श्रावस्ती के गिलौला में गैस रिफिलिंग के दौरान लगी आग, गंभीर रूप से झुलसी युवती – आगे जानिए हुआ क्या?
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के गिलौला कस्बे में गैस रिफिलिंग के दौरान आग लगने की घटना सामने आई है। अचानक लगी आग की चपेट में आने से एक युवती गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल युवती को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गिलौला पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बहराइच रेफर कर दिया।
यह घटना गिलौला कस्बे में हनुमान मंदिर के पास हुई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और दुकान में गैस रिफिलिंग का काम किस प्रकार किया जा रहा था।
गैस रिफिलिंग के दौरान अचानक लगी आग
जानकारी के अनुसार, गिलौला कस्बे के हनुमान मंदिर के पास एक दुकान पर कथित रूप से गैस रिफिलिंग का काम किया जाता था। इसी दौरान अचानक आग लग गई। आग की चपेट में वहां मौजूद एक युवती आ गई और वह गंभीर रूप से झुलस गई।
बताया जा रहा है कि संबंधित दुकान दुर्गेश लड़के पुत्र छेदी राम की बताई जा रही है। हालांकि, दुकान पर गैस रिफिलिंग का काम किया जा रहा था या नहीं और यह गतिविधि नियमानुसार थी अथवा नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
गोरखपुर की युवती किराए के मकान में रह रही थी
हादसे में घायल युवती के बारे में बताया जा रहा है कि वह मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली है और गिलौला में किराए के मकान में रह रही थी। घटना के समय वह आग की चपेट में आ गई, जिससे उसके शरीर पर गंभीर झुलसने की चोटें आईं।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवती को इलाज के लिए सीएचसी गिलौला पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। स्थिति गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए उसे बहराइच रेफर किया गया। युवती का उपचार जारी है।
स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवती की मदद की। स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके बाद स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
वहीं, घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी ली। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किस वजह से लगी और घटना के पीछे कोई लापरवाही थी या नहीं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच का एक प्रमुख बिंदु कथित गैस रिफिलिंग भी है। यदि दुकान पर बिना अनुमति या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए गैस रिफिलिंग की जा रही थी, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, फिलहाल पुलिस की ओर से जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए गैस रिफिलिंग से संबंधित दावे को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट माना जाएगा।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुकान पर किस प्रकार की गैस गतिविधि की जा रही थी, वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और आग लगने के समय कौन-कौन लोग मौजूद थे। इसके अलावा घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
गैस से जुड़े काम में सुरक्षा जरूरी
गैस सिलेंडर से जुड़े किसी भी कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। रिफिलिंग जैसे कार्य के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होती है कि वे नियमों के तहत संचालित गतिविधियों की निगरानी करें और जहां आवश्यक हो, वहां कार्रवाई करें।
गिलौला की घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी गैस रिफिलिंग को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर इस तरह का काम किया जा रहा है तो वहां सुरक्षा व्यवस्था और वैधता की जांच होनी चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस घटना में युवती के गंभीर रूप से झुलसने की पुष्टि हुई है और उसका इलाज बहराइच में कराया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस घटनास्थल की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण और कथित गैस रिफिलिंग की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गिलौला कस्बे के हनुमान मंदिर के पास हुई इस घटना ने एक बार फिर गैस से जुड़े कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस और संबंधित विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

