श्रावस्ती में दो पक्षों में जमकर हुआ संघर्ष: कई घायल, पीड़ितों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल – जानिए वजह

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद के इकौना थाना क्षेत्र स्थित पटखौली रँकी पुरवा गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल होने की सूचना है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक विपक्षी पक्ष के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है। वहीं, इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी शेष है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद खेत की सरहदी मेड़ को लेकर शुरू हुआ, जो बाद में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और फिर मारपीट में बदल गया। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा। हालांकि, सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

खेत की मेड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत खेत की सरहदी मेड़ काटे जाने के आरोप से हुई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पड़ोसी खेत से जुड़े लोगों ने ट्रैक्टर और रोटावेटर चलाकर मेड़ को नुकसान पहुंचाया, जिससे खेत में तैयार की गई धान की नर्सरी भी प्रभावित हुई।

पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तब विवाद और बढ़ गया। उनका आरोप है कि विरोध करने पर दूसरे पक्ष के कई लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई।

पीड़ित पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित रमजान अली ने इकौना थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी खेतों से जुड़े कुछ लोगों ने सरहदी मेड़ को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धान की तैयार नर्सरी को भी नुकसान पहुंचा।

तहरीर के अनुसार, विरोध करने पर आरोपित पक्ष के लोग एकजुट होकर मौके पर पहुंचे और विवाद बढ़ गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

बीच-बचाव करने वालों को भी चोट लगने का दावा

पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब आसपास मौजूद लोग विवाद को शांत कराने पहुंचे, तब उन्हें भी धक्का-मुक्की और मारपीट का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि इस घटना में कई लोग घायल हुए, जिनका उपचार निजी स्तर पर कराया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। इसके बाद दोनों पक्षों को आगे की कार्रवाई के लिए थाने भेजा गया।

डायल-112 पुलिस के पहुंचने से स्थिति हुई सामान्य

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो विवाद और अधिक बढ़ सकता था। डायल-112 टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति सामान्य बनाने का प्रयास किया।

इसके बाद मामला इकौना थाने पहुंचा, जहां पीड़ित पक्ष ने लिखित शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की। फिलहाल मामले की जांच की प्रक्रिया को लेकर पुलिस की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर पीड़ितों ने जताई नाराजगी

पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक विपक्षी पक्ष के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि इससे उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।

इसके अलावा, पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें दोबारा धमकियां दी गईं। हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की रखी मांग

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।

साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि विवाद के बाद वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसलिए प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।

भूमि विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी चुनौती

स्थानीय जानकारों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि और सरहदी मेड़ से जुड़े विवाद अक्सर लंबे समय तक चलते हैं। यदि इन मामलों का समय पर समाधान नहीं किया जाए तो छोटे विवाद भी बड़े टकराव का रूप ले सकते हैं।

इसी कारण राजस्व और पुलिस विभाग को ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास भी जरूरी होता है।

प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। इससे न केवल विवाद का समाधान होगा बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति भी कम होगी।

इसके अलावा, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि किसी भी शिकायत पर बिना भेदभाव के कार्रवाई की जाए। इससे लोगों का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होता है।

श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र के पटखौली रँकी पुरवा में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष के बाद कई लोग घायल होने की जानकारी सामने आई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी और निष्पक्ष जांच न होने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।

ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच, उचित कार्रवाई और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।

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