मेरठ में SIR को लेकर AAP का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची की जांच की मांग
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर राजनीतिक विरोध लगातार सामने आ रहा है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को मेरठ में प्रदर्शन करते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगाए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
AAP के प्रदेश प्रवक्ता एवं मेरठ जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क में एकत्र हुए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला और जिलाधिकारी कार्यालय की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
SIR प्रक्रिया को लेकर AAP ने उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि इस प्रक्रिया में कई ऐसे मतदाताओं के नाम भी प्रभावित हुए हैं, जिन्हें वे वैध मतदाता बता रहे हैं।
अंकुश चौधरी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और नागरिकों के मतदान अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाए रखने की है। इसलिए पार्टी इस मामले में स्पष्ट जानकारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
हालांकि, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में नामों को लेकर लगाए गए आरोपों को AAP के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। SIR निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की समीक्षा का एक हिस्सा है और अलग-अलग राजनीतिक दल इस प्रक्रिया को लेकर अपनी-अपनी आपत्तियां और मांगें सामने रख रहे हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया की निगरानी में मतदाता सूची में कथित अनियमितताएं हुई हैं।
AAP जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने कहा कि यदि मतदाता सूची में किसी नागरिक का नाम गलत तरीके से हटता है तो इससे उसके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा मतदाता सूची को पारदर्शी तरीके से दुरुस्त किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की लड़ाई किसी एक चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अनुसार यह संविधान और नागरिकों के मताधिकार से जुड़ा विषय है।
कमिश्नरी पार्क से डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च
प्रदर्शन की शुरुआत कमिश्नरी पार्क से हुई। यहां बड़ी संख्या में AAP कार्यकर्ता एकत्र हुए और हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर पैदल मार्च पर निकले। कार्यकर्ताओं ने रास्ते में नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध दर्ज कराया।
इसके बाद प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे के साथ-साथ मतदाता सूची में कथित हेरफेर की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस
SIR को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक दलों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। वहीं, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड और पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है।
इसी वजह से SIR को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र मतदाता सूची की पारदर्शिता और नामों के सत्यापन पर है। हाल के दिनों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी विपक्षी दलों के प्रदर्शन हुए हैं।
ऐसे में मेरठ में AAP का प्रदर्शन भी इसी व्यापक राजनीतिक विवाद की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अंकुश चौधरी ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आम आदमी पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाता सूची में पारदर्शिता और नागरिकों के मतदान अधिकार से जुड़े मुद्दे को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी।
AAP नेता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का असर लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ सकता है। इसलिए उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग से पूरे मामले में स्पष्टता लाने की मांग की।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
मेरठ में हुए इस प्रदर्शन में AAP के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। इनमें कैंट विधानसभा अध्यक्ष भरत लाल यादव, विधानसभा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, जिला महासचिव हेम कुमार, जिला सचिव वैभव मलिक, अतुल नागर, गजेंद्र सिंह, राहुल खटीक, विचित्र सिसोदिया, प्रदेश उपाध्यक्ष संजय जोशी, पश्चिम प्रांत प्रभारी रंजना तिवारी, जिला उपाध्यक्ष मनोज शर्मा और जिला कोषाध्यक्ष रियाज मलिक सहित कई नेता शामिल रहे।
इसके अलावा अनमोल कौरी, नावेद खान, असगर सिद्दीकी, सलीम मंसूरी, दया सिंह, विकास रस्तौगी, मौ. फिरोज, मुस्तकीम, साईश्ता, साइबा परवीन, राजू, यासीन मलिक, फलक चौहान, हबीब अंसारी, अशफाक अंसारी, हाजी यूनुस, आफाक अंसारी, नदीम, शादाब और गुलफाम समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
फिलहाल, मेरठ में SIR और मतदाता सूची को लेकर आम आदमी पार्टी का यह प्रदर्शन राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाता है। पार्टी ने जहां मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है, वहीं इस पूरे मुद्दे पर आगे की कार्रवाई संबंधित चुनावी प्रक्रिया और आधिकारिक जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।

