ग्राम प्रधानों की महाचौपाल में उठा अधिकारों का मुद्दा, कटौती हुई तो सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
रिपोर्ट- शुभम साहू
कानपुर नगर । ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों और ग्राम प्रधानों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर घाटमपुर में ग्राम प्रधानों की महाचौपाल आयोजित की गई। इस महाचौपाल में घाटमपुर, पतारा, बिधनू और भीतरगांव ब्लॉक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों, पंचायत सचिवों की कार्यप्रणाली, अधिकारियों के रवैये और प्रधान प्रशासक कार्यकाल से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
महाचौपाल में ग्राम प्रधानों ने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में निर्वाचित ग्राम प्रधानों को विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पर्याप्त अधिकार और प्रशासनिक सहयोग मिलना आवश्यक है। प्रधानों ने अपनी समस्याओं को संगठन के पदाधिकारियों के सामने रखते हुए शासन-प्रशासन से समाधान की मांग की।
चार ब्लॉक क्षेत्रों के ग्राम प्रधान हुए शामिल
कार्यक्रम में घाटमपुर ब्लॉक प्रमुख इंद्रजीत सिंह कछवाह, पतारा ब्लॉक प्रमुख कोमल सिंह, बिधनू ब्लॉक प्रमुख यशवंत सिंह और भीतरगांव ब्लॉक प्रमुख अशोक सचान मौजूद रहे। वहीं घाटमपुर प्रधान संघ अध्यक्ष रेखा सिंह की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया।
महाचौपाल में ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को लेकर ग्रामीणों की अपेक्षाएं ग्राम प्रधानों से रहती हैं। इसलिए विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासनिक स्तर पर सहयोग और स्पष्ट प्रक्रिया बेहद जरूरी है।
प्रधान प्रशासक कार्यकाल को लेकर चर्चा
कार्यक्रम में प्रधान प्रशासक कार्यकाल की व्यवस्था को लेकर भी ग्राम प्रधानों ने अपनी चिंताएं सामने रखीं। प्रधानों का कहना था कि ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव का सीधा प्रभाव विकास कार्यों और पंचायतों की कार्यप्रणाली पर पड़ता है।
ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका और अधिकारों को स्पष्ट रखा जाना चाहिए, ताकि विकास कार्यों को लेकर जिम्मेदारी तय करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों में कार्यों की स्वीकृति, क्रियान्वयन और निगरानी से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी सरल और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता बताई गई।
प्रधानों ने इस बात पर जोर दिया कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। इससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान भी समय पर किया जा सकेगा।
पंचायत सचिवों के रवैये पर प्रधानों ने जताई नाराजगी
महाचौपाल में पंचायत सचिवों की कार्यप्रणाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में पंचायत सचिवों का रवैया सहयोगात्मक नहीं रहता। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
प्रधानों का आरोप था कि कुछ मामलों में पंचायत सचिव गांव की स्थानीय राजनीति से प्रभावित होकर काम करते हैं। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में निर्वाचित ग्राम प्रधानों की भूमिका और छवि पर भी असर पड़ता है। हालांकि, ये आरोप ग्राम प्रधानों की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित अधिकारियों या सचिवों का पक्ष इस कार्यक्रम में सामने नहीं आया।
ग्राम प्रधानों ने कहा कि पंचायत स्तर पर किसी भी प्रकार के मतभेद का असर गांव के विकास कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत सचिवों और ग्राम प्रधानों के बीच नियमित संवाद और समन्वय की व्यवस्था जरूरी है।
विकास कार्यों की जिम्मेदारी और जवाबदेही का मुद्दा
महाचौपाल में ग्राम प्रधानों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर जनता सबसे पहले अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों से सवाल करती है। ऐसे में यदि किसी प्रशासनिक या तकनीकी प्रक्रिया के कारण काम में देरी होती है, तो उसका जवाब भी प्रधानों को ग्रामीणों के बीच देना पड़ता है।
प्रधानों ने मांग की कि ग्राम पंचायतों से संबंधित प्रक्रियाओं में अनावश्यक अड़चनों को कम किया जाए। साथ ही, विकास कार्यों की जिम्मेदारी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को स्पष्ट किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर भ्रम की स्थिति न बने।
उन्होंने कहा कि पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे ग्रामीणों का स्थानीय प्रशासन और पंचायत व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा।
अधिकारों में कटौती का विरोध
महाचौपाल का सबसे प्रमुख मुद्दा ग्राम प्रधानों के अधिकारों से जुड़ा रहा। कार्यक्रम में मौजूद प्रधानों ने कहा कि ग्राम पंचायतों को प्रभावी बनाने के लिए निर्वाचित ग्राम प्रधानों की भूमिका मजबूत रहनी चाहिए।
प्रधानों ने कहा कि यदि उनके अधिकारों में कटौती की जाती है या निर्वाचित ग्राम प्रधानों को प्रभावहीन करने का प्रयास किया जाता है, तो वे इसका विरोध करेंगे। उन्होंने संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान अपने अधिकारों और पंचायतों की मजबूती के लिए एक साथ खड़े रहेंगे।
महाचौपाल में प्रधानों ने सामूहिक रूप से चेतावनी दी कि यदि उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास किया गया तो प्रदेशभर के ग्राम प्रधान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हो सकते हैं। इसी क्रम में उन्होंने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी भी दी।
संगठन की एकजुटता पर जोर
कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधानों ने संगठन को मजबूत बनाए रखने पर भी चर्चा की। प्रधानों ने कहा कि अलग-अलग ग्राम पंचायतों में समस्याएं अलग हो सकती हैं, लेकिन अधिकारों और पंचायतों के सुचारु संचालन से जुड़े मुद्दे सभी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानों ने अपने कार्यकाल के दौरान सामने आई समस्याओं को साझा किया और उनके समाधान के लिए संगठन के पदाधिकारियों से पहल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की समस्याओं को संबंधित विभागों और शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
इसके अलावा, प्रधानों ने अधिकारियों और पंचायत सचिवों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता भी बताई। उनका कहना था कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच सकारात्मक संवाद रहेगा तो ग्रामीण विकास योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
शासन-प्रशासन तक समस्याएं पहुंचाने की मांग
महाचौपाल के माध्यम से ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्याओं को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। प्रधानों ने मांग की कि ग्राम पंचायतों से जुड़े मामलों में उनकी व्यावहारिक कठिनाइयों को समझते हुए आवश्यक समाधान किया जाए।
प्रधानों का कहना है कि ग्रामीण विकास की योजनाओं का अंतिम लाभ गांव के लोगों तक पहुंचता है। इसलिए पंचायत स्तर पर काम करने वाले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है। यदि पंचायतों को पर्याप्त अधिकार, संसाधन और प्रशासनिक सहयोग मिलता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और गति दी जा सकती है।

