मथुरा के Anantam भूमि प्रकरण में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, जमीन पर गतिविधियों पर लगी रोक

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा/प्रयागराज: मथुरा के चर्चित Anantam भूमि प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। PIL No. 1423 of 2026, दीपक शर्मा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने संबंधित भूमि पर आगे की गतिविधियों को लेकर अंतरिम निर्देश जारी किए हैं।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की पीठ ने की। याचिका में संबंधित भूमि के एक्सचेंज और उससे पहले हुई गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने भूमि के स्वामित्व, एक्सचेंज की प्रक्रिया और जमीन का कब्जा दिए जाने से जुड़े कई तथ्य रखे गए।

जमीन के एक्सचेंज को लेकर क्या आया सामने?

हाईकोर्ट के समक्ष हुई सुनवाई में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि के एक्सचेंज का प्रस्ताव अभी तक राज्य सरकार को भेजा भी नहीं गया था। इसके बावजूद, याचिका में लगाए गए आरोपों के अनुसार, एक्सचेंज की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही Anantam High-Tech Private Limited को संबंधित भूमि का कब्जा दे दिया गया था।

इसके बाद वहां प्लॉटिंग सहित अन्य गतिविधियां शुरू किए जाने की बात भी न्यायालय के संज्ञान में लाई गई। इसी बिंदु को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने फिलहाल संबंधित भूमि पर आगे की गतिविधियों को लेकर अंतरिम व्यवस्था कायम की है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि मामले में लगाए गए आरोप और अदालत के समक्ष रखे गए तथ्य अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। अंतिम निर्णय मामले की आगे होने वाली सुनवाई और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर होगा।

हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने Anantam High-Tech Private Limited को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है।

इस दौरान संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने और मामले से जुड़े दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद अदालत आगे की स्थिति पर विचार कर सकती है।

फिलहाल अदालत का अंतरिम आदेश संबंधित भूमि पर गतिविधियों को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विकास प्राधिकरण और नगर निगम को निर्देश

हाईकोर्ट के अंतरिम निर्देश का अहम हिस्सा संबंधित Development Authority और Nagar Nigam से जुड़ा है। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक Respondent No. 6 यानी Anantam High-Tech Private Limited को उस भूमि पर कोई गतिविधि न करने दी जाए, जो एक्सचेंज के लिए प्रस्तावित थी और जिसे फिलहाल नगर निगम की संपत्ति बताया गया है।

इस निर्देश के बाद संबंधित भूमि पर प्लॉटिंग अथवा अन्य गतिविधियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब अगले आदेश तक वहां किसी भी नई गतिविधि की अनुमति न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही होगी।

जमीन के कब्जे पर भी उठे सवाल

मामले में भूमि का कब्जा एक्सचेंज से पहले दिए जाने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। याचिका में इसी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अदालत के सामने यह तथ्य रखा गया कि जिस भूमि के एक्सचेंज का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाना बाकी था, उस पर पहले ही कब्जा दिए जाने और गतिविधियां शुरू होने की बात सामने आई।

ऐसे में न्यायालय ने इस पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड पर लिया है। अब आगे की सुनवाई में संबंधित पक्षों का पक्ष और दस्तावेज सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

क्या है PIL मामला?

यह मामला PIL No. 1423 of 2026, Deepak Sharma Vs. State of U.P. & 5 Others के रूप में इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। जनहित याचिका में संबंधित भूमि और उससे जुड़ी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

याचिकाकर्ता दीपक शर्मा की ओर से मामले को सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी जमीन की पारदर्शिता से जुड़ा विषय बताया गया है। उनका कहना है कि सरकारी जमीन से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।

हालांकि, मामले पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। इसलिए संबंधित पक्षों के दावों और आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।

याचिकाकर्ता ने क्या कहा?

PIL याचिकाकर्ता दीपक शर्मा ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है। उनके अनुसार, मुद्दा सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी जमीन के संरक्षण तथा पारदर्शी प्रक्रिया से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है और उसका उपयोग नियम-कानून के अनुसार होना चाहिए। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के अंतरिम निर्देश को महत्वपूर्ण बताते हुए न्यायपालिका में विश्वास जताया है।

उनका कहना है कि आगे की कार्रवाई भी कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी।

24 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। इस सुनवाई में संबंधित पक्ष अदालत के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं।

आगे की सुनवाई में भूमि के एक्सचेंज की प्रक्रिया, कब्जा दिए जाने और वहां शुरू की गई गतिविधियों से संबंधित दस्तावेजों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके बाद अदालत अंतरिम आदेश को आगे जारी रखने, उसमें बदलाव करने या मामले की परिस्थितियों के अनुसार अन्य निर्देश देने पर विचार कर सकती है।

फिलहाल जमीन पर गतिविधियों पर रोक

हाईकोर्ट के मौजूदा अंतरिम निर्देश के अनुसार, संबंधित भूमि पर Anantam High-Tech Private Limited की ओर से प्लॉटिंग या अन्य गतिविधियां फिलहाल नहीं की जा सकेंगी। Development Authority और Nagar Nigam को इस निर्देश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इससे मामले में अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने की स्थिति बन गई है। अब सभी की नजरें 24 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर हैं।

आगे क्या होगा?

मथुरा के इस भूमि प्रकरण में हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अदालत ने संबंधित कंपनी को नोटिस जारी करने के साथ ही जमीन पर गतिविधियों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

हालांकि, इस मामले का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। एक्सचेंज की प्रक्रिया, भूमि के कब्जे और प्लॉटिंग से जुड़े सभी पहलुओं पर न्यायालय आगे सुनवाई करेगा। इसलिए अंतिम स्थिति अदालत के आगामी आदेशों के बाद ही स्पष्ट होगी।

फिलहाल Anantam भूमि प्रकरण में संबंधित जमीन पर गतिविधियों पर रोक है और मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी। न्यायालय की आगे की कार्यवाही से यह स्पष्ट होगा कि भूमि से जुड़े विवाद और एक्सचेंज प्रक्रिया पर क्या दिशा तय होती है।

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