सोनभद्र में 36.5 किलो गांजा बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार; स्कॉर्पियो से हो रही थी अंतर्राज्यीय तस्करी
Digital UP News Desk
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 36.500 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये है। इस कार्रवाई में तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही एक स्कॉर्पियो भी बरामद की गई है। पुलिस ने मामले में कथित तौर पर शामिल चार तस्करों को गिरफ्तार किया है।
यह कार्रवाई रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में की गई। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पकड़े गए आरोपी एक अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे सोनभद्र के रास्ते कहां पहुंचाया जाना था।
कार से बरामद हुआ 36.5 किलो गांजा
पुलिस की कार्रवाई के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो की जांच की गई। तलाशी के दौरान वाहन से गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, कुल 36.500 किलोग्राम गांजा मिला है। बरामद मादक पदार्थ की बाजार कीमत करीब 18 लाख रुपये आंकी गई है।
इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन में मौजूद लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के बाद चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहन को भी कब्जे में ले लिया गया।
पुलिस अब बरामद गांजे के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं या नहीं।
अंतर्राज्यीय गिरोह से जुड़े होने की जांच
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के अंतर्राज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि, गिरोह का पूरा नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दरअसल, सोनभद्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह कई राज्यों की सीमाओं के नजदीक स्थित है। ऐसे में जिले के रास्तों का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के सामान की आवाजाही के साथ-साथ अवैध गतिविधियों के लिए भी किए जाने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध वाहनों की निगरानी करती हैं।
इस मामले में भी पुलिस को तस्करी से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
स्कॉर्पियो को भी पुलिस ने किया बरामद
गांजे के साथ पुलिस ने उस स्कॉर्पियो वाहन को भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर तस्करी के लिए किया जा रहा था। वाहन को कब्जे में लेकर उसके दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
वाहन की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसे किसके नाम पर पंजीकृत किया गया है और पिछले कुछ समय में यह किन-किन स्थानों पर गया था। जरूरत पड़ने पर वाहन की आवाजाही से संबंधित जानकारी भी जांच का हिस्सा बन सकती है।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता कर सकती है कि वाहन का इस्तेमाल पहले किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में तो नहीं हुआ। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
18 लाख रुपये की कीमत का गांजा
पुलिस द्वारा बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के कारण इस मामले को महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है।
मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में पुलिस आमतौर पर बरामदगी के साथ-साथ सप्लाई चेन की जांच भी करती है। इसी क्रम में यह पता लगाया जाता है कि प्रतिबंधित पदार्थ की सप्लाई किस स्थान से हुई, इसे किस माध्यम से लाया गया और आगे किसे दिया जाना था।
सोनभद्र में हुई इस बरामदगी के बाद भी जांच का दायरा केवल गिरफ्तार चार आरोपियों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। यदि पूछताछ में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो पुलिस उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकती है।
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का मामला
पूरा मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। कार्रवाई के बाद पुलिस ने बरामद गांजा और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की ओर से मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। यदि जांच में अंतर्राज्यीय कनेक्शन की पुष्टि होती है, तो संबंधित राज्यों की पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा सकता है।
आगे की जांच में खुल सकते हैं कई राज
इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल गांजे की सप्लाई के स्रोत और इसके संभावित खरीदारों का है। 36.5 किलो जैसी बड़ी मात्रा में गांजा बरामद होने से यह संकेत मिलता है कि मामले की जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है और बरामद सामग्री तथा वाहन को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखा गया है।

