सचिवालय प्रशासन विभाग में 9 अधिकारियों की पदोन्नति, जानिए कौन बने विशेष सचिव
Digital UP News Desk
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सचिवालय प्रशासन विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रशासनिक खबर सामने आई है। सचिवालय प्रशासन विभाग ने 9 अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। इन पदोन्नतियों के बाद अधिकारियों को उनके वर्तमान तैनाती वाले विभागों में ही जिम्मेदारी संभालने का निर्देश दिया गया है। शासन स्तर पर हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को अधिकारियों की पदोन्नति से जोड़कर देखा जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार, गिरीश चंद्र मिश्र को संयुक्त सचिव पद से विशेष सचिव पद पर पदोन्नति दी गई है। इसके अलावा पांच अनुसचिवों को उप सचिव पद पर प्रोन्नत किया गया है। वहीं, तीन उप सचिवों को संयुक्त सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गिरीश चंद्र मिश्र बने विशेष सचिव
सचिवालय प्रशासन विभाग की ओर से जारी पदोन्नति आदेश में गिरीश चंद्र मिश्र का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। उन्हें संयुक्त सचिव के पद से पदोन्नत करते हुए विशेष सचिव बनाया गया है। पदोन्नति के बाद भी उनकी वर्तमान विभागीय तैनाती में बदलाव नहीं किया गया है।
इस निर्णय के तहत गिरीश चंद्र मिश्र अपने मौजूदा विभाग में ही विशेष सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रशासनिक व्यवस्था में विशेष सचिव का पद महत्वपूर्ण माना जाता है और इस स्तर पर अधिकारी को विभागीय कार्यों के संचालन तथा शासन से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में भूमिका निभानी होती है।
पांच अनुसचिवों को मिली उप सचिव पद पर पदोन्नति
सचिवालय प्रशासन विभाग ने पांच अनुसचिवों को भी पदोन्नति दी है। इन अधिकारियों को अनुसचिव पद से उप सचिव पद पर प्रोन्नत किया गया है। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में विनोद कुमार त्रिपाठी, महमूद बट्ट सिद्दीकी, रविंद्र सिंह, किरन कुमारी और राजकुमार सिंह शामिल हैं।
इन अधिकारियों की पदोन्नति के साथ उनके पद की जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। हालांकि, शासन के आदेश के अनुसार पदोन्नति के बाद उन्हें किसी नए विभाग में स्थानांतरित नहीं किया गया है। सभी अधिकारियों को उनकी वर्तमान तैनाती वाले विभागों में ही कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे संबंधित विभागों में कामकाज की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अधिकारियों को अपने मौजूदा विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों की जानकारी पहले से होने के कारण नई जिम्मेदारी संभालने में भी सुविधा होगी।
तीन उप सचिवों को संयुक्त सचिव बनाया गया
पदोन्नति आदेश के तहत तीन उप सचिवों को भी अगले पद पर प्रोन्नति दी गई है। इन अधिकारियों को उप सचिव से संयुक्त सचिव पद पर पदोन्नति मिली है।
पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में सुनील कुमार यादव, किरेंद्र पाल सिंह और गीता शामिल हैं। इन तीनों अधिकारियों को भी पदोन्नति के बाद वर्तमान विभागों में ही तैनाती दी गई है।
इस तरह सचिवालय प्रशासन विभाग के ताजा आदेश में अलग-अलग स्तर के कुल नौ अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। इनमें एक अधिकारी को संयुक्त सचिव से विशेष सचिव, पांच अनुसचिवों को उप सचिव और तीन उप सचिवों को संयुक्त सचिव पद पर प्रोन्नति दी गई है।
वर्तमान विभाग में ही जारी रहेगी तैनाती
