सीटीटीसी भुवनेश्वर ने 8,083 इंजीनियरिंग छात्रों को दिया उद्योग-उन्मुख समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण
Digital UP News Desk
भुवनेश्वर: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत संचालित केंद्रीय टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र (CTTC), भुवनेश्वर ने युवाओं को व्यावहारिक और उद्योग-उन्मुख तकनीकी प्रशिक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मई और जून 2026 के दौरान आयोजित चार सप्ताह के समर इंटर्नशिप प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 8,083 इंजीनियरिंग छात्रों को प्रशिक्षित किया गया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में सूडान और यमन के 26 अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने भी हिस्सा लिया।
इस पहल का उद्देश्य इंजीनियरिंग छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आधुनिक उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली तकनीकों और व्यावहारिक प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। इसके परिणामस्वरूप छात्रों को अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने, औद्योगिक जरूरतों को समझने और भविष्य के रोजगार अवसरों के लिए खुद को तैयार करने का अवसर मिला।
22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के छात्रों ने लिया हिस्सा
सीटीटीसी भुवनेश्वर का समर इंटर्नशिप कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों से इंजीनियरिंग छात्रों को जोड़ने वाला एक व्यापक प्रशिक्षण मंच बनकर सामने आया। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सिविल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस जैसे प्रमुख विषयों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
इसके अलावा, बदलती औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (AI-ML), क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसी उभरती तकनीकों को भी शामिल किया गया।
चार सप्ताह के प्रत्येक पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया गया था कि छात्र तकनीकी अवधारणाओं को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उनका व्यावहारिक इस्तेमाल भी समझ सकें। इस तरह प्रशिक्षण ने कक्षा में मिलने वाले सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक औद्योगिक कार्यप्रणाली के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास किया।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों की संख्या सबसे अधिक
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित 8,083 छात्रों में सबसे बड़ी संख्या मैकेनिकल इंजीनियरिंग से रही। इस विभाग के कुल 3,193 छात्रों ने प्रशिक्षण लिया। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में 2,209, आईटी और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में 1,948, सिविल इंजीनियरिंग में 388 और अन्य उभरते क्षेत्रों में 345 छात्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
यह आंकड़ा बताता है कि छात्रों के बीच पारंपरिक इंजीनियरिंग क्षेत्रों के साथ-साथ नई तकनीकों को लेकर भी रुचि बढ़ रही है। विशेष रूप से डिजिटल तकनीक, ऑटोमेशन और डेटा आधारित कार्यप्रणाली आधुनिक उद्योगों में तेजी से महत्वपूर्ण हो रही है।
39 तकनीकी क्षेत्रों में दिया गया प्रशिक्षण
सीटीटीसी भुवनेश्वर के इस समर इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत कुल 39 इंजीनियरिंग और उभरती प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस छात्रों की पसंद के प्रमुख क्षेत्रों में रहा।
आंकड़ों के अनुसार, AI में 1,748 छात्रों, PLC प्रोग्रामिंग में 1,000, AutoCAD में 991, Python प्रोग्रामिंग में 413 और Data Analytics में 392 छात्रों ने प्रशिक्षण लिया।
इससे स्पष्ट है कि इंजीनियरिंग शिक्षा में पारंपरिक तकनीकी कौशल के साथ-साथ डिजिटल और ऑटोमेशन आधारित कौशल की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
IIT, NIT और पॉलिटेक्निक संस्थानों के छात्रों की भागीदारी
सीटीटीसी के समर इंटर्नशिप कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। इनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), विभिन्न डीम्ड विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थान शामिल रहे।
इस व्यापक भागीदारी से कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर एक विविध तकनीकी प्रशिक्षण मंच का स्वरूप मिला। अलग-अलग संस्थानों से आने वाले छात्रों को एक ही प्रशिक्षण वातावरण में आधुनिक तकनीकों और औद्योगिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला।
