रायबरेली को 879 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, सीएम योगी ने विकास के साथ साधा सियासी निशाना
रायबरेली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को रायबरेली पहुंचे, जहां उन्होंने जिले को करीब 879 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही फिरोज गांधी कॉलेज में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राना बेनी माधव बख्श सिंह की विरासत, प्रदेश के विकास और राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री के दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ जनसभा में दिए गए उनके राजनीतिक संदेश ने कार्यक्रम को विकास और सियासत, दोनों के लिहाज से अहम बना दिया।
सुबह रायबरेली पहुंचे मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे हेलीकॉप्टर से रायबरेली की पुलिस लाइन पहुंचे। इसके बाद वह अमोल विहार पहुंचे, जहां उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राना बेनी माधव बख्श सिंह के नाम पर बनाए गए ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया। इस ऑडिटोरियम के निर्माण पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत आई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राना बेनी माधव बख्श सिंह के नाम पर डाक टिकट जारी किया और स्मारिका का भी विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रायबरेली के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में स्थानीय नायकों के योगदान को याद करते हुए कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
राना बेनी माधव बख्श सिंह की वीरता को किया याद
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को भूल जाता है, उसका भविष्य मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा और आदर्शों को याद रखना नई पीढ़ी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मंगल पांडेय, नाना साहब, तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी ने देश की आजादी के आंदोलन को मजबूत किया। इसी क्रम में रायबरेली क्षेत्र में राना बेनी माधव बख्श सिंह के योगदान को भी मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन की ज्वाला को आगे बढ़ाने में राना बेनी माधव बख्श सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यही कारण है कि लंबे समय बाद भी लोग उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करते हैं।
879 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
राना बेनी माधव बख्श सिंह के नाम पर बने ऑडिटोरियम के लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री फिरोज गांधी कॉलेज में आयोजित जनसभा में पहुंचे। यहां उन्होंने जिले के लिए करीब 879 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क परियोजनाओं का भी इस दौरान लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
राहुल गांधी पर सीएम योगी का हमला
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि एक व्यक्ति के रूप में देश को उनसे कोई अपेक्षा नहीं है, लेकिन नेता प्रतिपक्ष के तौर पर वह संसद और लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, लेकिन इसके बावजूद वह भारत की परंपरा और विरासत पर सवाल उठाते हैं। योगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से बाहर जाकर प्रदेश की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं और देश से बाहर जाकर देश के बारे में आपत्तिजनक बातें करते हैं।
उन्होंने विपक्ष पर देश विरोधी तत्वों को प्रोत्साहित करने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पर सीधे राजनीतिक प्रहार के तौर पर देखा जा रहा है।
आपातकाल का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने अपने संबोधन में वर्ष 1975 के आपातकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश आपातकाल की ‘काली छाया’ देख चुका है। उनके मुताबिक लोकतंत्र और संविधान की मजबूती के लिए देश के इतिहास को याद रखना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। उन्होंने हाल में जंतर-मंतर से जुड़े एक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के बाद संबंधित परिवार ने गलती स्वीकार की।
अयोध्या और राम मंदिर का मुद्दा भी उठा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अयोध्या और भगवान श्रीराम से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ देश की सेना सीमा पर दुश्मनों से मुकाबला करती है, वहीं दूसरी ओर कुछ राजनीतिक दल देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सवाल उठाते हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम के अस्तित्व को लेकर सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का सम्मान किया जाना चाहिए।
चुनाव से पहले सियासी संदेश
रायबरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा केवल विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास तक सीमित नहीं रहा। जनसभा के दौरान उन्होंने सरकार के विकास कार्यों को गिनाने के साथ विपक्ष पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए।
विशेष रूप से राहुल गांधी, कांग्रेस और आपातकाल जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार की विचारधारा और विकास मॉडल को सामने रखा। ऐसे में माना जा रहा है कि रायबरेली की जनसभा के जरिए मुख्यमंत्री ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की।
वहीं, राना बेनी माधव बख्श सिंह के नाम पर ऑडिटोरियम का लोकार्पण और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर डाक टिकट जारी किया जाना स्थानीय इतिहास और विरासत को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर सामने आया।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रायबरेली दौरा विकास, विरासत और सियासत के तीन प्रमुख मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा। एक ओर जिले को 879 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात मिली, वहीं दूसरी ओर जनसभा के मंच से मुख्यमंत्री ने विपक्ष को लेकर अपना राजनीतिक रुख स्पष्ट किया। आगामी चुनावी माहौल में रायबरेली से दिया गया यह संदेश प्रदेश की राजनीति में कितना असर डालता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

