बाबा रामदेव ने कंगना रनौत को भेजी रक्षाबंधन की मिठाई, ‘जनरेशन गटर’ विवाद के बीच बोला-संवाद जरूरी

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Digital UP News Desk

नई दिल्ली: अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत तथा योग गुरु बाबा रामदेव के बीच हाल ही में ‘जनरेशन गटर’ टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सकारात्मक मोड़ लेता नजर आ रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर बाबा रामदेव ने कंगना रनौत को तोहफा और मिठाइयां भेजने की बात कही है। साथ ही उन्होंने समाज में नफरत और दुश्मनी को समाप्त कर आपसी भाईचारे और संवाद को बढ़ावा देने की अपील की।

दरअसल, यह पूरा मामला जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कंगना रनौत की टिप्पणी से जुड़ा है। प्रदर्शनकारियों पर टिप्पणी करते हुए कंगना ने ‘जनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों के साथ-साथ मनोरंजन जगत में भी चर्चा तेज हो गई थी। कई लोगों ने अभिनेत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी।

इसी विवाद के बीच बाबा रामदेव ने भी कंगना की टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से अपनी असहमति जाहिर की थी। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर रामदेव ने अपने रुख को सौहार्दपूर्ण तरीके से सामने रखते हुए कंगना रनौत के लिए मिठाई और उपहार भेजने की बात कही।

रक्षाबंधन पर बाबा रामदेव ने दिया भाईचारे का संदेश

बाबा रामदेव ने रक्षाबंधन के महत्व पर बात करते हुए कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में प्रेम, सम्मान और आपसी जुड़ाव का संदेश भी देता है। उन्होंने लोगों से जाति और समुदाय के आधार पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में रक्षाबंधन का विशेष महत्व रहा है। उनके मुताबिक, द्रौपदी ने भगवान कृष्ण को राखी बांधी थी और ब्राह्मणों द्वारा क्षत्रियों को राखी बांधने की परंपरा का भी उल्लेख मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत ज्ञान और वीरता का सम्मान करने वाला देश रहा है।

रामदेव ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास का पर्व बताते हुए समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उन्हें संवाद के जरिए दूर किया जाना चाहिए।

‘जनरेशन गटर’ टिप्पणी से शुरू हुआ था विवाद

कंगना रनौत की ‘जनरेशन गटर’ टिप्पणी के बाद विवाद काफी बढ़ गया था। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों के संदर्भ में अभिनेत्री की टिप्पणी सामने आई थी। इसके बाद सोशल मीडिया से लेकर सार्वजनिक मंचों तक इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

कंगना की टिप्पणी की कुछ लोगों ने आलोचना की, जबकि कुछ समर्थकों ने इसे उनके राजनीतिक विचारों का हिस्सा बताया। हालांकि, बाबा रामदेव ने भी इस टिप्पणी पर अपनी असहमति जताते हुए अभिनेत्री के बयान पर सवाल उठाए थे।

रामदेव ने उस समय कहा था कि वह ऐसे लोगों के बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते। उन्होंने कंगना के बयान के संदर्भ में उनकी योग्यता, बचपन, युवावस्था और पुराने कार्यों को लेकर सवाल उठाए थे। उनके इस बयान के बाद दोनों के बीच सार्वजनिक तौर पर मतभेद की चर्चा तेज हो गई थी।

अब रक्षाबंधन पर बदला माहौल

विवाद के कुछ समय बाद रक्षाबंधन का त्योहार इस पूरे मामले में एक नया संदेश लेकर आया। बाबा रामदेव ने कंगना रनौत के लिए मिठाई और उपहार भेजने की घोषणा करते हुए कहा कि समाज में नफरत और दुश्मनी की जगह प्रेम और संवाद होना चाहिए।

रामदेव का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हालिया विवाद में दोनों की ओर से एक-दूसरे के बयानों पर प्रतिक्रिया सामने आई थी। ऐसे में रक्षाबंधन के मौके पर मिठाई भेजने की पहल ने विवाद को सौहार्दपूर्ण दिशा देने का काम किया।

