कानपुर में रक्षाबंधन पर हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल में सौहार्द का संदेश, प्रधानाचार्या सबा खान ने अभिजीत अग्रहरि को बांधी राखी

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रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर कानपुर के हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल में प्रेम, सम्मान, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्या सबा खान ने अभिजीत अग्रहरि को राखी बांधकर रक्षाबंधन के पर्व की भावना को साझा किया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी गईं और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया गया।

रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो भाई-बहन के स्नेह और विश्वास को समर्पित माना जाता है। हालांकि, समय के साथ इस पर्व का संदेश पारिवारिक रिश्तों से आगे बढ़कर सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान से भी जुड़ गया है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल में रक्षाबंधन के अवसर पर सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

राखी बांधकर दिया सामाजिक एकता का संदेश

कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्या सबा खान ने अभिजीत अग्रहरि की कलाई पर राखी बांधी। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आपसी प्रेम और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रक्षाबंधन मनाना ही नहीं, बल्कि समाज में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करना भी रहा।

प्रधानाचार्या सबा खान ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रेम, सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर लोगों को आपसी संबंधों की अहमियत समझने और समाज में सद्भाव को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने सभी लोगों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज की प्रगति के लिए आपसी भाईचारा और सामाजिक एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी से मिल-जुलकर रहने और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने का आह्वान किया।

विद्यालय में दिखा सौहार्दपूर्ण माहौल

रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार के सदस्यों ने उत्साह के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पर्व की शुभकामनाएं साझा कीं और सामाजिक एकता के महत्व पर अपने विचार रखे। विद्यालय की ओर से इस अवसर को प्रेम और सद्भाव से जोड़ते हुए सकारात्मक संदेश दिया गया।

दरअसल, विद्यालय बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनमें सामाजिक और मानवीय मूल्यों को विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार को सामाजिक जिम्मेदारियों तथा आपसी सम्मान की भावना से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। यही वजह है कि रक्षाबंधन जैसे पर्वों को केवल धार्मिक या पारंपरिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव के अवसर के तौर पर भी देखा जा सकता है।

प्रेम और विश्वास का प्रतीक है रक्षाबंधन

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और विश्वास को मजबूत करने का संदेश देता है। इस दिन राखी बांधने की परंपरा के माध्यम से एक-दूसरे की खुशहाली और सुरक्षा की कामना की जाती है। इसके साथ ही यह पर्व परिवार और समाज में रिश्तों की अहमियत को भी रेखांकित करता है।

वर्तमान समय में सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में विभिन्न समुदायों और वर्गों के लोगों द्वारा मिलकर पर्व मनाना सकारात्मक सामाजिक संदेश देता है। हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी भावना को सामने लाता है।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे। इनमें राशद अली, ओजैर, नफीस अहमद, साइमा खान, राणा सगीर और एस.पी. अंसारी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान सभी ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की पहल

विद्यालय परिवार की ओर से कहा गया कि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए जरूरी है कि लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखें। त्योहार ऐसे अवसर प्रदान करते हैं, जब लोग अपने व्यक्तिगत और सामाजिक रिश्तों को और मजबूत कर सकते हैं।

इसी क्रम में रक्षाबंधन का आयोजन सामाजिक एकता के संदेश के साथ किया गया। कार्यक्रम में राखी बांधने की परंपरा के माध्यम से प्रेम और विश्वास का संदेश दिया गया। साथ ही सभी लोगों से समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की गई।

भाईचारे का संदेश लेकर संपन्न हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी लोगों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। उपस्थित लोगों ने सामाजिक एकता, आपसी सम्मान और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

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