यूपी में मानसून का असर: 25 शहरों में बारिश, 53 में अलर्ट, गाजियाबाद में धुंध-कानपुर में धंसा आंगन

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Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद और संभल समेत करीब 25 शहरों में बारिश दर्ज की गई। वहीं, मौसम विभाग ने प्रदेश के 53 शहरों के लिए अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है।

बारिश के बीच गाजियाबाद में मौसम का एक अलग रूप देखने को मिला। यहां अचानक धुंध छा गई, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई। कुछ इलाकों में विजिबिलिटी 50 से 60 मीटर तक सिमटने की बात सामने आई। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से सफर करने की सलाह दी गई है।

दूसरी ओर, कानपुर में लगातार बारिश के बीच एक घर का आंगन करीब 20 फीट तक धंस गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई। स्थानीय स्तर पर स्थिति का जायजा लिया गया और प्रभावित स्थान को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत महसूस की गई।

25 शहरों में बारिश से बदला मौसम

शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। लखनऊ, कानपुर, मुरादाबाद और संभल के अलावा आसपास के कई क्षेत्रों में भी बादल सक्रिय रहे। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने के कारण तापमान में भी बदलाव महसूस किया गया।

मानसूनी बारिश के चलते किसानों को जहां राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं शहरी क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा, लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों और स्थानीय संपर्क मार्गों पर भी असर पड़ने की संभावना है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत है।

गाजियाबाद में अचानक छाई धुंध

बारिश के बीच गाजियाबाद में शुक्रवार सुबह अचानक धुंध देखने को मिली। कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर करीब 50 से 60 मीटर तक पहुंच गई। सामान्य तौर पर मानसूनी मौसम में बारिश और बादलों के बीच इस तरह धुंध जैसी स्थिति वाहन चालकों के लिए चुनौती बन सकती है।

कम दृश्यता के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। इसलिए वाहन चालकों को आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और जरूरत के अनुसार गति कम करने की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जब मौसम में नमी अधिक हो और बारिश के साथ वातावरण में धुंध की स्थिति बने तो दृश्यता अचानक कम हो सकती है। ऐसे में विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।

कानपुर में बारिश के बीच 20 फीट धंसा आंगन

कानपुर में भारी बारिश के बीच एक घर का आंगन करीब 20 फीट तक धंसने की घटना सामने आई है। बारिश के बाद जमीन के एक हिस्से में धंसाव होने से स्थानीय लोगों का ध्यान इस ओर गया।

ऐसी घटनाओं में जमीन की स्थिति की जांच करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी में नमी बढ़ने से कुछ स्थानों पर जमीन की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, किसी भी धंसाव के वास्तविक कारण की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही की जा सकती है।

प्रभावित स्थान के आसपास लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही, यदि कहीं जमीन में दरार, धंसाव या असामान्य बदलाव दिखाई देता है तो लोगों को वहां जाने से बचना चाहिए और स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना देनी चाहिए।

नाले में गिरी वैन, राहत कार्य में जुटे लोग

प्रदेश में बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क और जलनिकासी से जुड़ी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। इसी बीच एक वैन के नाले में गिरने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव के प्रयास किए गए।

मानसून के दौरान सड़कों के किनारे बने नाले और जलनिकासी के खुले हिस्से कई बार पानी भर जाने के कारण स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इसलिए बारिश के समय वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

विशेष रूप से रात या कम दृश्यता वाले समय में सड़क किनारे बने नालों, कटाव वाले हिस्सों और जलभराव वाले मार्गों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

नदी में फंसे मछुआरे, मदद के लिए पहुंची टीम

बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच कुछ मछुआरों के नदी में फंसने की जानकारी भी सामने आई है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास किए गए।

मानसून के दौरान नदियों और जलाशयों के आसपास अचानक जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के किनारे जाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है।

विशेषकर मछुआरों और नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए मौसम की जानकारी पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। किसी भी तरह की आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और संबंधित बचाव दल से संपर्क करना चाहिए।

53 शहरों में अलर्ट, मौसम विभाग की नजर

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता को देखते हुए 53 शहरों में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों की मौसम गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।

बारिश का प्रभाव एक समान नहीं रहता। कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की या मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी मौसम चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।

प्रशासन की ओर से भी जलभराव वाले क्षेत्रों, निचले इलाकों, नदियों के आसपास के क्षेत्रों और कमजोर संरचनाओं पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।

शहरों में जलभराव की चुनौती

लगातार बारिश के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियों में जलभराव और जलनिकासी व्यवस्था शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में यदि नालियों की सफाई और पानी की निकासी पर्याप्त गति से नहीं हो तो सड़कों पर पानी जमा हो सकता है।

इसका असर यातायात, बाजारों और दैनिक गतिविधियों पर पड़ता है। इसलिए नगर निकायों के लिए जरूरी है कि जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां समय रहते पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए।

वहीं, लोगों को भी जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। वाहन चलाते समय सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाए बिना पानी में प्रवेश करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में लोगों को कुछ सामान्य सावधानियां अपनानी चाहिए। बारिश और कम दृश्यता के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं और हेडलाइट का इस्तेमाल करें। जलभराव वाले क्षेत्रों में पैदल या वाहन से जाने से पहले पानी की गहराई का अनुमान लगाना जरूरी है।

इसी तरह नदी, तालाब या अन्य जलस्रोतों के पास विशेष सावधानी बरतें। यदि प्रशासन ने किसी क्षेत्र में जाने से मना किया है तो उस निर्देश का पालन करें।

इसके अलावा, घर या आसपास जमीन में अचानक दरार या धंसाव दिखाई दे तो उस स्थान से दूरी बनाए रखें और संबंधित विभाग को सूचना दें।

आगे भी जारी रह सकता है बारिश का दौर

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच आने वाले दिनों में भी कई इलाकों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

फिलहाल शुक्रवार सुबह 25 शहरों में बारिश और 53 शहरों में अलर्ट ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गाजियाबाद में कम दृश्यता और कानपुर में जमीन धंसने जैसी घटनाएं स्थानीय स्तर पर सतर्कता की जरूरत को रेखांकित करती हैं।

इसलिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक जोखिम से बचें। मानसून के दौरान थोड़ी सी सावधानी न केवल आवागमन को सुरक्षित बना सकती है, बल्कि संभावित परेशानियों को भी कम कर सकती है।

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