उन्होंने कहा कि त्योहार लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर रिश्तों को मजबूत करने का अवसर देते हैं। इसलिए सामाजिक जीवन में भी एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हुए संवाद बनाए रखना जरूरी है।

कंगना रनौत ने भी स्वीकार किया भाई का प्रेम

बाबा रामदेव के इस संदेश के बाद कंगना रनौत ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि त्योहार का दिन पुरानी भूलों और मतभेदों को भूलने का अवसर होता है।

कंगना ने बाबा रामदेव को अपना भाई बताते हुए उनके संवाद वाले संदेश की सराहना की। उन्होंने कहा कि विवाद की जगह संवाद होना चाहिए। साथ ही उन्होंने रक्षाबंधन के मौके पर भेजी गई मिठाई और बड़े भाई का प्रेम स्वीकार करने की बात कही।

कंगना ने बाबा रामदेव को धन्यवाद देते हुए उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना भी की। उनके इस संदेश से साफ है कि अभिनेत्री ने भी इस विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय सकारात्मक तरीके से समाप्त करने का संकेत दिया है।

विवाद से संवाद की ओर बढ़े दोनों

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सार्वजनिक बयानबाजी के बाद दोनों पक्षों ने रक्षाबंधन के अवसर पर सौहार्द का संदेश दिया। बाबा रामदेव ने जहां मिठाई और उपहार भेजने की पहल की, वहीं कंगना रनौत ने उसे स्वीकार करते हुए भाई-बहन के रिश्ते और प्रेम को महत्व दिया।

दरअसल, सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के बयान अक्सर व्यापक चर्चा का विषय बन जाते हैं। ऐसे में मतभेद होने के बावजूद बातचीत और सकारात्मक संवाद का रास्ता अपनाना समाज के लिए भी एक संदेश माना जा सकता है।

रक्षाबंधन जैसे त्योहार का मूल संदेश भी प्रेम, विश्वास और रिश्तों की मजबूती से जुड़ा है। इसलिए बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच विवाद के बाद सामने आया यह सौहार्दपूर्ण रुख उसी भावना को आगे बढ़ाता दिखाई दे रहा है।

समाज में सद्भाव की अपील

बाबा रामदेव ने अपने बयान में केवल कंगना रनौत से जुड़े विवाद पर बात नहीं की, बल्कि व्यापक सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने जाति और समुदाय के आधार पर भेदभाव समाप्त करने की अपील की।

उनका कहना था कि देश में लोगों को आपसी प्रेम और सम्मान के साथ रहना चाहिए। अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों के बीच भी संवाद बना रहना जरूरी है। इससे समाज में अनावश्यक तनाव कम करने और आपसी विश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

वहीं, कंगना की प्रतिक्रिया ने भी इस बात को स्पष्ट किया कि वह इस विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय रक्षाबंधन के अवसर पर रिश्तों और सकारात्मक भावनाओं को प्राथमिकता दे रही हैं।

‘विवाद नहीं, संवाद’ पर जोर

कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच हुआ यह घटनाक्रम इस बात की ओर भी इशारा करता है कि सार्वजनिक मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। शुरुआत में दोनों की ओर से एक-दूसरे के बयानों पर प्रतिक्रिया सामने आई, लेकिन रक्षाबंधन के मौके पर माहौल पूरी तरह अलग नजर आया।

बाबा रामदेव ने जहां कंगना को मिठाई और उपहार भेजने की बात कही, वहीं अभिनेत्री ने भी इसे स्वीकार करते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। ऐसे में ‘विवाद नहीं, संवाद’ का संदेश इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू बनकर सामने आया है।

फिलहाल, दोनों के बीच रक्षाबंधन के मौके पर सामने आई यह पहल सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा का विषय बनी हुई है। विवाद के बाद रिश्तों को सकारात्मक दिशा देने की यह कोशिश आने वाले दिनों में दोनों के सार्वजनिक संबंधों के लिए भी अहम मानी जा सकती है।

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