बहराइच वक्फ नंबर-19 दरगाह विवाद: खादिमों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और तथ्यों पर कार्रवाई की मांग

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रिपोर्ट – महेश चंद्र गुप्ता

बहराइच: बहराइच स्थित वक्फ नंबर-19 दरगाह शरीफ से जुड़े विवाद के बीच सोमवार को नया घटनाक्रम सामने आया। दरगाह में कार्यरत खादिमों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में खादिमों ने दरगाह और वहां कार्यरत लोगों पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच कराने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की मांग की।

साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

खादिमों का कहना है कि पिछले कुछ समय से दरगाह शरीफ और उसके प्रबंधन को लेकर विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं।

उनके अनुसार इन आरोपों से न केवल दरगाह की छवि प्रभावित हो रही है, बल्कि वहां आने वाले जायरीन के बीच भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

इसलिए उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सत्य सामने लाने का अनुरोध किया।

जिलाधिकारी को सौंपा गया विस्तृत ज्ञापन

खादिमों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि वक्फ नंबर-19 दरगाह शरीफ एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचते हैं।

ऐसे में दरगाह से जुड़े किसी भी विवाद या आरोप का सीधा प्रभाव श्रद्धालुओं की भावनाओं और सामाजिक वातावरण पर पड़ सकता है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि दरगाह और वहां सेवा दे रहे खादिमों के विरुद्ध लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, बिना पर्याप्त साक्ष्य के लगाए गए आरोपों से धार्मिक संस्थान की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है और समाज में अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।

आरोपों को बताया सुनियोजित प्रयास

ज्ञापन में खादिमों ने यह भी आरोप लगाया कि दरगाह के खिलाफ अभियान चलाने वाले कुछ लोगों के निजी हित जुड़े हो सकते हैं। उनके अनुसार, कुछ व्यक्ति अपने व्यक्तिगत कारणों से दरगाह प्रबंधन के विरुद्ध लगातार आरोप लगा रहे हैं।

हालांकि, इन आरोपों के संबंध में प्रशासन की ओर से इस स्तर पर कोई सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति का निर्धारण प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

निष्पक्ष जांच की मांग

खादिमों ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी भी पक्ष के आरोपों की जांच निष्पक्ष रूप से होगी, तो तथ्यों के आधार पर सही स्थिति सामने आ जाएगी।

उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि जांच के दौरान सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का समान अवसर दिया जाए ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की संभावना कम हो सके।

धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखने की अपील

ज्ञापन में खादिमों ने प्रशासन से दरगाह शरीफ की गरिमा बनाए रखने की भी अपील की। उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संयम, पारदर्शिता और संवेदनशीलता आवश्यक होती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या आरोपों से सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। इसलिए आवश्यक है कि केवल सत्यापित तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाए।

जायरीन के बीच भ्रम की स्थिति

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, लगातार सामने आ रहे आरोप-प्रत्यारोप के कारण दरगाह पर आने वाले कुछ जायरीन के बीच भी भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

उनका कहना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालु शांति और आस्था के साथ आते हैं, इसलिए वहां अनावश्यक विवाद की स्थिति नहीं बननी चाहिए।

इसी कारण खादिमों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि मामले का शीघ्र और निष्पक्ष समाधान निकाला जाए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।

प्रशासनिक प्रक्रिया पर टिकी निगाहें

वर्तमान में यह मामला प्रशासन के संज्ञान में है। ज्ञापन प्राप्त होने के बाद जिला प्रशासन उपलब्ध तथ्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय कर सकता है।

हालांकि समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से जांच के परिणाम या अंतिम निर्णय की कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।

दोनों पक्षों का पक्ष सुनना जरूरी

किसी भी विवाद से जुड़े मामले में निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। ऐसे मामलों में प्रशासन सामान्यतः सभी संबंधित पक्षों से जानकारी प्राप्त करता है और उपलब्ध दस्तावेजों तथा साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेता है।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि धार्मिक संस्थानों से जुड़े विवादों का समाधान तथ्यों, कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप होना चाहिए, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और सामाजिक सौहार्द बना रहे।

सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता

धार्मिक संस्थानों से जुड़े मामलों में जिम्मेदार संवाद और तथ्यात्मक जानकारी का विशेष महत्व होता है। अपुष्ट दावों या अफवाहों से बचना समाज के सभी वर्गों की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों में प्रशासनिक जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना अधिक उचित माना जाता है।

बहराइच के वक्फ नंबर-19 दरगाह शरीफ विवाद में खादिमों द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद मामले ने नया मोड़ लिया है।खादिमों ने आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।

वहीं मामले में लगाए गए आरोपों और उनके जवाब का अंतिम मूल्यांकन प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

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