अयोध्या में महंत नृत्यगोपाल दास ने किया रजत शिला का पूजन, श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए हुई पूजा

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Digital UP News Desk

अयोध्या। श्रावणी पर्व के अवसर पर अयोध्या स्थित मणिराम छावनी में धार्मिक आयोजन का वातावरण देखने को मिला। यहां श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए लाई गई चांदी की शिला यानी रजत शिला का विधि-विधान से पूजन किया गया। इस अवसर पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े संत और धार्मिक परंपराओं के लिए पहचाने जाने वाले महंत नृत्यगोपाल दास ने रजत शिला का पूजन किया। आयोजन के दौरान संतों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।

बताया गया कि हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी के आह्वान पर मणिराम छावनी में रजत शिला पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रावणी पर्व के अवसर पर हुए इस आयोजन में संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। पूजन के बाद रजत शिला की महाआरती भी की गई। इस दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया।

श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए पूजित हुई रजत शिला

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए पूजित की गई चांदी की शिला रही। धार्मिक मान्यताओं में किसी बड़े धार्मिक कार्य की शुरुआत से पहले पूजन और संकल्प की परंपरा रही है। इसी क्रम में रजत शिला का पूजन किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, शिला को धार्मिक विधि से पूजित कर मंदिर निर्माण के संकल्प से जोड़ा गया।

इसके साथ ही मणिराम छावनी में मौजूद संतों और श्रद्धालुओं ने रजत शिला का स्वागत किया। पूजन के दौरान वैदिक एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप अनुष्ठान किए गए। हालांकि, मंदिर निर्माण की आगे की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी आयोजकों की ओर से अलग-अलग स्तर पर सामने आना बाकी है।

महंत नृत्यगोपाल दास ने किया पूजन

मणिराम छावनी में आयोजित कार्यक्रम में महंत नृत्यगोपाल दास की मौजूदगी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने रजत शिला का पूजन किया। इसके बाद उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

महंत नृत्यगोपाल दास अयोध्या के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं। अयोध्या में धार्मिक आयोजनों के दौरान उनकी उपस्थिति श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। इस अवसर पर भी उनके द्वारा रजत शिला पूजन किए जाने से कार्यक्रम का धार्मिक महत्व बढ़ गया।

श्रावणी पर्व पर हुआ विशेष आयोजन

श्रावणी पर्व हिंदू धार्मिक परंपरा में महत्वपूर्ण माना जाता है। सावन के दौरान देशभर के मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विभिन्न प्रकार के पूजा-अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। अयोध्या में भी इस अवधि में धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इसी क्रम में मणिराम छावनी में रजत शिला पूजन का आयोजन किया गया।

आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। इसके अलावा रजत शिला की महाआरती भी की गई। महाआरती के दौरान संतों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। इससे पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।

दिनेश फलाहारी के आह्वान पर पूजन

इस कार्यक्रम का आयोजन हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी के आह्वान पर किया गया। उनके आह्वान पर संतों और श्रद्धालुओं ने मणिराम छावनी पहुंचकर रजत शिला पूजन कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं के अनुसार शिला की पूजा की गई।

आयोजकों का कहना है कि रजत शिला को श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के संकल्प से जोड़कर पूजित किया गया है। ऐसे में यह आयोजन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसे आस्था और धार्मिक संकल्प से जुड़ा अवसर बताया।

संतों और श्रद्धालुओं ने किया स्वागत

रजत शिला के मणिराम छावनी पहुंचने पर संतों और श्रद्धालुओं ने उसका स्वागत किया। इसके बाद विधि-विधान के साथ पूजन की प्रक्रिया पूरी की गई। धार्मिक आयोजन में शामिल लोगों ने पूजा के दौरान शांति और धार्मिक भावनाओं के साथ सहभागिता की।

अयोध्या पहले से ही देश-दुनिया में धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान रखता है। ऐसे में यहां होने वाले धार्मिक आयोजन स्वाभाविक रूप से श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित करते हैं। मणिराम छावनी भी अयोध्या के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां समय-समय पर संतों की मौजूदगी में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।

महाआरती में शामिल हुए श्रद्धालु

रजत शिला पूजन के बाद महाआरती का आयोजन किया गया। इस दौरान संतों और श्रद्धालुओं ने आरती में सहभागिता की। धार्मिक अनुष्ठान के समापन के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

महाआरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही मंदिर निर्माण के संकल्प से जुड़े इस आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह भी देखने को मिला।

अयोध्या में धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व

अयोध्या का धार्मिक महत्व देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष है। यहां वर्षभर विभिन्न पर्वों और धार्मिक अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित होते हैं। सावन और श्रावणी पर्व के दौरान भी अयोध्या के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होती है।

इसी वातावरण में मणिराम छावनी में श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए रजत शिला पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन में संतों की मौजूदगी और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इसे धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।

हालांकि, श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण को लेकर आगे की विस्तृत योजना, स्थान, समयसीमा और अन्य औपचारिकताओं से संबंधित जानकारी अलग से स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल आयोजन का प्रमुख केंद्र रजत शिला पूजन और उससे जुड़ा धार्मिक संकल्प रहा।

धार्मिक आस्था और संकल्प का प्रतीक बना आयोजन

कुल मिलाकर अयोध्या के मणिराम छावनी में आयोजित रजत शिला पूजन कार्यक्रम धार्मिक आस्था और संकल्प से जुड़ा अवसर रहा। महंत नृत्यगोपाल दास द्वारा शिला पूजन, संतों की मौजूदगी, श्रद्धालुओं का स्वागत और इसके बाद हुई महाआरती ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

श्रावणी पर्व के अवसर पर हुए इस आयोजन में श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण के लिए पूजित चांदी की शिला को धार्मिक परंपरा के अनुरूप सम्मान दिया गया। वहीं, आयोजकों और श्रद्धालुओं ने इसे मंदिर निर्माण के संकल्प से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर बताया।

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