यूपी में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, 551 संदिग्ध मरीज मिले; लखनऊ में 3 नए केस के बाद मची अफरा-तफरी

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Digital UP News

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू के 551 संदिग्ध मरीज सामने आने की जानकारी है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जांच और उपचार की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रदेश के छह जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले दोहरे अंक में पहुंचने की बात सामने आई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर से जुड़े जिलों में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक मरीज सामने आए हैं। इसके अलावा लखनऊ मंडल में डेंगू के मामलों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग निगरानी कर रहा है। मंडल में डेंगू के 135 मामले सामने आने की जानकारी दी गई है, जिसमें अकेले लखनऊ में 98 मरीज बताए गए हैं।

यूपी में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

प्रदेश में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच कराई जाए और अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर बीमारी की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि, संदिग्ध मामलों की संख्या सामने आने का अर्थ यह नहीं है कि सभी मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। अंतिम स्थिति जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

छह जिलों में मामले दोहरे अंक में

प्रदेश के छह जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले दोहरे अंक में पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इनमें एनसीआर क्षेत्र से जुड़े जिलों में मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक बताई जा रही है।

एनसीआर में आबादी की अधिकता और विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की आवाजाही को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में संबंधित जिलों में संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और उपचार की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

लखनऊ में स्वाइन फ्लू के तीन नए मरीज

राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू के तीन नए मरीज मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें से दो मरीजों को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक मरीज का उपचार डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है।

बताया गया है कि तीनों मरीजों में फिलहाल हल्के लक्षण हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी तरह के फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना उपयोगी होता है। खासकर ऐसे लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, जिन्हें पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं या जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है।

लखनऊ मंडल में डेंगू के 135 मामले

स्वाइन फ्लू के साथ-साथ लखनऊ मंडल में डेंगू के मामलों पर भी स्वास्थ्य विभाग नजर बनाए हुए है। मंडल में अब तक डेंगू के 135 मामले सामने आने की जानकारी दी गई है।

इनमें अकेले लखनऊ में 98 मरीज बताए गए हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग को डेंगू की रोकथाम और मच्छरों की रोकथाम से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को आसपास साफ-सफाई रखने और पानी जमा न होने देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा बुखार या अन्य संबंधित लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी जा रही है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश

स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामलों को देखते हुए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाए रखने और अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

निर्देशों के तहत संदिग्ध मरीजों की जांच व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और अस्पतालों में उपचार से जुड़ी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पतालों में संसाधन दुरुस्त रखने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में भी अस्पतालों में उपचार व्यवस्था प्रभावित न हो।

इसके साथ ही संदिग्ध मरीजों की पहचान और जांच में तेजी लाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर स्थिति का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी मरीजों की स्थिति के अनुसार उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया है।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से सामान्य सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मौसम में बदलाव के दौरान बुखार, खांसी, गले में परेशानी या अन्य फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

इसके अलावा व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर आवश्यक सावधानी बरतना और बीमारी के लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचना उपयोगी हो सकता है।

डेंगू से बचाव के लिए भी घर और आसपास पानी जमा न होने देने तथा मच्छरों की रोकथाम पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

निगरानी बढ़ने से समय पर मिलेगी जानकारी

प्रदेश में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों और डेंगू के मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ाई गई है। फिलहाल लखनऊ में सामने आए तीन स्वाइन फ्लू मरीजों का उपचार जारी है और उनकी स्थिति में हल्के लक्षण बताए गए हैं।

वहीं, 551 संदिग्ध मरीजों की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है। छह जिलों में दोहरे अंक में मामले सामने आने के कारण संबंधित जिलों में भी सतर्कता बढ़ाई जा रही है।

कुल मिलाकर, यूपी में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए जांच और अस्पतालों की तैयारियों पर जोर दिया है। साथ ही लखनऊ मंडल में डेंगू के मामलों को देखते हुए दोनों बीमारियों की निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का जोर फिलहाल समय पर जांच, उचित उपचार और अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रखने पर है।

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