औरैया में चीनी के बढ़ते दामों से दुकानदारी हुई प्रभावित, जानिए कितने रुपये किलो तक पहुंचा भाव
रिपोर्ट – अंजुमन तिवारी
औरैया: बढ़ती महंगाई का असर अब रोजमर्रा की जरूरतों के सामान पर साफ दिखाई देने लगा है। औरैया के बाजार में चीनी, ड्राई फ्रूट, सरसों के तेल, रिफाइंड और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई है। कारोबारियों के अनुसार, पिछले महीने की तुलना में चीनी के दाम में करीब 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक की तेजी आई है। इसके चलते बाजार में चीनी का भाव करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
चीनी के बढ़ते दामों का सीधा असर ग्राहकों की खरीदारी पर देखने को मिल रहा है। पहले जो ग्राहक एक बार में करीब पांच किलो चीनी खरीद लेते थे, अब वही लोग जरूरत के मुताबिक दो किलो या उससे भी कम चीनी खरीद रहे हैं। दूसरी ओर, थोक बाजार में भी बड़ी खरीदारी कम होने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहक कीमत पूछने के बाद कई बार बिना सामान खरीदे ही दुकान से लौट जा रहे हैं।
एक सप्ताह में 10 से 20 रुपये तक बढ़े दाम
दुकानदारों के मुताबिक, चीनी के दाम में पिछले कुछ दिनों में तेजी से बदलाव आया है। व्यापारी संजय दीक्षित ने बताया कि ग्राहक पूरे दिन चीनी का भाव पूछ रहे हैं। उनके अनुसार, करीब एक सप्ताह के भीतर चीनी की कीमत में 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
संजय दीक्षित के मुताबिक, ग्राहक जब नया भाव सुनते हैं तो पुराने दाम से तुलना करने लगते हैं। इससे खरीदारी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि केवल चीनी ही नहीं, बल्कि चाय, ड्राई फ्रूट, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी तेजी महसूस की जा रही है।
व्यापारियों का कहना है कि रोजमर्रा के सामान के दाम बढ़ने से ग्राहकों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार को खाद्य पदार्थों की कीमतों पर ध्यान देने की जरूरत है।
ग्राहकों ने कम की चीनी की खरीदारी
महंगाई बढ़ने के साथ ग्राहकों ने भी अपनी खरीदारी का तरीका बदलना शुरू कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि पहले कई ग्राहक एक बार में पांच किलो तक चीनी खरीदते थे। अब वही ग्राहक दो किलो या केवल उतनी ही चीनी खरीद रहे हैं, जितनी तत्काल जरूरत है।
इस बदलाव का असर खुदरा बिक्री के साथ-साथ थोक कारोबार पर भी पड़ा है। दुकानदारों के मुताबिक, ग्राहक पहले महीने भर या उससे अधिक की जरूरत का सामान एक साथ खरीद लेते थे, लेकिन अब कीमत बढ़ने के कारण छोटी मात्रा में सामान खरीद रहे हैं।
दुकानदार पवन गुप्ता ने बताया कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का दुकानदारी पर सीधा असर पड़ा है। ग्राहकों की खरीदारी पहले की तुलना में कम हो गई है। इसका असर बाजार के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है।
त्योहारों के सीजन में बाजार की रौनक पर असर
त्योहारों का सीजन व्यापारियों के लिए आमतौर पर बिक्री बढ़ने का समय माना जाता है। ऐसे समय में लोग मिठाई, चाय, ड्राई फ्रूट, खाद्य तेल और अन्य जरूरी सामान की अधिक खरीदारी करते हैं। हालांकि, इस बार बढ़ती महंगाई के कारण व्यापारियों को उम्मीद के मुताबिक बिक्री होने की चिंता है।
कारोबारियों का कहना है कि अगर खाद्य वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते रहे तो त्योहारों के दौरान भी ग्राहक खरीदारी में कटौती कर सकते हैं। इससे बाजार की सामान्य गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
विशेष रूप से चीनी की कीमत बढ़ने से मिठाई और अन्य खाद्य उत्पादों की लागत पर भी असर पड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में व्यापारी आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति को लेकर सतर्क हैं।
सरसों के तेल और रिफाइंड के दाम भी बढ़े
चीनी के अलावा खाद्य तेलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की बात व्यापारी बता रहे हैं। सरसों के तेल और रिफाइंड के दाम बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
