आजमगढ़ में 32 मुकदमों वाले गैंग पर गैंगस्टर एक्ट का शिकंजा, वांछित हीरालाल यादव गिरफ्तार
Digital UP News Desk
आजमगढ़: तरवां थाना पुलिस ने लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, धमकी और अवैध असलहे समेत कई गंभीर मामलों में कथित रूप से संलिप्त गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित अभियुक्त हीरालाल यादव को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी को 22 अगस्त 2026 की सुबह सरायभादी गांव के बाहर स्थित खेत से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि संबंधित गैंग के सदस्यों के खिलाफ आजमगढ़, गाजीपुर और वाराणसी समेत अलग-अलग जिलों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। गैंग के सरगना जामवन्त यादव उर्फ जमुना यादव के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, अवैध असलहा और एनडीपीएस एक्ट समेत कुल 32 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इसी क्रम में गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित अभियुक्त की तलाश कर रही तरवां पुलिस को सफलता मिली।
गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित था हीरालाल
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हीरालाल यादव पुत्र अछैवर यादव निवासी सरायभादी, थाना तरवां, आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने उसे उसके घर से करीब 700 से 800 मीटर दूर गांव के बाहर खेत से गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय हीरालाल यादव सुबह के समय खेत की ओर मौजूद था। इसी दौरान पुलिस टीम ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया। कार्रवाई थानाध्यक्ष तरवां राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई।
पुलिस का कहना है कि हीरालाल गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मुकदमे में वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मिट्टी उठाने के विवाद से जुड़ा था पुराना मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस गैंग से जुड़े आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2021 में भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। 1 जनवरी 2021 को सरायभादी गांव निवासी सुबाष यादव ने तरवां थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के मुताबिक, मिट्टी उठाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप था कि इसी विवाद के बाद गांव के जामवन्त यादव उर्फ जमुना यादव और हीरालाल यादव शिकायतकर्ता के दरवाजे पर पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, दोनों पर गाली-गलौज करने, धमकी देने और जान से मारने की नीयत से अवैध असलहे से फायर करने का आरोप लगाया गया था।
इस मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपों से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की।
पुलिस कस्टडी रिमांड में बरामद हुआ था तमंचा
पुलिस के अनुसार, इसी मामले की विवेचना के दौरान जामवन्त यादव उर्फ जमुना यादव की पुलिस कस्टडी रिमांड ली गई थी। रिमांड के दौरान उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस ने इस बरामदगी को भी मामले की विवेचना का हिस्सा बनाया। इसके बाद गैंग से जुड़े सदस्यों की आपराधिक गतिविधियों और उनके पुराने मुकदमों की जानकारी जुटाई गई।
पुलिस का कहना है कि अलग-अलग घटनाओं और मुकदमों में आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद उनके आपराधिक इतिहास को संकलित किया गया। इसी आधार पर आगे गैंगचार्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
वाराणसी के मिर्जामुराद में भी दर्ज हुआ था लूट का मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, 28 अप्रैल 2025 को वाराणसी जिले के मिर्जामुराद थाने में लूट से संबंधित मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की विवेचना आगे बढ़ने पर जामवन्त यादव उर्फ जमुना यादव के साथ सुमित यादव और प्रदुम्मन यादव के नाम भी सामने आए।
पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान आरोपियों की गतिविधियों और उनके पूर्व आपराधिक इतिहास की जानकारी एकत्र की गई। इसके बाद पुलिस ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ गैंगचार्ट तैयार किया।
पुलिस के अनुसार, आपराधिक गतिविधियों के लगातार सामने आने और पूर्व के मुकदमों को देखते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसी मामले में हीरालाल यादव वांछित चल रहा था।
सरगना पर दर्ज बताए गए हैं 32 मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर गैंग के कथित सरगना जामवन्त यादव उर्फ जमुना यादव के खिलाफ विभिन्न जिलों में कुल 32 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, अवैध असलहा और एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, जामवन्त यादव के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर और वाराणसी में भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने इन्हीं आपराधिक गतिविधियों और पूर्व के मामलों के आधार पर गैंगचार्ट तैयार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमे आरोपों या अभियोजन की स्थिति को दर्शाते हैं; अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करती है।
हीरालाल के खिलाफ चार मुकदमों का पुलिस ने किया उल्लेख
गिरफ्तार हीरालाल यादव के खिलाफ भी तरवां थाने में कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी समेत अन्य धाराओं में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में वांछित होने के कारण उसकी तलाश की जा रही थी। लगातार निगरानी और जानकारी जुटाने के बाद पुलिस टीम को उसके गांव के बाहर खेत में मौजूद होने की सूचना मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने चलाया अभियान
तरवां थाना पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनके खिलाफ लगातार आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इसी क्रम में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि किसी भी मामले में कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों, जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की जाती है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
हीरालाल यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में संबंधित दस्तावेजों और मुकदमे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बाद अब गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ लंबित मामलों को लेकर भी निगरानी बढ़ाई जा सकती है। पुलिस संबंधित मुकदमों की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई यह गिरफ्तारी पुलिस की अपराध नियंत्रण कार्रवाई का हिस्सा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हीरालाल यादव को 22 अगस्त की सुबह सरायभादी गांव के बाहर खेत से गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों और गैंगस्टर एक्ट के मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

