरी तैयारियां निर्धारित समय से पहले पूरी करने को कहा है। इससे जन्माष्टमी के दौरान अचानक बढ़ने वाली भीड़ और यातायात दबाव को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।

You may have missed