लखीमपुर खीरी में उल्ल नदी का जलस्तर बढ़ा, सुआगाड़ा-बनवारीपुर मार्ग पर जलभराव – डीएम ने दिए यह निर्देश
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी: उल्ल नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण शहर से सटे सुआगाड़ा-बनवारीपुर मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़क के कुछ हिस्सों में पानी भरने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आमजन की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह बुधवार को संबंधित अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जलभराव की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर सड़क मार्ग की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने वहां मौजूद स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत कर जलभराव और आवागमन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान डीएम ने लोगों से यह भी पूछा कि पिछले वर्षों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर इस मार्ग पर किस तरह की स्थिति उत्पन्न होती रही है।
स्थानीय लोगों से डीएम ने ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर वर्तमान परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। उन्होंने लोगों से नदी के जलस्तर में हुई वृद्धि और सड़क पर पानी आने के बाद आवागमन पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में जानकारी ली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सड़क के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है। हालांकि, वर्तमान में जलस्तर धीरे-धीरे कम होने की स्थिति में है। ऐसे में आने वाले समय में जलभराव की स्थिति में भी सुधार होने की उम्मीद है।
डीएम ने स्थानीय लोगों की बात सुनने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। खास तौर पर नदी के जलस्तर और सड़क पर जलभराव की स्थिति की नियमित निगरानी करने को कहा गया, ताकि परिस्थितियों में किसी तरह का बदलाव होने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
आवागमन को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन के आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखी जाएं। उन्होंने कहा कि यदि जलभराव की स्थिति बढ़ती है या सड़क पर आवागमन प्रभावित होता है तो स्थानीय स्तर पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।
इसके अलावा डीएम ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल प्राप्त की जाए और उसका उचित समाधान कराया जाए। प्रशासन का उद्देश्य यही है कि जलस्तर में उतार-चढ़ाव के दौरान लोगों को आवागमन में कम से कम परेशानी हो।
दरअसल, बरसात के मौसम में नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में इसका असर दिखाई देता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। सुआगाड़ा से बनवारीपुर जाने वाला मार्ग स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां जलभराव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
सड़क की स्थिति का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क के उन हिस्सों को भी देखा, जहां जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने अधिकारियों से सड़क पर पानी की स्थिति, जलस्तर में कमी और वाहनों के आवागमन से संबंधित जानकारी ली।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को मौके की स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद डीएम ने निर्देश दिया कि जलभराव कम होने तक संबंधित विभाग स्थिति की लगातार निगरानी करते रहें। साथ ही, लोगों को किसी तरह की असुविधा होने पर तत्काल जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से यह भी कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौके पर जरूरी व्यवस्थाएं बनाए रखी जाएं। यदि जलस्तर दोबारा बढ़ता है तो उसके प्रभाव का आकलन करते हुए समय पर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने पर दिया जोर
उल्ल नदी के बढ़े जलस्तर के बीच प्रशासन की ओर से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को जलस्तर और सड़क पर पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की कोशिश है कि नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी समय रहते मिलती रहे और उसके अनुसार स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं की जा सकें। वहीं, स्थानीय लोगों से भी किसी तरह की समस्या सामने आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी देने की अपील की गई है।
फिलहाल स्थानीय लोगों के अनुसार नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके बावजूद सुआगाड़ा-बनवारीपुर मार्ग पर जलभराव की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक प्रशासन की निगरानी जारी रहेगी। अधिकारियों को सड़क पर आवागमन की स्थिति पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह के स्थलीय निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके झा, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत रवींद्र कुमार गुप्ता, अवर अभियंता जिला पंचायत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इस निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने जलस्तर बढ़ने से प्रभावित सड़क मार्ग की स्थिति को मौके पर जाकर समझा और स्थानीय लोगों से सीधे जानकारी ली। फिलहाल जलस्तर में कमी आने की जानकारी के बीच प्रशासन ने अधिकारियों को सतर्क रहने और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

