हमीरपुर में बाढ़ और आपदा से बचाव के लिए जन-जागरूकता अभियान शुरू, गांवों में पहुंचेंगे आपदा मित्र
रिपोर्ट- मो अकरम
हमीरपुर: उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में हमीरपुर जिले में बाढ़ एवं अन्य आपदाओं से जनसामान्य की सुरक्षा और आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। अभियान का शुभारंभ कलेक्ट्रेट परिसर से किया गया।
अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विजय सिंह ने जन-जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार वाहन जिले के बाढ़ प्रभावित और बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी देगा।
जिला प्रशासन की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को संभावित आपदाओं के प्रति पहले से सतर्क करना और आपदा की स्थिति में सुरक्षित कदम उठाने के लिए तैयार करना है। इसके तहत बाढ़ के अलावा वज्रपात, सर्पदंश, डूबने तथा अन्य आपदाओं से बचाव के संबंध में ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी दी जाएगी।
संवेदनशील गांवों तक पहुंचेगा प्रचार वाहन
अभियान के तहत जनपद के बाढ़ प्रभावित और बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील ग्राम पंचायतों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इसके लिए विशेष प्रचार वाहन तैयार किया गया है। वाहन में पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और लाउडस्पीकर की व्यवस्था की गई है।
इन माध्यमों से ग्रामीणों और आम लोगों को आपदा से बचाव से जुड़े जरूरी संदेश लगातार सुनाए जाएंगे। विशेष रूप से बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, वज्रपात से बचाव, सर्पदंश की स्थिति में उठाए जाने वाले कदम और डूबने की घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
प्रशासन का प्रयास है कि जागरूकता संदेश केवल मुख्य सड़कों या बाजारों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों के अंदरूनी हिस्सों तक भी पहुंचें। इसके लिए प्रचार वाहन को संवेदनशील क्षेत्रों में भेजा जाएगा।
आपदा मित्र ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद
इस अभियान की खास बात यह है कि प्रचार वाहन के साथ प्रशिक्षित आपदा मित्र और प्रशिक्षक भी तैनात किए गए हैं। ये आपदा मित्र ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें आपदा के समय क्या करना चाहिए तथा किन बातों से बचना चाहिए, इसकी जानकारी देंगे।
आपदा मित्र गांवों की आंतरिक गलियों के साथ-साथ प्राथमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक चौपालों तक पहुंचेंगे। इन स्थानों पर ग्रामीणों को आपदा से पहले की तैयारी और आपदा के दौरान सुरक्षित रहने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा।
इसके अलावा ग्रामीणों को जागरूकता पैम्फलेट भी वितरित किए जाएंगे। इन पैम्फलेट के माध्यम से लोग आवश्यक जानकारी को अपने पास सुरक्षित रख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग कर सकेंगे।
सार्वजनिक भवनों पर लगाए जाएंगे जागरूकता बोर्ड
अभियान के दौरान संवेदनशील ग्रामों में सार्वजनिक भवनों पर जागरूकता बोर्ड लगाने की भी व्यवस्था की गई है। इन बोर्डों पर बाढ़, सर्पदंश, वज्रपात और डूबने से बचाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को आपदा संबंधी जरूरी जानकारी उनके आसपास ही आसानी से उपलब्ध हो सके। सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए बोर्ड लोगों को सामान्य दिनों में भी सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करेंगे।
इसके साथ ही आपदा की स्थिति में लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने में भी ये बोर्ड मददगार साबित हो सकते हैं। प्रशासन का मानना है कि नियमित जागरूकता से लोग आपदा के समय घबराने के बजाय सावधानी और समझदारी के साथ निर्णय ले सकेंगे।
बाढ़ से पहले तैयारी पर जोर
जिला प्रशासन की ओर से अभियान के माध्यम से विशेष रूप से पूर्व तैयारी पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि आपदा आने के बाद बचाव कार्य शुरू करने के साथ-साथ उससे पहले लोगों को तैयार करना भी बेहद जरूरी है।
बाढ़ की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को संभावित खतरे की जानकारी पहले से होना आवश्यक है। इसी तरह वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से बचने, सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने जैसी जानकारी लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है।
इसलिए अभियान के दौरान ग्रामीणों को केवल खतरे के बारे में जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
क्या करें और क्या न करें की दी जाएगी जानकारी
आपदा मित्रों और प्रशिक्षकों द्वारा ग्रामीणों को अलग-अलग परिस्थितियों में क्या करें और क्या न करें, इसकी जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए तैयार करना है।
बाढ़ की स्थिति में प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने, सुरक्षित स्थान पर जाने और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने के बारे में बताया जाएगा। वहीं, वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने और खुले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जानकारी दी जाएगी।
सर्पदंश जैसी स्थिति में भी तत्काल चिकित्सा सहायता लेने और गलत घरेलू उपायों से बचने के संबंध में लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसी प्रकार नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत के बारे में भी ग्रामीणों को बताया जाएगा।
जन-धन की हानि कम करना प्रशासन का उद्देश्य
जिला प्रशासन के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आपदा के कारण होने वाली जन-धन की संभावित हानि को न्यूनतम करना है। इसके लिए जागरूकता और पूर्व तैयारी को सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है।
अपर जिलाधिकारी विजय सिंह ने प्रचार वाहन को रवाना करते समय अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। प्रशासन की कोशिश है कि जिले के अधिक से अधिक संवेदनशील क्षेत्रों तक जागरूकता संदेश पहुंचाया जाए।
प्रशासन का मानना है कि यदि लोगों को पहले से संभावित जोखिमों और सुरक्षा उपायों की जानकारी होगी तो आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
आपदा मित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण
आपदा प्रबंधन व्यवस्था में प्रशिक्षित आपदा मित्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हमीरपुर में शुरू किए गए इस अभियान में भी आपदा मित्रों को ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूकता संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
आपदा मित्र स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं तथा आशंकाओं को समझते हुए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को ग्रामीणों तक पहुंचाने में भी सहयोग करेंगे।
इससे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, आपदा के समय स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और प्रशिक्षित लोगों की भूमिका भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।
अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद
जन-जागरूकता अभियान के शुभारंभ के अवसर पर जिला आपदा विशेषज्ञ प्रियेश रंजन मालवीय, प्रशिक्षित आपदा मित्र ऋषभ देव और वीरू मौजूद रहे। इसके अलावा आपदा अनुभाग से रोहित कुमार, रोहित कुमार निषाद और अम्बरीष चौरसिया भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने अभियान की रूपरेखा तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को लेकर सहयोग सुनिश्चित किया। अभियान के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
जिला प्रशासन ने जनसामान्य से अपील की है कि वे आपदा संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। लोगों से कहा गया है कि वे स्वयं सुरक्षित रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी आपदा से बचाव के प्रति जागरूक करें।
प्रशासन ने यह भी संदेश दिया है कि आपदा के समय अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा किया जाए। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित प्रशासनिक एवं राहत एजेंसियों के निर्देशों का पालन किया जाए।
कुल मिलाकर, हमीरपुर में शुरू किया गया यह जन-जागरूकता अभियान बाढ़ और अन्य आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रचार वाहन, आपदा मित्र, प्रशिक्षक, जागरूकता पैम्फलेट और सार्वजनिक भवनों पर लगाए जाने वाले बोर्डों के माध्यम से लोगों तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाई जाएगी।
प्रशासन का लक्ष्य है कि आपदा आने से पहले ही अधिक से अधिक लोगों को जागरूक और सतर्क किया जाए, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को कम किया जा सके।

