कानपुर सेंट्रल माल गोदाम में श्रमिकों का निःशुल्क हेल्थ चेक-अप, अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी

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रिपोर्ट- सर्वेश सोनू शर्मा 

कानपुर। भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ (BRMGSS) की ओर से कानपुर सेंट्रल रेलवे माल गोदाम, कोपरगंज में निःशुल्क मेडिकल हेल्थ चेक-अप एवं श्रमिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के उत्तर प्रदेश संगठन मंत्री सर्वेश गिरी के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान माल गोदाम में कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें श्रमिक अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

यह कार्यक्रम भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील कुमार पासवान, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण कुमार पासवान और राष्ट्रीय प्रभारी मनोरंजन कुमार पासवान के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माल गोदाम श्रमिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनके अधिकारों और सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।

श्रमिकों का किया गया निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

कार्यक्रम के दौरान कानपुर सेंट्रल रेलवे माल गोदाम में काम करने वाले श्रमिकों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा निःशुल्क मेडिकल हेल्थ चेक-अप किया गया। श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी गई।

आयोजकों के अनुसार, माल गोदामों में श्रमिकों का कार्य शारीरिक रूप से काफी सक्रिय होता है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच उनके लिए महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य परीक्षण को कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा बनाया गया। मेडिकल टीम ने श्रमिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को सुना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी।

इस पहल से श्रमिकों को बिना किसी आर्थिक बोझ के स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा मिली। वहीं, कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि श्रमिकों को अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच को प्राथमिकता देनी चाहिए।

ई-श्रम और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की दी जानकारी

स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ कार्यक्रम में श्रमिक जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस दौरान श्रमिकों को ई-श्रम पंजीकरण, EPF, ESIC और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संबंध में जानकारी दी गई।

इसके अलावा श्रमिकों को उनके अधिकारों के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक पंजीकरण एवं दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना जरूरी है।

कार्यक्रम में ई-श्रम पंजीकरण की प्रक्रिया, श्रमिकों के डेटा वेरिफिकेशन और डेटा संकलन से संबंधित विषयों पर भी जानकारी साझा की गई। आयोजकों ने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने दस्तावेजों और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी को सही रखें, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

चार नए श्रम संहिताओं पर भी हुई चर्चा

कार्यक्रम में श्रमिकों को चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। श्रमिकों को श्रम कानूनों में होने वाले बदलावों और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार से संबंधित नियमों की जानकारी रखें। जानकारी के अभाव में कई बार श्रमिक उपलब्ध सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। इसलिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

इसके साथ ही श्रमिकों को अपने रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित रखने तथा आवश्यकतानुसार उनका सत्यापन कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।

कई पदाधिकारी और अतिथि रहे मौजूद

कार्यक्रम में रेलवे और श्रमिक संघ से जुड़े कई पदाधिकारी एवं अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य माल अधीक्षक, उत्तर मध्य रेलवे, ज्ञान प्रकाश, NCR जोन अध्यक्ष लाल बहादुर यादव, गोरखपुर जोन अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, लखनऊ मंडल अध्यक्ष शिरोमणि दूबे सहित कई पदाधिकारियों ने सहभागिता की।

गोरखपुर जोन से पारसनाथ गिरी, प्रयागराज के संगठन मंत्री धीरेंद्र कुमार, विजय गुप्ता, बाबा शर्मा और अन्य कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं लीगल सेल के जोनल पदाधिकारी एडवोकेट एस.के. पांडेय रहे। वहीं कार्यक्रम संयोजक के रूप में राजा सिंह चंदेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा धर्मेन्द्र त्रिवेदी, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुधाकर मिश्र और कानपुर क्षत्रिय महासभा अध्यक्ष पुष्पेंद्र भदौरिया भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

मेडिकल टीम ने निभाई अहम भूमिका

स्वास्थ्य जांच अभियान में मेडिकल ऑफिसर डॉ. महरोज अख्तर, डॉ. अंबिका वर्मा और उनकी टीम ने श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। मेडिकल टीम ने श्रमिकों की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को समझते हुए जांच की और जरूरी चिकित्सकीय सुझाव दिए।

कार्यक्रम के आयोजकों ने मेडिकल टीम और रेलवे मेडिकल विभाग के सहयोग की सराहना की। उनका कहना रहा कि श्रमिकों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए इस तरह के शिविर आगे भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।

श्रमिकों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

कार्यक्रम में माल गोदाम श्रमिकों ने भी सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान मोहम्मद रफीक, सतीश शुक्ला, अमित बाजपेई, रामस्वरूप मिश्रा, अनुराग शुक्ला, सत्येंद्र त्रिपाठी, राम सहाय, राम स्वारथ, जमील अहमद, जनार्दन दुबे, पिंटू ठाकुर, विनीत दुबे, सावित्री त्रिवेदी और अर्चना शर्मा सहित कई श्रमिक उपस्थित रहे।

श्रमिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम में दी गई जानकारी को उपयोगी बताया। विशेष रूप से ई-श्रम, EPF, ESIC और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी जानकारी को श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण माना गया।

BRMGSS ने जताया आभार

कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ (BRMGSS) की ओर से सभी पदाधिकारियों, श्रमिक साथियों, रेलवे मेडिकल विभाग और सहयोगी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया।

संघ की ओर से कहा गया कि श्रमिकों के स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिकों को एक ही मंच पर स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकती है।

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