यूपी में मानसून हुआ सक्रिय, 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; उन्नाव में गंगा चेतावनी स्तर के पार

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Digital UP News

लखनऊ/कानपुर: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। इसी क्रम में आज 26 जिलों के लिए भारी बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया है, जिसके बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में निगरानी और राहत व्यवस्था बढ़ा दी है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी वाली हवाएं उत्तर प्रदेश की ओर आ रही हैं। इसके अलावा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के आसपास बना मौसम संबंधी सिस्टम भी यूपी की तरफ बढ़ रहा है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में अगले चार से पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला बने रहने की संभावना है।

बारिश के कारण जहां किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि को लेकर प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के 26 जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। इनमें लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, गोंडा, बहराइच, बस्ती और गोरखपुर समेत कई जिले शामिल हैं।

इन जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

विशेष रूप से ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से भी लोगों को बचने की सलाह दी गई है।

उन्नाव में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर

लगातार बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर गया है। जानकारी के अनुसार गंगा का जलस्तर 112.11 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि चेतावनी स्तर 112.02 मीटर निर्धारित है।

इस तरह नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 9 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नदी के आसपास और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शुक्लागंज क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

शुक्लागंज के कई इलाकों में पहुंचा पानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर शुक्लागंज क्षेत्र के कुछ मोहल्लों में दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक कर्बला, मंसुख खेड़ा, गोताखोर, सैय्यद कंपाउंड, रविदास नगर, मालवीय नगर और श्रीनगर समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है।

कुछ स्थानों पर पानी घरों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में स्थानीय लोग अपने जरूरी सामान को सुरक्षित रखने के लिए उसे घरों की छतों पर रख रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।

इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासनिक टीमें भी सक्रिय हैं।

सुरक्षा के लिए प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। इसका उद्देश्य जलभराव वाले इलाकों में किसी संभावित विद्युत दुर्घटना से बचाव करना है।

हालांकि, बिजली आपूर्ति बंद होने से स्थानीय लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक कदम माना गया है। स्थिति सामान्य होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने की कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे बिजली से जुड़े किसी भी खुले तार या विद्युत उपकरण के संपर्क में न आएं और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।

लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील

गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। खासकर बच्चों को नदी और जलभराव वाले स्थानों से दूर रखने की सलाह दी गई है।

बारिश के दौरान नदी का जलस्तर तेजी से बदल सकता है। इसलिए प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

इसके अलावा यदि किसी क्षेत्र में जलभराव बढ़ता है तो लोग स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दे सकते हैं, ताकि राहत और जल निकासी की कार्रवाई समय रहते की जा सके।

अगले चार-पांच दिन बारिश का दौर जारी रहने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिलहाल बारिश से राहत मिलने के आसार कम हैं। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं और ओडिशा-छत्तीसगढ़ क्षेत्र में बने मौसम सिस्टम के प्रभाव से अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।

कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज गरज-चमक भी हो सकती है। इसलिए लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।

वहीं, लगातार बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों पर आवागमन की समस्या भी सामने आ सकती है। प्रशासन को ऐसे स्थानों पर जल निकासी और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी रखने की जरूरत है।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है मौसम का बदलाव

मानसून की सक्रियता का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। अच्छी बारिश से फसलों को पानी मिलने की उम्मीद है, लेकिन अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

इसलिए किसानों को अपने खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता है। विशेष रूप से निचले क्षेत्रों में खेती करने वाले किसानों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह के अनुसार कदम उठाने की जरूरत है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर पार करने और लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। नावों की व्यवस्था के साथ-साथ राहत एवं बचाव टीमों को भी सक्रिय रखा गया है।

अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर है जहां बारिश या नदी का पानी घरों तक पहुंच सकता है। इसके अलावा जलभराव वाले इलाकों में लोगों की आवाजाही और बिजली व्यवस्था को लेकर भी सावधानी बरती जा रही है।

मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी

मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट पर नजर रखें। बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और नदी-नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए।

साथ ही, यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा हो तो वहां से सुरक्षित स्थान की ओर जाना बेहतर है। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करके लोग संभावित परेशानियों को कम कर सकते हैं।

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर को पार कर चुका है। शुक्लागंज के कुछ इलाकों में जलभराव के बाद प्रशासन ने नावों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को सक्रिय किया है।

अगले चार से पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा, राहत और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखना है।

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