इस पदोन्नति आदेश की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी नौ अधिकारियों की तैनाती उनके वर्तमान विभागों में ही बरकरार रखी गई है। सामान्य तौर पर पदोन्नति के बाद अधिकारियों के विभाग या कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, लेकिन इस आदेश में ऐसा नहीं किया गया है।
इस व्यवस्था से संबंधित विभागों के कामकाज पर पदोन्नति का असर कम से कम पड़ने की संभावना है। अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के साथ उसी विभाग में काम जारी रखने का अवसर मिलेगा, जहां वे पहले से कार्यरत हैं।
इसके अलावा, वर्तमान विभाग में तैनाती जारी रहने से प्रशासनिक अनुभव और विभागीय कार्यों की निरंतरता का भी लाभ मिल सकता है। संबंधित अधिकारी पहले से चल रही योजनाओं, फाइलों और विभागीय प्रक्रियाओं से परिचित हैं। इसलिए पदोन्नति के बाद जिम्मेदारी बढ़ने के बावजूद उन्हें नए विभाग की कार्यप्रणाली समझने में अतिरिक्त समय नहीं लगाना पड़ेगा।
प्रशासनिक व्यवस्था में पदोन्नति का महत्व
सरकारी विभागों में अधिकारियों की पदोन्नति प्रशासनिक व्यवस्था का नियमित हिस्सा है। पदोन्नति के माध्यम से अधिकारियों को उनकी सेवा अवधि, कार्य अनुभव और निर्धारित सेवा नियमों के तहत उच्च पद की जिम्मेदारी दी जाती है।
सचिवालय स्तर पर अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि विभिन्न विभागों से जुड़े प्रशासनिक प्रस्ताव, शासनादेश, नीतिगत मामलों और विभागीय कार्यों के संचालन में इन अधिकारियों की जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में पदोन्नति के बाद बढ़ी हुई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से बेहतर प्रशासनिक समन्वय की अपेक्षा की जाती है।
वहीं, वर्तमान विभाग में ही तैनाती बनाए रखने से संबंधित विभागों के प्रशासनिक कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है। अधिकारियों को नए पद के अनुरूप कार्य करने के साथ-साथ अपने विभागीय अनुभव का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
नौ अधिकारियों को मिली पदोन्नति
सचिवालय प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों का विवरण इस प्रकार है:
विशेष सचिव पद पर पदोन्नति
- गिरीश चंद्र मिश्र — संयुक्त सचिव से विशेष सचिव
उप सचिव पद पर पदोन्नति
- विनोद कुमार त्रिपाठी — अनुसचिव से उप सचिव
- महमूद बट्ट सिद्दीकी — अनुसचिव से उप सचिव
- रविंद्र सिंह — अनुसचिव से उप सचिव
- किरन कुमारी — अनुसचिव से उप सचिव
- राजकुमार सिंह — अनुसचिव से उप सचिव
संयुक्त सचिव पद पर पदोन्नति
- सुनील कुमार यादव — उप सचिव से संयुक्त सचिव
- किरेंद्र पाल सिंह — उप सचिव से संयुक्त सचिव
- गीता — उप सचिव से संयुक्त सचिव
इस प्रकार कुल 9 अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति के बाद सभी अधिकारी अपने-अपने वर्तमान विभागों में ही कार्य करते रहेंगे।
प्रशासनिक कामकाज में आएगी निरंतरता
पदोन्नति के साथ वर्तमान तैनाती बरकरार रहने से विभागीय कामकाज में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। खासतौर पर ऐसे समय में जब विभागों में कई प्रशासनिक और नीतिगत कार्य लगातार चल रहे होते हैं, अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता कामकाज को सुचारु बनाए रखने में उपयोगी साबित होती है।
इसके अलावा, पदोन्नत अधिकारियों को अब उनके नए पद के अनुरूप अधिक जिम्मेदारियां निभानी होंगी। संबंधित विभागों में उनके अनुभव का इस्तेमाल प्रशासनिक निर्णयों और विभागीय कार्यों के बेहतर संचालन में किया जा सकता है।

