मुरादाबाद में गागन नदी पर 15 दिन में बनेगा सुरक्षित अस्थायी पुल, मंडलायुक्त ने दिए निर्देश – एक बार जरूर पढ़ें

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रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद 

मुरादाबाद: राजस्व ग्राम चौधरपुर (मलंगदत्ता) में गागन नदी पर बने कच्चे पुल से उतरते समय शुक्रवार शाम हुए हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है। शनिवार को मंडलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली और स्थानीय लोगों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि जब तक गागन नदी पर स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक लोगों के आवागमन के लिए सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी क्रम में उन्होंने 15 दिन के भीतर सुरक्षित अस्थायी सेतु का निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।

हादसे के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान

गागन नदी पर बने कच्चे पुल से उतरते समय शुक्रवार शाम हादसा होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुल की सुरक्षा और वहां से लोगों के आवागमन को लेकर चिंता जताई गई।

इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और मंडलायुक्त संगीता सिंह ने शनिवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मौके की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों से वर्तमान व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। इसके लिए असुरक्षित मार्ग से आवागमन रोकने और वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया।

15 दिन में बनेगा सुरक्षित अस्थायी सेतु

निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि स्थायी पुल बनने में लगने वाले समय को देखते हुए तत्काल अस्थायी व्यवस्था की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 15 दिन की समय-सीमा में सुरक्षित अस्थायी सेतु का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा।

इस अस्थायी पुल का उद्देश्य स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही, इससे असुरक्षित कच्चे मार्ग के इस्तेमाल को रोकने में भी मदद मिलेगी।

प्रशासन का प्रयास है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो और स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्थायी पुल के लिए पहले ही भेजा जा चुका प्रस्ताव

अधिकारियों ने मंडलायुक्त को बताया कि गागन नदी पर स्थायी पुल के निर्माण की प्रक्रिया भी पहले से चल रही है। लोक निर्माण विभाग की ओर से स्थायी पुल निर्माण के लिए मार्च 2026 में प्रस्ताव भेजा गया था।

इसके बाद स्थायी सेतु निर्माण के लिए संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया। यह संशोधित प्रस्ताव जून 2026 में मुख्य अभियंता, सेतु, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ को भेजे जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी।

इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र में स्थायी पुल की आवश्यकता को लेकर विभागीय स्तर पर पहले से प्रक्रिया चल रही है। अब प्रशासन का जोर प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति दिलाने और निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर है।

अस्थायी व्यवस्था तक असुरक्षित मार्ग पर रोक

मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि अस्थायी सेतु तैयार होने तक असुरक्षित मार्ग से लोगों का आवागमन रोका जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया है।

स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित रास्ते की उपलब्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि नदी क्षेत्र से होकर होने वाला आवागमन रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार होने तक प्रशासन को सुरक्षा के साथ-साथ लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखना होगा।

अधिकारियों को मौके पर निगरानी रखने और किसी भी तरह की असुरक्षित स्थिति सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों के बीच समन्वय से पूरा होगा काम

अस्थायी सेतु के निर्माण को समय पर पूरा कराने के लिए मंडलायुक्त ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया है।

उन्होंने एसडीएम सदर, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। साथ ही, निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्माण पूरा कराने की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया गया।

मंडलायुक्त ने कहा कि निर्माण कार्य की लगातार निगरानी की जानी चाहिए, ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों का ध्यान रखा जा सके।

स्थायी पुल के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दिलाने के निर्देश

अस्थायी सेतु के साथ-साथ स्थायी पुल के निर्माण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि स्थायी पुल के प्रस्ताव को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाए।

स्थायी पुल बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को लंबे समय के लिए सुरक्षित और बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। इसलिए प्रस्ताव की स्वीकृति से लेकर निर्माण की प्रक्रिया तक संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखना जरूरी है।

प्रशासन की ओर से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई है।

राहत कार्य में सहयोग करने वालों को किया जाएगा सम्मानित

हादसे के दौरान राहत कार्य में स्थानीय लोगों ने सहयोग किया था। मंडलायुक्त ने ऐसे लोगों को चिन्हित कर सम्मानित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में स्थानीय लोगों का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। इसलिए राहत कार्य में मदद करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए।

सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष जोर

गागन नदी पर अस्थायी सेतु के निर्माण के दौरान लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि नया अस्थायी रास्ता सुरक्षित हो और उसका इस्तेमाल करने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

वहीं, स्थायी पुल के निर्माण की प्रक्रिया को भी जल्द आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए संबंधित विभागों को प्रस्ताव की स्वीकृति के संबंध में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है।

स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद

गागन नदी पर सुरक्षित अस्थायी सेतु बनने से चौधरपुर और आसपास के क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन का लक्ष्य 15 दिन के भीतर वैकल्पिक सेतु तैयार करना है।

शुक्रवार के हादसे के बाद प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों से यह संकेत मिला है कि क्षेत्र में आवागमन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अब स्थानीय लोगों की नजर अस्थायी सेतु के निर्माण और स्थायी पुल के प्रस्ताव की मंजूरी पर रहेगी।

कुल मिलाकर, गागन नदी पर स्थायी पुल बनने तक प्रशासन ने सुरक्षित अस्थायी सेतु को प्राथमिकता दी है। मंडलायुक्त के निर्देश के बाद संबंधित विभागों को समय-सीमा में काम पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। यदि निर्धारित समय के अनुसार निर्माण पूरा होता है, तो स्थानीय लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी और असुरक्षित मार्ग पर निर्भरता कम होगी।

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