रक्षाबंधन पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 45 लाख से ज्यादा महिलाओं ने मुफ्त बस यात्रा का उठाया लाभ
Digital UP News Desk
लखनऊ: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से महिलाओं को दी गई निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा का प्रदेशभर में व्यापक असर देखने को मिला। रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की लाखों महिलाएं अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए घरों से निकलीं। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) और नगरीय परिवहन की बसों में 45 लाख से अधिक महिलाओं ने मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठाया।
सरकार की इस पहल से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली, जिनकी महिलाएं रक्षाबंधन पर दूसरे शहरों या कस्बों में अपने मायके जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करती हैं। मुफ्त यात्रा की वजह से महिलाओं को किराए की चिंता से राहत मिली और वे आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकीं। वहीं, परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन भी किया गया।
27 से 29 अगस्त तक मुफ्त बस यात्रा की सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष बस यात्रा योजना लागू की गई थी। इसके तहत 27 अगस्त से 29 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक उत्तर प्रदेश की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए यात्रा निःशुल्क रखी गई। इतना ही नहीं, महिला यात्री के साथ यात्रा करने वाले एक सहयात्री को भी इस सुविधा का लाभ दिया गया।
इस विशेष व्यवस्था का उद्देश्य रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना था। त्योहार के समय बसों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार और परिवहन विभाग की ओर से पहले से ही अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गईं, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने सरकारी बसों से यात्रा की। 45 लाख से अधिक महिलाओं का मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठाना इस योजना के बड़े स्तर पर लागू होने को दर्शाता है।
प्रमुख शहरों में बसों की बढ़ाई गई संख्या
रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने प्रमुख मार्गों और डिपो पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया। खासतौर पर उन मार्गों पर अतिरिक्त व्यवस्था की गई, जहां त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या अधिक रहने की संभावना थी।
लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, मुरादाबाद और प्रयागराज समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों के बस अड्डों पर विशेष निगरानी रखी गई। इसके अलावा अन्य महत्वपूर्ण रूटों पर भी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए गए।
बस अड्डों पर अधिकारियों और कर्मचारियों को यात्रियों की सुविधा पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। भीड़ को व्यवस्थित करने, बसों के संचालन और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से अतिरिक्त प्रयास किए गए।
महिलाओं को सीधे आर्थिक राहत
रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं को मिला, जिन्हें त्योहार के लिए अपने मायके या रिश्तेदारों के घर जाना था। सामान्य तौर पर लंबी दूरी की यात्रा में बस किराए पर परिवार का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा से महिलाओं और उनके परिवारों को सीधे आर्थिक राहत मिली।
इसके साथ ही महिला यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने का एक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प भी मिला। त्योहार के दौरान निजी वाहनों और अन्य साधनों पर बढ़ते दबाव के बीच सरकारी बसों की अतिरिक्त सेवाओं ने आवागमन को आसान बनाने में मदद की।
महिला यात्रियों ने भी सरकार की इस पहल को उपयोगी बताया। उनका कहना था कि रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर बिना किराए के यात्रा की सुविधा मिलने से त्योहार की खुशियां बढ़ीं और यात्रा का खर्च बचा।
वरिष्ठ महिलाओं के लिए भी बड़ी पहल
रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की वरिष्ठ महिलाओं को रोडवेज बसों में जीवनभर निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है।
यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्र बढ़ने के साथ कई महिलाओं के लिए यात्रा का खर्च एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है। ऐसे में जीवनभर मुफ्त रोडवेज यात्रा की सुविधा से उन्हें सार्वजनिक परिवहन का अधिक आसानी से इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा, वरिष्ठ महिलाओं को अपने परिवार, रिश्तेदारों और धार्मिक या सामाजिक स्थलों तक आने-जाने में भी सुविधा मिल सकती है। इस तरह रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू की गई यह पहल केवल त्योहार तक सीमित नहीं है, बल्कि वरिष्ठ महिलाओं के लिए लंबे समय तक उपयोगी रहने वाली सुविधा के रूप में सामने आई है।
त्योहारों पर परिवहन व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी
रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहारों पर उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में लोग एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करते हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह पर्व मायके जाने और भाइयों को राखी बांधने से जुड़ा होता है। इसलिए त्योहार से पहले ही परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है।
इसी को देखते हुए इस बार भी परिवहन निगम की ओर से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई। प्रमुख बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई। साथ ही, अधिक मांग वाले मार्गों पर बसों के संचालन को प्राथमिकता दी गई।
सरकार की ओर से मुफ्त यात्रा की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने सरकारी बसों का इस्तेमाल किया। इससे यह भी सामने आया कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक परिवहन महिलाओं की यात्रा को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
45 लाख से अधिक यात्राओं ने दिखाया योजना का असर
रक्षाबंधन के दौरान 45 लाख से अधिक महिलाओं द्वारा मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठाना इस पहल की पहुंच को दर्शाता है। एक ओर जहां महिलाओं को यात्रा के खर्च से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर उनके परिवारों पर त्योहार के दौरान आने वाला आर्थिक दबाव भी कुछ कम हुआ।
सरकार की ओर से महिलाओं और उनके साथ यात्रा करने वाले एक सहयात्री के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था ने इस सुविधा को और व्यापक बनाया। इसके साथ ही अतिरिक्त बसों के संचालन से बढ़ती मांग को पूरा करने की कोशिश की गई।
कुल मिलाकर, रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा की सुविधा महिलाओं के लिए सरकार की एक ऐसी पहल रही, जिसका लाभ प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में यात्रियों तक पहुंचा। वहीं, ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के जरिए 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को जीवनभर मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला इस पहल को और व्यापक बनाता है।
रक्षाबंधन के अवसर पर शुरू हुई इन सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के आवागमन को आसान बनाना और उन्हें सार्वजनिक परिवहन में सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। 45 लाख से अधिक महिलाओं की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि त्योहार के दौरान मुफ्त बस यात्रा की सुविधा की प्रदेशभर में बड़ी मांग रही।