व्यापारियों के अनुसार, रोजमर्रा के कई सामान महंगे होने से ग्राहक अब पूरे महीने की जरूरत का सामान एक साथ खरीदने के बजाय कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।
बाजार में खरीदारी कम होने का असर दुकानदारों के कारोबार पर भी पड़ रहा है। छोटे दुकानदारों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि उनकी बिक्री सीधे स्थानीय ग्राहकों की खरीदारी पर निर्भर रहती है।
ग्राहकों का घरेलू बजट बिगड़ा
महंगाई का असर केवल बाजार की बिक्री तक सीमित नहीं है। ग्राहकों का कहना है कि रसोई के सामान महंगे होने से उनका घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। एक वस्तु की कीमत बढ़ने के बाद परिवार के कुल मासिक खर्च में भी बढ़ोतरी हो जाती है।
ग्राहक प्रदीप ने बताया कि पहले चीनी करीब 55 रुपये प्रति किलो मिल जाती थी, लेकिन अब इसकी कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उनके मुताबिक, पहले दिन में तीन बार चाय बनती थी, लेकिन अब खर्च को देखते हुए चाय की खपत भी कम करनी पड़ रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरसों के तेल और डालडा के दाम भी बढ़े हुए हैं। ऐसे में परिवार के अन्य खर्चों को संतुलित करना मुश्किल हो रहा है।
थोक बाजार में भी खरीदारी घटी
चीनी की बढ़ती कीमत का असर थोक कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। थोक दुकानदार बड़े बिश्नोई के मुताबिक, पिछले महीने की तुलना में इस महीने चीनी के रेट में करीब 15 रुपये की तेजी आई है।
उनके अनुसार, 50 किलो की बोरी अब करीब 3000 रुपये की पड़ रही है। कीमत बढ़ने के कारण ग्राहक भाव सुनकर कई बार वापस चले जाते हैं। पहले जो ग्राहक दो कट्टे तक चीनी खरीदते थे, अब कई ग्राहक केवल एक कट्टा लेकर ही काम चला रहे हैं।
बड़े बिश्नोई ने बताया कि रिफाइंड के दाम में भी करीब दो रुपये की तेजी आई है। उनके मुताबिक, कीमतों में बदलाव का सीधा असर थोक खरीदारी पर पड़ रहा है।
दूसरे जिलों से आने वाले व्यापारियों पर भी असर
औरैया के बाजार में दूसरे जिलों से खरीदारी करने पहुंचने वाले व्यापारियों पर भी बढ़ती कीमतों का असर पड़ा है। जालौन जिले के सिरसा कलार निवासी व्यापारी कमलेश ने बताया कि पहले वह पुराने रेट पर पांच बोरी तक चीनी खरीद लेते थे।
अब बिक्री कम होने के कारण उन्हें एक या दो बोरी से ही काम चलाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ग्राहक भी महंगाई के कारण पहले की तुलना में कम चीनी खरीद रहा है। इसलिए थोक में खरीदारी बढ़ाने का जोखिम व्यापारी नहीं लेना चाहते।
कारोबारियों को आने वाले दिनों की चिंता
औरैया के व्यापारियों का कहना है कि अगर खाद्य पदार्थों की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले त्योहारों में बाजार की बिक्री प्रभावित हो सकती है। त्योहारों के दौरान सामान्य तौर पर खरीदारी बढ़ती है, लेकिन महंगाई के कारण ग्राहक अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार खर्च कर सकते हैं।
ऐसे में व्यापारी चाहते हैं कि खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि कीमतों में स्थिरता आने से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और बाजार में खरीदारी भी सामान्य हो सकेगी।
आम आदमी और व्यापारी दोनों प्रभावित
फिलहाल औरैया में चीनी समेत अन्य खाद्य पदार्थों के बढ़ते दामों ने उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर जहां ग्राहकों को अपने घरेलू बजट में बदलाव करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर दुकानदारों को कम बिक्री का सामना करना पड़ रहा है।
यदि आने वाले दिनों में कीमतों में स्थिरता आती है तो बाजार में खरीदारी फिर बढ़ सकती है। हालांकि, फिलहाल चीनी के बढ़े दामों का असर खुदरा और थोक दोनों बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। व्यापारियों और ग्राहकों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में क्या बदलाव होता है।

