उत्तर भारत में तेज बारिश का दौर: उत्तराखंड में 5 मौतें, केदारनाथ यात्रा फिर शुरू, चित्रकूट में 80 घर गिरे
Digital UP News Desk
उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा आने की घटनाएं भी सामने आई हैं। देहरादून में बारिश के दौरान एक कार बरसाती नदी के तेज बहाव में बह गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया।
इसके अलावा अल्मोड़ा के उड़यूड़ा गांव में भारी बारिश के बाद पहाड़ी से मलबा एक मकान में घुस गया। घटना के समय घर में लोग सो रहे थे। मलबे में दबने से तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
केदारनाथ यात्रा फिर शुरू
केदार घाटी में बारिश के चलते कुछ समय के लिए रोकी गई केदारनाथ यात्रा अब फिर से शुरू हो गई है। मौसम की स्थिति में सुधार के बाद यात्रियों को सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया जा रहा है।
इससे पहले लगातार बारिश और मौसम खराब होने के कारण यात्रियों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। प्रशासन की ओर से मौसम और यात्रा मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यात्रियों को भी मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी जा रही है।
केदारनाथ यात्रा के दौरान मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई है। वहीं, देहरादून और टिहरी में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर
उत्तर प्रदेश में भी मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण कई इलाकों में पानी पहुंच गया है। बाढ़ के चलते 80 से अधिक कच्चे मकान गिरने की जानकारी सामने आई है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों के सामने परेशानी बढ़ गई। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
इसके अलावा रायबरेली के ऊंचाहार में बारिश के कारण जलभराव हो गया। पानी भरने के कारण एनटीपीसी परियोजना की यूनिट नंबर दो को बंद करना पड़ा। वहीं, रायबरेली में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने आई है।
बिहार के 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट
बिहार में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। पटना समेत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं, राज्य के बाकी 24 जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना जताई गई है। ज्यादातर जिलों में तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, 4 सितंबर को भी बिहार के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
दरधा नदी में अचानक बढ़ा पानी
जहानाबाद में दरधा नदी में अचानक पानी आने के कारण जाफरगंज पुल के ऊपर दो फीट से अधिक पानी बहने लगा। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
नदी और पुल के आसपास पानी बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन की ओर से जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
झारखंड में भी बारिश का दौर
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उससे सटे पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है।
राजधानी रांची समेत लगभग सभी स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
मध्य प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा पार करने की उम्मीद
मध्य प्रदेश में भी इस मानसूनी सीजन में अच्छी बारिश हुई है। अब तक प्रदेश में औसत बारिश का करीब 74 प्रतिशत हिस्सा हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में औसतन 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है।
अगस्त में ही करीब 12 इंच बारिश हुई। अब सितंबर में लगभग 9.6 इंच बारिश होने पर प्रदेश की सामान्य बारिश का 37.3 इंच का आंकड़ा पार होने की संभावना है।
बारिश का यह सिलसिला खेती-किसानी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अधिक बारिश होने से जलभराव और अन्य स्थानीय समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
उत्तर भारत में अगले दिनों भी सक्रिय रहेगा मानसून
कुल मिलाकर उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय है। उत्तराखंड में जहां भारी बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है, वहीं उत्तर प्रदेश में नदियों के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। बिहार और झारखंड में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।
ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाना जरूरी है। साथ ही लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने और नदी, नाले तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