साथ ही, सूडान और यमन के 26 छात्रों की भागीदारी ने कार्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को भी रेखांकित किया। इससे तकनीकी प्रशिक्षण के क्षेत्र में सीटीटीसी की पहुंच भारत से बाहर तक होने का संकेत मिलता है।
MSME क्षेत्र की तकनीकी जरूरतों को पूरा करता है CTTC
भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की टूल डिजाइन, निर्माण और प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से की गई थी। केंद्र का एक प्रमुख उद्देश्य तकनीकी कर्मियों को आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करना भी है।
सीटीटीसी ऑटो पार्ट्स, उच्च परिशुद्धता वाले पार्ट्स और सामान्य इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए विभिन्न प्रकार के उत्पाद और तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराता है। इनमें प्रेस टूल्स, मोल्ड्स और डाइज़, गेज, जिग्स तथा फिक्स्चर आदि का डिजाइन, विकास और निर्माण शामिल है।
इसके साथ ही केंद्र टूल और डाई टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट डिजाइन, मेकाट्रॉनिक्स, उन्नत मशीनों के रखरखाव, CAD/CAM/CAE, CNC मशीनिंग और प्रोग्रामिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करता है।
इस प्रकार सीटीटीसी की भूमिका केवल छात्रों को प्रशिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उद्योगों की तकनीकी जरूरतों और कुशल मानव संसाधन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में भी काम करता है।
चंद्रयान-3 मिशन में भी रहा योगदान
सीटीटीसी भुवनेश्वर की तकनीकी क्षमता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण चंद्रयान-3 मिशन से जुड़ा है। केंद्र के अनुसार, 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किए गए इस मिशन के लिए सीटीटीसी ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को 437 प्रकार के 54,000 सटीक घटकों का निर्माण और आपूर्ति की।
इतनी बड़ी संख्या में उच्च परिशुद्धता वाले घटकों का निर्माण केंद्र की तकनीकी क्षमता और गुणवत्ता मानकों को दर्शाता है। इससे यह भी पता चलता है कि टूल रूम और प्रशिक्षण केंद्र देश के महत्वपूर्ण तकनीकी और अंतरिक्ष अभियानों के लिए आवश्यक औद्योगिक सहयोग प्रदान करने में सक्षम हैं।
आदित्य-L1 मिशन के लिए भी बनाए सटीक घटक
चंद्रयान-3 के अलावा सीटीटीसी भुवनेश्वर ने आदित्य-L1 मिशन के लिए भी ISRO को विभिन्न प्रकार के सटीक घटकों का निर्माण और आपूर्ति किया। सितंबर 2023 में लॉन्च किए गए इस भारतीय सौर मिशन के लिए केंद्र ने रेगुलेटर, फ्लो कंट्रोल वाल्व, जाइरोस्कोप, तापमान सेंसर और नेविगेशन से जुड़े पार्ट्स जैसे विभिन्न घटक तैयार किए।
इस तरह सीटीटीसी का योगदान अंतरिक्ष क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता और सटीकता वाले स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने से भी जुड़ा है।
एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में भी योगदान
सीटीटीसी भुवनेश्वर ने एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों में भी उच्च परिशुद्धता वाले घटकों के निर्माण के माध्यम से योगदान दिया है। केंद्र ने मूल उपकरण निर्माताओं (OEM) के लिए विभिन्न प्रकार के सटीक घटकों का निर्माण किया है।
इनमें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) कार्यक्रम से संबंधित घटक भी शामिल हैं। इस प्रकार की तकनीकी गतिविधियां देश में स्वदेशी विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने और उच्च तकनीक वाले औद्योगिक क्षेत्रों में घरेलू विशेषज्ञता विकसित करने में मदद करती हैं।
युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने पर जोर
समर इंटर्नशिप कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका उद्योग-केंद्रित दृष्टिकोण रहा। आज के प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं माना जाता। इसके साथ व्यावहारिक तकनीकी ज्ञान, सॉफ्टवेयर कौशल, मशीन संचालन, प्रोग्रामिंग और आधुनिक तकनीकों की समझ भी जरूरी हो गई है।
ऐसे में सीटीटीसी का यह कार्यक्रम छात्रों को वास्तविक औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर देता है। विशेष रूप से AI, Python, Data Analytics, PLC और AutoCAD जैसे क्षेत्रों में छात्रों की भागीदारी यह दर्शाती है कि युवा इंजीनियर आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल करने में रुचि रखते हैं

