यूपी की कैबिनेट बैठक में लिया गया फैसला: 1.60 लाख होमगार्ड्स को मिलेगा कैशलेस इलाज, आगे पढ़िए 18 बड़े प्रस्ताव

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Digital UP News Desk 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के कारण चर्चा में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित होने वाली इस बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की ओर से जारी एजेंडा के अनुसार बैठक में करीब 1.60 लाख होमगार्ड जवानों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव के साथ-साथ तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन, नगर निगमों के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड, रोपवे परियोजना और कई प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है।

1.60 लाख होमगार्ड्स को मिलेगा कैशलेस इलाज

कैबिनेट बैठक का सबसे प्रमुख प्रस्ताव प्रदेश के लगभग 1.60 लाख होमगार्ड जवानों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से जुड़ा है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो ड्यूटी के दौरान अथवा अन्य परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने वाले होमगार्ड्स को इलाज के लिए पहले भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उनके आर्थिक बोझ में कमी आने की उम्मीद है।

जलालाबाद का नाम बदलकर होगा परशुरामपुरी

बैठक में शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। यदि कैबिनेट इसकी मंजूरी देती है तो इसके बाद आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

प्रदेश में तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना

उच्च शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार तीन नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव पर भी निर्णय ले सकती है।

इनमें शामिल हैं—

  • कानपुर के बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय
  • गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय
  • फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय

इन संस्थानों की स्थापना से उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर शोध, नवाचार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

स्टार्टअप नीति-2026 और स्टार्टअप मिशन को मिल सकती है मंजूरी

प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी दे सकती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन की स्थापना का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है।

यह मिशन सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत गठित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप, इनक्यूबेशन सेंटर, निवेश और उद्यमिता से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को मजबूत बनाना होगा। इससे युवाओं को स्वरोजगार और नई कंपनियां स्थापित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

गोरखपुर और मुरादाबाद के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड

शहरी विकास को गति देने के लिए गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम के लिए म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

इसके साथ ही अवस्थापना विकास निधि से दोनों नगर निगमों की क्रेडिट रेटिंग के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। इससे भविष्य में शहरों की आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए संसाधन जुटाना आसान होगा।

वाराणसी रोपवे परियोजना को मिलेगी गति

कैबिनेट में वाराणसी रोपवे पायलट परियोजना से संबंधित भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

इसके तहत वाराणसी सदर तहसील के मौजा कोतवालपुर की 1 बिस्वा भूमि को वाराणसी विकास प्राधिकरण को उपलब्ध कराने पर निर्णय लिया जा सकता है। यह परियोजना शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

ग्रामीण स्वच्छता और प्रशासनिक सुधारों पर भी रहेगा फोकस

बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायती राज विभाग की संचालन एवं अनुरक्षण नीति-2026 को मंजूरी मिलने की संभावना है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ (सहकारी समितियां एवं पंचायत) लेखा परीक्षा सेवा प्रथम संशोधन नियमावली-2026 तथा उत्तर प्रदेश परिवीक्षा अधिकारी राजपत्रित सेवा नियमावली-2026 में प्रथम संशोधन पर भी विचार किया जाएगा।

वेतन समिति और सेवा नियमों से जुड़े प्रस्ताव

सरकार वेतन समिति-2016 की सिफारिशों के आधार पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा प्रस्तुत अनुशंसाओं पर भी निर्णय ले सकती है। साथ ही, उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 में कुछ विभागों के पदों को शामिल करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल किया गया है।

गोरखपुर में ईएसआई अस्पताल के लिए भूमि

औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गोरखपुर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के 100 बेड अस्पताल के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।

यदि इसे मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मदरसा शिक्षकों और कौशल विकास से जुड़े प्रस्ताव

कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के अनुदानित अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति से पहले असामयिक मृत्यु होने पर देय ग्रेच्युटी भुगतान संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार होगा।

इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना के दिशा-निर्देशों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। इससे वस्त्र उद्योग के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

पशुधन बीमा और रेल परियोजनाओं को भी मिल सकती है मंजूरी

बैठक में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना की कार्ययोजना और वित्तीय प्रावधानों पर भी निर्णय लिया जाएगा।

वहीं, बाराबंकी में तीसरी और चौथी रेलवे लाइन निर्माण के लिए सिंचाई विभाग की भूमि रेलवे को हस्तांतरित करने तथा मथुरा में भूतेश्वर-मौरा फ्लाईओवर रेल परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है।

प्रदेश के विकास पर रहेगा व्यापक प्रभाव

कैबिनेट बैठक का एजेंडा यह संकेत देता है कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, ग्रामीण स्वच्छता, स्टार्टअप, प्रशासनिक सुधार, परिवहन और आधारभूत ढांचे को एक साथ गति देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

विशेष रूप से होमगार्ड्स के लिए प्रस्तावित कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, स्टार्टअप मिशन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाएं प्रदेश के विकास को नई दिशा देने वाले कदम माने जा रहे हैं। अब सभी की निगाहें सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक के अंतिम निर्णयों पर टिकी हैं।

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